चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन का 'प्रोजेक्ट सेवा': 70+ बुजुर्गों की देखभाल के लिए सेक्टर-27डी में पायलट शुरू

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चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन का 'प्रोजेक्ट सेवा': 70+ बुजुर्गों की देखभाल के लिए सेक्टर-27डी में पायलट शुरू

सारांश

चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन ने 'प्रोजेक्ट सेवा' के ज़रिए एक अलग राह चुनी है — बुजुर्गों को सिर्फ सेवाएँ नहीं, बल्कि समुदाय का हिस्सा बनाना। सेक्टर-27डी में 30 वरिष्ठ नागरिकों से शुरू हुई यह पहल योग, भजन और चिकित्सा जाँच को एक छत के नीचे लाती है — और अकेलेपन से लड़ने का एक ज़मीनी प्रयास है।

मुख्य बातें

चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन (CCF) ने 18 मई 2026 को 'प्रोजेक्ट सेवा' की शुरुआत की।
पायलट परियोजना चंडीगढ़ के सेक्टर-27 डी में शुरू, पहले चरण में 30 वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क।
फोकस 70 वर्ष से अधिक आयु के अकेले या परिवार के साथ रहने वाले बुजुर्गों पर।
गतिविधियों में योग, एरोबिक्स, भजन गायन, शतरंज, बागवानी और मंदिर दर्शन शामिल।
CCF की टीम में प्रतिष्ठित चिकित्सक शामिल; स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरतों का व्यक्तिगत आकलन किया गया।
CCF के अध्यक्ष पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी.
मलिक हैं; संस्था की स्थापना करीब एक वर्ष पूर्व हुई।

चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन (CCF) ने 18 मई 2026 को ट्राइसिटी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'प्रोजेक्ट सेवा' की शुरुआत की है — एक सामुदायिक पहल जो 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों की भावनात्मक, मानसिक, सामाजिक और शारीरिक जरूरतों को एक साथ संबोधित करती है। इस परियोजना को पायलट आधार पर चंडीगढ़ के सेक्टर-27 डी में लागू किया गया है, जहाँ पहले चरण में करीब 30 वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संपर्क किया गया।

परियोजना का स्वरूप और उद्देश्य

'प्रोजेक्ट सेवा' का केंद्रीय लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बुजुर्ग — चाहे वह अकेले रहता हो या परिवार के साथ — खुद को अनदेखा या एकाकी महसूस न करे। CCF ने इस उद्देश्य को अपने संस्थापक विज़न में स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है: 'ऐसा पड़ोस बनाया जाए, जहाँ सम्मान, साथ और देखभाल रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा हों।'

परियोजना के अंतर्गत मेडिकल इमरजेंसी के दौरान भी वरिष्ठ नागरिकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), साझेदार कल्याण समितियों और स्थानीय निवासियों को सक्रिय रूप से जोड़ा गया है।

गतिविधियाँ और स्वास्थ्य सत्र

CCF की टीम — जिसमें कई प्रतिष्ठित चिकित्सक भी शामिल हैं — ने बुजुर्गों की जरूरतों का व्यक्तिगत आकलन किया और उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। इसके बाद अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए पड़ोस के स्वयंसेवकों और परिवार के सदस्यों की नियमित मुलाकात की व्यवस्था की गई।

इनडोर गतिविधियों में भजन गायन, फिल्मी गीत, समसामयिक विषयों पर चर्चा, शतरंज और पहेलियाँ शामिल हैं। आउटडोर सत्रों में प्रशिक्षित स्पोर्ट्स वॉलंटियर्स की देखरेख में एरोबिक्स, योग, नृत्य, बागवानी और पार्क में सुबह की सैर कराई जा रही है। मंदिर दर्शन जैसी सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

सामुदायिक भागीदारी

यह ध्यान देने योग्य है कि 'प्रोजेक्ट सेवा' के तहत सभी कार्यक्रम और गतिविधियाँ पूरी तरह CCF के अपने बैनर तले संचालित हो रही हैं — किसी बाहरी एजेंसी की भागीदारी नहीं है। RWA अध्यक्ष और स्वयंसेवकों ने सेक्टर-27 डी में बुजुर्गों से व्यक्तिगत मुलाकात कर उन्हें सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ा।

CCF की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन की स्थापना करीब एक वर्ष पूर्व ट्राइसिटी में एक अधिक टिकाऊ और समावेशी चंडीगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से की गई थी। इसका शुभारंभ पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी. पी. मलिक — जो CCF के अध्यक्ष हैं — और गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों ने किया था। इस परिषद में सेवानिवृत्त नौकरशाह, उद्योगपति, कलाकार और अधिवक्ता समेत समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हैं।

आने वाले समय में CCF का इरादा इस पायलट परियोजना के अनुभव के आधार पर 'प्रोजेक्ट सेवा' को ट्राइसिटी के अन्य सेक्टरों तक विस्तारित करने का है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली कसौटी तब होगी जब यह सेक्टर-27डी के 30 बुजुर्गों से आगे बढ़कर ट्राइसिटी के हज़ारों एकाकी वरिष्ठ नागरिकों तक पहुँचे। भारत में बुजुर्ग आबादी तेज़ी से बढ़ रही है, जबकि सरकारी बुजुर्ग-देखभाल ढाँचा अभी भी अपर्याप्त है — ऐसे में नागरिक समाज की ऐसी पहलें महत्वपूर्ण हो जाती हैं। सवाल यह है कि क्या CCF के पास इसे टिकाऊ और स्केलेबल बनाने के लिए दीर्घकालिक वित्तीय और स्वयंसेवक-संसाधन हैं — यह स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'प्रोजेक्ट सेवा' क्या है और इसे किसने शुरू किया?
'प्रोजेक्ट सेवा' चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन (CCF) की एक सामुदायिक पहल है, जिसे 18 मई 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-27डी में पायलट आधार पर शुरू किया गया। इसका उद्देश्य 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों की भावनात्मक, मानसिक, सामाजिक और शारीरिक जरूरतों को पूरा करना है।
इस परियोजना से किन बुजुर्गों को फायदा होगा?
परियोजना का मुख्य फोकस 70 वर्ष से अधिक आयु के उन वरिष्ठ नागरिकों पर है जो अकेले रहते हैं या परिवार के साथ रहते हुए भी एकाकीपन महसूस करते हैं। पहले चरण में सेक्टर-27डी के करीब 30 बुजुर्गों को इससे जोड़ा गया है।
'प्रोजेक्ट सेवा' के तहत कौन-कौन सी गतिविधियाँ होती हैं?
इनडोर गतिविधियों में भजन गायन, फिल्मी गीत, शतरंज, पहेलियाँ और समसामयिक विषयों पर चर्चा शामिल हैं। आउटडोर सत्रों में एरोबिक्स, योग, नृत्य, बागवानी, पार्क में सुबह की सैर और मंदिर दर्शन जैसी गतिविधियाँ प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की देखरेख में होती हैं।
चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन (CCF) क्या है?
CCF की स्थापना करीब एक वर्ष पूर्व ट्राइसिटी में एक टिकाऊ और समावेशी चंडीगढ़ बनाने के उद्देश्य से हुई थी। इसके अध्यक्ष पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी. पी. मलिक हैं और गवर्निंग काउंसिल में सेवानिवृत्त नौकरशाह, उद्योगपति, कलाकार और अधिवक्ता शामिल हैं।
क्या इस परियोजना में कोई बाहरी एजेंसी शामिल है?
नहीं। 'प्रोजेक्ट सेवा' के तहत सभी कार्यक्रम और गतिविधियाँ पूरी तरह CCF के अपने बैनर तले संचालित हो रही हैं। RWA, साझेदार कल्याण समितियाँ और स्थानीय स्वयंसेवक इसमें भागीदार हैं, लेकिन कोई बाहरी एजेंसी शामिल नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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