2 सितंबर 2026
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नोएडा में प्रेमी जोड़े समेत तीन चोर गिरफ्तार, कैफे बंद होने के बाद बनाया चोरी का गैंग

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नोएडा में प्रेमी जोड़े समेत तीन चोर गिरफ्तार, कैफे बंद होने के बाद बनाया चोरी का गैंग

सारांश

कैफे बंद होने के बाद महंगे शौक पूरे करने की चाहत ने एक लिव-इन कपल और उनके साथी को चोर बना दिया। नोएडा पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से तीनों को दबोचा — दिन में चोरी, रात में पार्टी का यह सिलसिला अब खत्म हुआ।

मुख्य बातें

नोएडा पुलिस ने 2 सितंबर को सेक्टर-123 के पास से तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर (30) , इरफान उर्फ इमरान (32) और सोनाली (24) के रूप में हुई; कैलाश और सोनाली लिव-इन पार्टनर हैं।
सोनाली गैंग की मुखिया थी और बंद मकानों की रेकी करती थी।
बरामदगी में ₹3.5 लाख नकद , 5 लैपटॉप , 2 टैबलेट , 6 मोबाइल फोन , ज्वैलरी, चोरी की कार और फर्जी नंबर प्लेट शामिल हैं।
तीनों आरोपियों के खिलाफ नोएडा और मथुरा में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस जाँच कर रही है कि गैंग ने नोएडा और एनसीआर में कितनी और वारदातें की हैं।

नोएडा पुलिस ने 2 सितंबर 2026 को एक शातिर चोर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक लिव-इन कपल भी शामिल है। सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के ज़रिये तीनों को सेक्टर-123 स्थित श्मशान घाट के पास से दबोचा। पुलिस के अनुसार, कैफे का कारोबार ठप होने के बाद आर्थिक तंगी और महंगे शौक पूरे करने की चाहत ने इन्हें चोरी की राह पर धकेल दिया।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर (30), इरफान उर्फ इमरान (32) और सोनाली (24) के रूप में हुई है। कैलाश और सोनाली लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं। पूछताछ में सामने आया कि तीनों ने पहले गाजियाबाद और बाद में नोएडा में कैफे चलाया था, लेकिन कारोबार में नुकसान होने के बाद कैफे बंद हो गया।

गैंग का तरीकावार

पुलिस के मुताबिक, सोनाली गैंग की मुखिया थी और बंद मकानों की रेकी में अहम भूमिका निभाती थी। गैंग के सदस्य सिर पर कैप और चेहरे पर मास्क लगाकर हाईराइज सोसाइटियों में घूमते थे, ताकि पहचान न हो सके। रेकी के दौरान यह देखा जाता था कि कौन-सा फ्लैट या मकान बंद है और वहाँ कोई आवाजाही है या नहीं। इसके बाद तीनों आरोपी कार से मौके पर पहुँचते और बंद पड़े मकानों को निशाना बनाते थे।

घर में घुसने के बाद आरोपी सोने-चाँदी की ज्वैलरी, नकदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट समेत अन्य कीमती सामान चुराकर फरार हो जाते थे। जाँच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिन के समय चोरी की वारदातें अंजाम देते थे और रात में रेस्तरां व बार में जाकर पार्टी करते थे।

बरामद सामान

सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की पीली और सफेद धातु की ज्वैलरी, पाँच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और ₹3.5 लाख नकद बरामद किए हैं। चोरी में इस्तेमाल की गई कार और उस पर लगी फर्जी नंबर प्लेट भी ज़ब्त की गई है। बरामद पाँच लैपटॉप थाना सेक्टर-113 और थाना सेक्टर-49 में दर्ज चोरी के मुकदमों से संबंधित बताए गए हैं, जबकि दो टैबलेट थाना सेक्टर-49 के एक मुकदमे से जुड़े हैं।

पुराने आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों के खिलाफ नोएडा और मथुरा में चोरी समेत अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। कैलाश उर्फ दिवाकर के खिलाफ थाना फेस-2, थाना सेक्टर-49, थाना गोविन्दनगर मथुरा और थाना सेक्टर-113 में मुकदमे दर्ज हैं। इरफान उर्फ इमरान और सोनाली के खिलाफ भी थाना सेक्टर-49, थाना गोविन्दनगर मथुरा तथा थाना सेक्टर-113 में चोरी से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।

आगे की जाँच

पुलिस अब बरामद अन्य सामान की पड़ताल कर रही है कि वह किन-किन वारदातों से जुड़ा है। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि गैंग ने नोएडा और एनसीआर के अन्य इलाकों में कितनी घटनाओं को अंजाम दिया। पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पारंपरिक अपराध-प्रोफाइलिंग को चुनौती देता है। नोएडा जैसे हाईराइज-घनत्व वाले शहरों में दिन के उजाले में सुनियोजित रेकी और कैप-मास्क की रणनीति यह दर्शाती है कि सोसाइटी सुरक्षा तंत्र में गंभीर खामियाँ हैं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि नोएडा और मथुरा में पहले से दर्ज मुकदमों के बावजूद यह गैंग इतने लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहा।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में गिरफ्तार चोर गैंग कौन है और इसमें कितने लोग शामिल थे?
नोएडा पुलिस ने तीन सदस्यीय चोर गैंग को गिरफ्तार किया है — कैलाश उर्फ दिवाकर (30), इरफान उर्फ इमरान (32) और सोनाली (24)। कैलाश और सोनाली लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं और सोनाली गैंग की मुखिया बताई गई है।
इन आरोपियों ने चोरी का रास्ता क्यों अपनाया?
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने पहले गाजियाबाद और फिर नोएडा में कैफे चलाया था, लेकिन कारोबार में नुकसान के बाद कैफे बंद हो गया। आर्थिक तंगी के बावजूद महंगे शौक बनाए रखने के लिए तीनों ने चोरी शुरू की।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹3.5 लाख नकद, पाँच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन, सोने-चाँदी की ज्वैलरी, चोरी में इस्तेमाल कार और फर्जी नंबर प्लेट बरामद की है।
गैंग चोरी की वारदातें कैसे अंजाम देता था?
गैंग के सदस्य कैप और मास्क लगाकर हाईराइज सोसाइटियों में रेकी करते थे और बंद फ्लैटों की पहचान करते थे। इसके बाद कार से मौके पर पहुँचकर बंद मकानों को निशाना बनाते और ज्वैलरी, नकदी व इलेक्ट्रॉनिक सामान चुराकर फरार हो जाते थे।
क्या इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हैं?
हाँ, पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ नोएडा और मथुरा में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। कैलाश के खिलाफ थाना फेस-2, सेक्टर-49, गोविन्दनगर मथुरा और सेक्टर-113 में मुकदमे हैं, जबकि इरफान और सोनाली के खिलाफ भी इन्हीं थानों में मामले दर्ज हैं।
राष्ट्र प्रेस
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