चंडीगढ़ में 3-5 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने पंजाब-हरियाणा को भी किया सावधान
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियाँ तेज़ होंगी, जबकि 3, 4 और 5 अगस्त को चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी
IMD के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों में मौसम का मिजाज़ तेज़ी से बदल सकता है। उन्होंने कहा कि अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियाँ काफी बढ़ने की आशंका है, खासकर चंडीगढ़ और उससे सटे इलाकों में। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे विभाग की एडवाइज़री का पालन करें।
मानसून इस साल सामान्य से कमज़ोर
सुरेंद्र पॉल ने यह भी बताया कि इस वर्ष अब तक मानसून सामान्य से कमज़ोर रहा है। 1 जून से 31 जुलाई के बीच पंजाब और हरियाणा में औसतन लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है। यदि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो पूरे मानसून सीजन में बारिश सामान्य से 30 से 40 प्रतिशत तक कम रह सकती है।
जलवायु परिवर्तन का असर
IMD निदेशक के अनुसार, जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अब मौसम के पैटर्न में स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। पहले जहाँ बारिश लंबे समय तक समान रूप से होती थी, वहीं अब कम अवधि में अत्यधिक वर्षा की घटनाएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि जब मानसून कमज़ोर पड़ता है, तो बादल कभी-कभी एक ही क्षेत्र में केंद्रित हो जाते हैं और अचानक भारी बारिश कर देते हैं — यही कारण है कि हाल के वर्षों में अत्यधिक वर्षा की घटनाएँ बढ़ी हैं।
शहरी बुनियादी ढाँचे पर दबाव
सुरेंद्र पॉल ने चेताया कि तेज़ बारिश के कारण शहरों में जलभराव, यातायात अवरोध, बिजली आपूर्ति बाधित होने और आवाजाही प्रभावित होने जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि कई शहरों का ड्रेनेज सिस्टम कम समय में होने वाली भारी बारिश को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है, जिससे नागरिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या चंडीगढ़ जैसे नियोजित शहरों में भी उभर रही है।
आगे क्या
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन से अपेक्षा है कि वह जलनिकासी व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सतर्क रखे। अगस्त के पहले सप्ताह में स्थिति की निगरानी जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।