10 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू 12 अक्टूबर से भारत दौरे पर, 300 प्रतिनिधियों का ऐतिहासिक ट्रेड मिशन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू 12 अक्टूबर से भारत दौरे पर, 300 प्रतिनिधियों का ऐतिहासिक ट्रेड मिशन

सारांश

30 से अधिक वर्षों में कनाडा का सबसे बड़ा ट्रेड डेलीगेशन भारत पहुँचने वाला है — 300 प्रतिनिधि, दो शहर, पाँच क्षेत्र और $70 बिलियन का व्यापार लक्ष्य। राजनयिक तनाव के बाद यह मिशन भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत का संकेत है।

मुख्य बातें

कनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक भारत के दौरे पर रहेंगे।
300 कनाडाई व्यापारिक प्रतिनिधियों का दल इस मिशन में शामिल, जो 30+ वर्षों का सबसे बड़ा कनाडाई ट्रेड डेलीगेशन है।
प्रतिनिधिमंडल मुंबई और बेंगलुरु में भारतीय अधिकारियों व उद्योगपतियों से मिलेगा।
मिशन में एयरोस्पेस, क्लीन टेक, ICT, लाइफ साइंसेज और एग्री-फूड क्षेत्रों की कंपनियाँ भाग लेंगी।
लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार $70 बिलियन तक पहुँचाना और CEPA को इस वर्ष अंतिम रूप देना।

कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। उनके साथ 300 कनाडाई व्यापारिक प्रतिनिधियों का एक विशाल दल होगा, जो 30 से अधिक वर्षों में कनाडा द्वारा भारत भेजा गया सबसे बड़ा वाणिज्यिक शिष्टमंडल है। कनाडाई सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, यह 'टीम कनाडा ट्रेड मिशन' हाल के वर्षों में भारत के साथ कनाडा का सबसे बड़ा वाणिज्यिक जुड़ाव होगा।

दौरे का दायरा और उद्देश्य

इस ट्रेड मिशन के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल मुंबई और बेंगलुरु का दौरा करेगा, जहाँ भारतीय अधिकारियों और प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठकें निर्धारित हैं। मिशन का मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक संबंधों को प्रगाढ़ करना और नई द्विपक्षीय साझेदारियाँ स्थापित करना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को वर्ष के अंत तक अंतिम रूप देने की कोशिशों में लगे हैं।

कौन-से क्षेत्र हैं शामिल

इस ट्रेड मिशन में कनाडा के पाँच प्रमुख क्षेत्रों की कंपनियाँ भाग लेंगी — एयरोस्पेस और स्पेस, क्लीन टेक्नोलॉजी और एनर्जी ट्रांजिशन, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT), लाइफ साइंसेज और एग्री-फूड। ये वे क्षेत्र हैं जहाँ कनाडा की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की बढ़ती माँग के बीच महत्त्वपूर्ण तालमेल की संभावना देखी जा रही है।

मंत्री सिद्धू का बयान

मंत्री मनिंदर सिद्धू ने इस अवसर पर कहा, 'लगभग 300 कनाडाई बिजनेस प्रतिनिधि टीम कनाडा ट्रेड मिशन में शामिल हो रहे हैं, जिसका नेतृत्व मैं अगले सप्ताह भारत में करूँगा। इसका मकसद दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक में हमारे व्यवसायों और श्रमिकों के लिए नए अवसर पैदा करना है।' उन्होंने यह भी कहा कि एयरोस्पेस, एग्री-फूड और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कनाडाई विशेषज्ञता को भारत की बढ़ती माँग से जोड़कर 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $70 बिलियन तक पहुँचाने का लक्ष्य है — जो मौजूदा स्तर से दोगुने से भी अधिक होगा।

भारत-कनाडा व्यापार संबंधों का संदर्भ

गौरतलब है कि भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव के बाद व्यापारिक संबंधों में एक दौर की ठंडक आई थी। ऐसे में यह मिशन द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है।

आगे क्या होगा

इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच CEPA वार्ता को और गति मिलने की उम्मीद है। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस मिशन से द्विपक्षीय निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं, विशेषकर स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कूटनीतिक संदेश भी है — राजनयिक तनाव के बाद दोनों देश सामान्यीकरण की राह पर लौटना चाहते हैं। हालाँकि $70 बिलियन का लक्ष्य महत्त्वाकांक्षी है; मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार इससे कहीं कम है और CEPA वार्ता वर्षों से लटकी है। असली कसौटी यह होगी कि इस मिशन के बाद ठोस सौदे कितने होते हैं और CEPA की समयसीमा पर कितनी प्रगति दिखती है — घोषणाएँ तो पहले भी होती रही हैं।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू का भारत दौरा कब है?
मनिंदर सिद्धू 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक भारत के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे मुंबई और बेंगलुरु में भारतीय अधिकारियों और उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे।
टीम कनाडा ट्रेड मिशन 2026 में कितने प्रतिनिधि हैं?
इस मिशन में लगभग 300 कनाडाई व्यापारिक प्रतिनिधि शामिल हैं। कनाडाई सरकार के अनुसार यह 30 से अधिक वर्षों में भारत भेजा गया सबसे बड़ा कनाडाई ट्रेड डेलीगेशन है।
भारत-कनाडा CEPA समझौता क्या है और इसकी स्थिति क्या है?
CEPA यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement) भारत और कनाडा के बीच मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित है। मंत्री सिद्धू का यह दौरा इस समझौते को वर्ष 2026 के अंत तक अंतिम रूप देने की कोशिशों का हिस्सा है।
इस ट्रेड मिशन में कनाडा के कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
मिशन में एयरोस्पेस और स्पेस, क्लीन टेक्नोलॉजी और एनर्जी ट्रांजिशन, ICT, लाइफ साइंसेज और एग्री-फूड क्षेत्रों की कंपनियाँ भाग लेंगी। ये वे क्षेत्र हैं जहाँ कनाडा और भारत के बीच परस्पर लाभकारी साझेदारी की सर्वाधिक संभावना है।
भारत-कनाडा व्यापार का 2030 तक का लक्ष्य क्या है?
मंत्री सिद्धू ने कहा है कि दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $70 बिलियन से अधिक पर पहुँचाना चाहते हैं, जो मौजूदा स्तर से दोगुने से भी अधिक होगा। यह लक्ष्य CEPA समझौते और इस तरह के व्यापारिक मिशनों के ज़रिये हासिल करने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले