14 अक्टूबर 2026
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कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने एयर इंडिया सीसीओ से की मुलाकात, विमान खरीद और हवाई कनेक्टिविटी पर चर्चा

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कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने एयर इंडिया सीसीओ से की मुलाकात, विमान खरीद और हवाई कनेक्टिविटी पर चर्चा

सारांश

कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू नई दिल्ली में एयर इंडिया के सीसीओ से मिले — यह मुलाकात 300 कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ भारत के 30 साल के सबसे बड़े कनाडाई ट्रेड मिशन का हिस्सा है। लक्ष्य है 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना, और सीईपीए पर बातचीत पाँचवें दौर से आगे बढ़ रही है।

मुख्य बातें

कनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एयर इंडिया सीसीओ निपुण अग्रवाल से मुलाकात की।
बैठक में एयर इंडिया की अतिरिक्त विमान खरीद योजनाओं और कनाडा-भारत एयरोस्पेस सहयोग पर चर्चा हुई।
टीम कनाडा ट्रेड मिशन में लगभग 300 कनाडाई कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं — पिछले 30 वर्षों का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल।
मिशन 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक मुंबई और बेंगलुरु में चल रहा है।
दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक व्यापार 70 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना; अभी यह 30 बिलियन डॉलर है।
सीईपीए वार्ता का पाँचवाँ दौर 5–9 अक्टूबर को ओटावा में पूरा हुआ; समझौते को साल के अंत तक अंतिम रूप देने की कोशिश।

कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एयर इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर (सीसीओ) निपुण अग्रवाल से मुलाकात की। इस बैठक में एयर इंडिया की अतिरिक्त विमान खरीद योजनाओं और भारत-कनाडा एयरोस्पेस क्षेत्र में सहयोग के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब टीम कनाडा ट्रेड मिशन भारत में अपने सबसे बड़े व्यापारिक दौरे पर है।

क्या हुई बातचीत

मनिंदर सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमने एयर इंडिया की अतिरिक्त विमान खरीदने की योजनाओं और कनाडा व भारतीय एयरोस्पेस उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने के रास्ते तलाशे गए।

सिद्धू के अनुसार, जैसे-जैसे दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को 30 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 70 बिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं, उतनी ही तेज़ी और कुशलता से लोगों और सामानों की आवाजाही सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा।

टीम कनाडा ट्रेड मिशन: तीन दशकों का सबसे बड़ा दौरा

ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के अनुसार, टीम कनाडा ट्रेड मिशन 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस मिशन में लगभग 300 कनाडाई कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं जो मुंबई और बेंगलुरु में भारतीय निर्णयकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रमुख लोगों और संभावित ग्राहकों से मिल रहे हैं। ओटावा इसे पिछले 30 वर्षों में भारत के लिए अपना सबसे बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल बता रहा है।

मिशन का उद्देश्य वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार करना और नई साझेदारियाँ बनाना है, जो दोनों देशों में अच्छे वेतन वाली नौकरियाँ पैदा करें। प्रतिनिधिमंडल में एयरोस्पेस और अंतरिक्ष, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, ऊर्जा संक्रमण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, कृषि-खाद्य, तथा वानिकी व लकड़ी उत्पाद क्षेत्रों की कंपनियाँ शामिल हैं।

सीईपीए वार्ता की पृष्ठभूमि

यह मिशन कनाडा-भारत व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर वार्ता के पाँचवें दौर के तुरंत बाद हो रहा है, जो 5 से 9 अक्टूबर तक ओटावा में आयोजित हुआ था। दोनों देश साल के अंत तक इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत-कनाडा संबंधों में राजनयिक तनाव रहा है, ऐसे में यह व्यापारिक पहल दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की बहाली का संकेत मानी जा रही है।

2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

सिद्धू ने स्पष्ट किया कि एयरोस्पेस, कृषि-खाद्य और स्वच्छ प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कनाडाई विशेषज्ञता को भारत की बढ़ती माँग के साथ जोड़कर व्यापार में विविधता लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे नए निवेश आकर्षित होंगे और 2030 तक कनाडा-भारत व्यापार को 70 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। ट्रेड कमिश्नर सर्विस इस मिशन के तहत बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें, साइट विजिट और ब्रीफिंग सत्र भी आयोजित कर रही है।

यदि सीईपीए समझौता तय समयसीमा में पूरा होता है, तो यह भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत की बढ़ती विमानन माँग को एयरोस्पेस निर्यात के नज़रिए से देख रहा है। हालाँकि 70 बिलियन डॉलर का व्यापार लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन जब तक सीईपीए पर हस्ताक्षर नहीं होते, तब तक यह आँकड़ा एक आकांक्षा ही रहेगा। असली कसौटी यह है कि क्या सीईपीए वार्ता का छठा दौर ठोस बाज़ार पहुँच पर सहमति दे पाएगा — या यह मिशन भी पिछले कई वर्षों की तरह उत्साहजनक घोषणाओं तक सीमित रह जाएगा।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और एयर इंडिया सीसीओ की बैठक में क्या हुआ?
13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में एयर इंडिया की अतिरिक्त विमान खरीद योजनाओं और कनाडा-भारत एयरोस्पेस उद्योगों के बीच सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने के रास्ते भी तलाशे गए।
टीम कनाडा ट्रेड मिशन 2026 क्या है और इसमें कौन शामिल है?
यह 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला कनाडा का भारत में पिछले 30 वर्षों का सबसे बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल है, जिसमें लगभग 300 कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं। मिशन में एयरोस्पेस, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, आईसीटी, जीवन विज्ञान और कृषि-खाद्य क्षेत्रों की कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं।
भारत-कनाडा सीईपीए समझौता क्या है और यह कब तक पूरा होगा?
कनाडा-भारत व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) एक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता है जिस पर वार्ता जारी है। इसका पाँचवाँ दौर 5–9 अक्टूबर 2026 को ओटावा में हुआ, और दोनों देश साल के अंत तक इसे अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं।
कनाडा और भारत के बीच व्यापार का मौजूदा और लक्षित स्तर क्या है?
फिलहाल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 30 बिलियन डॉलर है। कनाडा का लक्ष्य 2030 तक इसे दोगुने से अधिक बढ़ाकर 70 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना है।
इस मिशन में किन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है?
मिशन के प्राथमिकता क्षेत्रों में एयरोस्पेस और अंतरिक्ष, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, ऊर्जा संक्रमण, आईसीटी, जीवन विज्ञान, कृषि-खाद्य, तथा वानिकी और लकड़ी उत्पाद शामिल हैं। ट्रेड कमिश्नर सर्विस बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें, साइट विजिट और ब्रीफिंग सत्र आयोजित कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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