14 अगस्त 2026
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जनगणना-2027: गृह मंत्रालय ने अधिसूचित किए 40 सवाल, पहली बार होगी सभी जातियों की गिनती

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जनगणना-2027: गृह मंत्रालय ने अधिसूचित किए 40 सवाल, पहली बार होगी सभी जातियों की गिनती

सारांश

स्वतंत्र भारत की पहली जाति-समावेशी जनगणना की रूपरेखा तय हो गई है। गृह मंत्रालय ने जनगणना-2027 के लिए 40 सवाल अधिसूचित किए हैं, जिनमें 1931 के बाद पहली बार SC/ST के अलावा सभी जातियों की गिनती का प्रावधान है — एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की गृह अनुसूची अधिसूचित की।
स्वतंत्र भारत में पहली बार SC/ST के अलावा सभी वर्गों की जाति की भी आधिकारिक गिनती होगी — सवाल नंबर 10 में इसका प्रावधान।
प्रश्नावली में आधार , वोटर आईडी , पासपोर्ट , ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक खाते की जानकारी भी माँगी जाएगी।
इस बार कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ा सवाल प्रश्नावली में शामिल नहीं किया गया है।
जनगणना-2027, 2021 में महामारी के कारण स्थगित जनगणना के बाद पहली राष्ट्रीय जनगणना होगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत गृह अनुसूची के माध्यम से डेटा संग्रह हेतु 40 सवालों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इन सवालों के आधार पर जनगणना अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे। यह अधिसूचना 14 अगस्त 2026 को जारी की गई, जिससे जमीनी स्तर पर डेटा संग्रह की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है।

प्रश्नावली में क्या-क्या शामिल है

अधिसूचित 40 सवालों की प्रश्नावली में जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी व्यापक जानकारियाँ माँगी गई हैं। इसमें व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से रिश्ता, लिंग, जन्म तिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, जीवनसाथी का नाम और राष्ट्रीयता जैसी बुनियादी जानकारियाँ शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त धर्म, माता-पिता से संबंधित विवरण, विकलांगता की स्थिति, मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाओं की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शिक्षण संस्थानों में उपस्थिति और सर्वोच्च शैक्षिक योग्यता भी प्रश्नावली का हिस्सा हैं।

ऐतिहासिक कदम: पहली बार सभी जातियों की गिनती

इस जनगणना की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि स्वतंत्र भारत में पहली बार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अलावा अन्य सभी वर्गों की जाति की भी आधिकारिक गिनती की जाएगी। गृह अनुसूची के सवाल नंबर 10 में स्पष्ट रूप से लिखा है — 'अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST) / जाति'। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल लंबे समय से जाति आधारित जनगणना की माँग करते रहे हैं।

गौरतलब है कि 1931 के बाद से भारत में किसी भी जनगणना में SC/ST के अलावा अन्य जातियों का व्यापक डेटा एकत्र नहीं किया गया था। यह निर्णय नीति-निर्माण और सामाजिक न्याय की दृष्टि से दूरगामी महत्त्व रखता है।

डिजिटल पहचान और दस्तावेज़ों की जानकारी भी माँगी जाएगी

प्रश्नावली में बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी, भारतीय पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज़ों और पहचान-पत्रों की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी माँगी जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस बार कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित सवाल को प्रश्नावली में जगह नहीं दी गई है।

डेटा संग्रह की प्रक्रिया

गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, जिन क्षेत्रों में जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, वे अपनी निर्धारित सीमा के भीतर प्रत्येक परिवार से गृह अनुसूची के सभी 40 सवाल पूछेंगे। इस प्रक्रिया से परिवार और आवास से जुड़ी व्यापक जानकारियाँ राष्ट्रीय डेटाबेस में दर्ज होंगी।

आगे क्या होगा

अधिसूचना जारी होने के बाद अब राज्य सरकारें और जनगणना विभाग मैदानी स्तर पर अधिकारियों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया में जुटेंगे। जनगणना-2027 कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 में टाली गई जनगणना के बाद पहली राष्ट्रीय जनगणना होगी, जिससे इसका महत्त्व और भी बढ़ जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों पुरानी राजनीतिक माँग का संस्थागत जवाब है — जो OBC आरक्षण की सीमा और सामाजिक न्याय की बहस को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है। असली सवाल यह है कि एकत्र किए गए जाति डेटा का उपयोग किस नीतिगत ढाँचे में होगा और क्या इसे सार्वजनिक किया जाएगा — जो अब तक अनुत्तरित है। 2021 की जनगणना पहले ही पाँच साल की देरी से आ रही है, इसलिए डेटा की विश्वसनीयता और समयबद्ध प्रकाशन सरकार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना-2027 की गृह अनुसूची में कितने सवाल हैं और वे क्या हैं?
गृह मंत्रालय ने जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की गृह अनुसूची अधिसूचित की है। इनमें नाम, लिंग, जन्म तिथि, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, मातृभाषा, शिक्षा, विकलांगता, आधार, वोटर आईडी और बैंक खाते जैसी जानकारियाँ शामिल हैं।
क्या जनगणना-2027 में जाति की गिनती होगी?
हाँ, स्वतंत्र भारत में पहली बार SC और ST के अलावा अन्य सभी वर्गों की जाति की भी आधिकारिक गिनती होगी। गृह अनुसूची के सवाल नंबर 10 में 'अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST) / जाति' का प्रावधान किया गया है।
जनगणना-2027 कब से शुरू होगी और इसे क्यों टाला गया था?
जनगणना-2027 वर्ष 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित हुई जनगणना की जगह लेगी। यह स्वतंत्र भारत की सबसे विलंबित जनगणना है; मैदानी डेटा संग्रह की सटीक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
जनगणना प्रश्नावली में कोविड-19 टीकाकरण का सवाल क्यों नहीं है?
गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित 40 सवालों में कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित कोई प्रश्न शामिल नहीं किया गया है। सरकार ने इस बारे में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
जनगणना-2027 में डिजिटल पहचान की जानकारी क्यों माँगी जा रही है?
इस बार प्रश्नावली में आधार , वोटर आईडी , पासपोर्ट , ड्राइविंग लाइसेंस , मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी माँगी जाएगी। यह डिजिटल समावेश और सरकारी योजनाओं की पहुँच मापने के लिए डेटा आधार तैयार करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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