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पंजाब के 4 जिलों में IMD का रेड अलर्ट: 60 km/h हवाओं संग भारी बारिश, 11 जून को नाउकास्ट चेतावनी

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पंजाब के 4 जिलों में IMD का रेड अलर्ट: 60 km/h हवाओं संग भारी बारिश, 11 जून को नाउकास्ट चेतावनी

सारांश

IMD ने 11 जून को पंजाब के चार जिलों — बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और संगरूर — में रेड अलर्ट जारी किया है। 60 km/h हवाएँ, भारी बारिश और वज्रपात की आशंका के साथ दर्जनों अन्य जिले ऑरेंज अलर्ट पर हैं।

मुख्य बातें

IMD ने 11 जून 2026 को अगले दो-तीन घंटों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की।
पंजाब के बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और संगरूर में रेड अलर्ट ; 60 km/h हवाएँ और 15 mm/घंटा से अधिक वर्षा की आशंका।
बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, असम और छत्तीसगढ़ के दर्जनों जिले ऑरेंज अलर्ट पर।
मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव को मौसमी उथल-पुथल का कारण बताया गया।
किसानों को खेत में काम से बचने और दोपहिया वाहन यात्रा न करने की सलाह।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जून 2026 को अगले दो-तीन घंटों के लिए कई राज्यों में नाउकास्ट चेतावनी जारी की है। पंजाब के बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और संगरूर जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जहाँ लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएँ और 15 मिलीमीटर प्रति घंटा से अधिक वर्षा के साथ बिजली और गरज की आशंका है। मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव को इस अचानक मौसमी बदलाव का कारण बताया जा रहा है।

रेड अलर्ट: पंजाब के चार जिलों में सर्वाधिक खतरा

IMD के अनुसार रेड अलर्ट सबसे गंभीर श्रेणी की चेतावनी है, जो तत्काल कार्रवाई की माँग करती है। बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और संगरूर में तेज हवाएँ पेड़ उखाड़ सकती हैं, बिजली के खंभे गिर सकते हैं और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इन जिलों के निवासियों को विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

ऑरेंज अलर्ट: कई राज्यों के दर्जनों जिले प्रभावित

ऑरेंज अलर्ट के तहत 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की हवाएँ, 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटा की मध्यम वर्षा और आंधी-वज्रपात की संभावना जताई गई है। इस श्रेणी में शामिल राज्यों और जिलों की सूची विस्तृत है।

पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार, कूच बिहार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग और उत्तर दिनाजपुर; आंध्र प्रदेश के बापटला, गुंटूर, कृष्णा और एनटीआर; तेलंगाना के बी. कोठागुडेम, खम्मम, महबुबाबाद, मुलुगु, सूर्यापेट और वारंगल; छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा ऑरेंज अलर्ट पर हैं।

बिहार के अररिया, औरंगाबाद, बेगुसराय, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, कैमूर, खगड़िया, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, वैशाली और पश्चिमी चंपारण भी इस सूची में हैं।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, अमरोहा, बदायूँ, बिजनौर, बुलंदशहर, एटा, हापुड़, हाथरस, कांशीरामनगर, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और संभल; असम के धेमाजी और लखीमपुर; उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टेहरी गढ़वाल, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी; हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, पंचकुला और यमुनानगर; तथा पंजाब के चंडीगढ़, जालंधर, कपूरथला, मोगा, नवाशहर, पटियाला और सास नगर को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है।

आम जनता और किसानों के लिए सलाह

IMD ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे पेड़ों, पुरानी इमारतों, बिजली के खंभों और अन्य कमज़ोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें। यात्रा पर निकलने से पहले यातायात की स्थिति की जानकारी लेना अनिवार्य बताया गया है और अनावश्यक यात्रा — विशेषकर दोपहिया वाहनों से — से बचने की हिदायत दी गई है।

किसानों को खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की विशेष सलाह दी गई है। संबंधित सरकारी विभागों को संभावित व्यवधानों के मद्देनज़र आवश्यक तैयारियाँ बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसमी पृष्ठभूमि

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब उत्तर और मध्य भारत में मानसून पूर्व की गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के संयोग से मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में अस्थिर मौसम बना रह सकता है। गौरतलब है कि जून के पहले पखवाड़े में इस स्तर की बहु-राज्यीय एक साथ चेतावनी असामान्य नहीं है, लेकिन रेड अलर्ट की स्थिति तत्काल खतरे का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आजीविका का सवाल है। बहु-राज्यीय एक साथ चेतावनी यह भी संकेत देती है कि आपदा प्रबंधन तंत्र को केंद्र और राज्य स्तर पर समन्वित प्रतिक्रिया देनी होगी, न कि अलग-अलग।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IMD ने पंजाब के किन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है?
IMD ने 11 जून 2026 को पंजाब के बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और संगरूर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएँ और 15 मिलीमीटर प्रति घंटा से अधिक वर्षा की आशंका है।
रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट में क्या अंतर है?
रेड अलर्ट सबसे गंभीर श्रेणी है, जिसमें 60 km/h से अधिक हवाएँ और 15 mm/घंटा से अधिक बारिश की आशंका होती है और तत्काल सुरक्षा कदम उठाने की जरूरत होती है। ऑरेंज अलर्ट में 40-60 km/h हवाएँ और 5-15 mm/घंटा वर्षा की संभावना होती है, जो सतर्कता की माँग करती है।
इस चेतावनी के तहत कौन-कौन से राज्य प्रभावित हैं?
रेड अलर्ट पंजाब के चार जिलों में है। ऑरेंज अलर्ट के तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, असम और पंजाब के अन्य जिले शामिल हैं।
इस मौसमी बदलाव का कारण क्या है?
IMD के अनुसार मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के एक साथ प्रभाव से कई क्षेत्रों में अचानक मौसम बदल रहा है। इन दो प्रणालियों के संयोग से तेज हवाएँ, भारी बारिश और वज्रपात की स्थिति बन रही है।
प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD ने पेड़ों, पुरानी इमारतों और बिजली के खंभों के नीचे न जाने की सलाह दी है। दोपहिया वाहन से अनावश्यक यात्रा न करें, किसान खेतों में काम से बचें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
राष्ट्र प्रेस
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