कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने एयर इंडिया सीसीओ से की मुलाकात, विमान खरीद और हवाई कनेक्टिविटी पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एयर इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर (सीसीओ) निपुण अग्रवाल से मुलाकात की। इस बैठक में एयर इंडिया की अतिरिक्त विमान खरीद योजनाओं और भारत-कनाडा एयरोस्पेस क्षेत्र में सहयोग के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब टीम कनाडा ट्रेड मिशन भारत में अपने सबसे बड़े व्यापारिक दौरे पर है।
क्या हुई बातचीत
मनिंदर सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमने एयर इंडिया की अतिरिक्त विमान खरीदने की योजनाओं और कनाडा व भारतीय एयरोस्पेस उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने के रास्ते तलाशे गए।
सिद्धू के अनुसार, जैसे-जैसे दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को 30 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 70 बिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं, उतनी ही तेज़ी और कुशलता से लोगों और सामानों की आवाजाही सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा।
टीम कनाडा ट्रेड मिशन: तीन दशकों का सबसे बड़ा दौरा
ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के अनुसार, टीम कनाडा ट्रेड मिशन 12 से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस मिशन में लगभग 300 कनाडाई कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं जो मुंबई और बेंगलुरु में भारतीय निर्णयकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रमुख लोगों और संभावित ग्राहकों से मिल रहे हैं। ओटावा इसे पिछले 30 वर्षों में भारत के लिए अपना सबसे बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल बता रहा है।
मिशन का उद्देश्य वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार करना और नई साझेदारियाँ बनाना है, जो दोनों देशों में अच्छे वेतन वाली नौकरियाँ पैदा करें। प्रतिनिधिमंडल में एयरोस्पेस और अंतरिक्ष, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, ऊर्जा संक्रमण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, कृषि-खाद्य, तथा वानिकी व लकड़ी उत्पाद क्षेत्रों की कंपनियाँ शामिल हैं।
सीईपीए वार्ता की पृष्ठभूमि
यह मिशन कनाडा-भारत व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर वार्ता के पाँचवें दौर के तुरंत बाद हो रहा है, जो 5 से 9 अक्टूबर तक ओटावा में आयोजित हुआ था। दोनों देश साल के अंत तक इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत-कनाडा संबंधों में राजनयिक तनाव रहा है, ऐसे में यह व्यापारिक पहल दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की बहाली का संकेत मानी जा रही है।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
सिद्धू ने स्पष्ट किया कि एयरोस्पेस, कृषि-खाद्य और स्वच्छ प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कनाडाई विशेषज्ञता को भारत की बढ़ती माँग के साथ जोड़कर व्यापार में विविधता लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे नए निवेश आकर्षित होंगे और 2030 तक कनाडा-भारत व्यापार को 70 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। ट्रेड कमिश्नर सर्विस इस मिशन के तहत बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें, साइट विजिट और ब्रीफिंग सत्र भी आयोजित कर रही है।
यदि सीईपीए समझौता तय समयसीमा में पूरा होता है, तो यह भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।