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चारधाम यात्रा में 40 लाख से अधिक श्रद्धालु, CM धामी ने सुविधाओं को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

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चारधाम यात्रा में 40 लाख से अधिक श्रद्धालु, CM धामी ने सुविधाओं को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

सारांश

चारधाम यात्रा में इस सीज़न अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँच चुके हैं। CM धामी ने उच्चस्तरीय बैठक में सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, कर्णप्रयाग-नगरासू घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

CM पुष्कर सिंह धामी ने 23 जून को देहरादून सचिवालय में चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
इस सीज़न अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।
हेमकुंट साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में पिछले वर्ष की तुलना में 25 हज़ार अधिक श्रद्धालु पहुँचे।
कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं में दोषियों पर कार्रवाई हो चुकी है; आगे भी सख्त कदम उठाए जाएँगे।
सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं भड़काऊ सूचनाएँ फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
उत्तराखण्ड में सिख गुरुओं के तीन प्रमुख धर्मस्थल — हेमकुंट साहिब , रीठा साहिब , नानकमत्ता साहिब — स्थित हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 जून को देहरादून स्थित सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुख-सुविधा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि हेमकुंट साहिब यात्रा के प्रारंभिक चरण में ही पिछले वर्ष की तुलना में 25 हज़ार अधिक श्रद्धालु पहुँचे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है तथा यहाँ आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का हार्दिक स्वागत है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे देवभूमि के शांत वातावरण में यात्रा का पूर्ण आनंद लें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं के संदर्भ में राज्य सरकार, प्रशासन एवं पुलिस सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जाँच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है और तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएँगे।

सिख धर्मस्थलों का महत्व

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखण्ड में स्थित सिख गुरुओं के तीन प्रमुख पवित्र स्थलों — हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब — का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और 'अतिथि देवो भवः' की भावना के अनुरूप सभी का सम्मान करना देवभूमि की सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग है।

सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं पर चेतावनी

सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं भड़काऊ सूचनाएँ फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे तत्व समाज और समुदायों को बाँटने का प्रयास न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक खबरें प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार, सभी धर्मों के लोगों ने मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सरकार का स्पष्ट रुख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में किसी भी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुँचाने या किसी धर्म एवं आस्था को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण को समस्याओं के समाधान का मार्ग बताया।

इस बैठक में बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यात्रा सीज़न के शेष महीनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन की तैयारियाँ और कड़ी की जाएँगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं का उल्लेख यह भी संकेत देता है कि यात्रा सीज़न के दौरान सांप्रदायिक तनाव के धागे भी खिंचे हैं। CM धामी का सोशल मीडिया पर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन स्वागतयोग्य है, परंतु असली परीक्षा यह है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस तंत्र खड़ा करता है। 'अतिथि देवो भवः' की बात और 'सख्त कार्रवाई' का वादा — दोनों एक साथ तभी विश्वसनीय होंगे जब जाँच के परिणाम सार्वजनिक हों और जवाबदेही दिखे।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारधाम यात्रा 2025 में अब तक कितने श्रद्धालु आ चुके हैं?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार इस यात्रा सीज़न में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। यह आँकड़ा यात्रा की लोकप्रियता और राज्य में धार्मिक पर्यटन की बढ़ती माँग को दर्शाता है।
हेमकुंट साहिब यात्रा 2025 में क्या विशेष रहा?
हेमकुंट साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही पिछले वर्ष की तुलना में 25 हज़ार अधिक श्रद्धालु पहुँचे। CM धामी ने इसे उत्साहजनक बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में स्थित तीनों प्रमुख सिख धर्मस्थलों — हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब — पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
कर्णप्रयाग और नगरासू में क्या घटनाएँ हुईं और सरकार ने क्या कदम उठाए?
CM धामी ने बैठक में कर्णप्रयाग और नगरासू में हुई घटनाओं का उल्लेख किया और बताया कि जाँच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आगे भी सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। घटनाओं का विस्तृत विवरण सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने पर क्या कार्रवाई होगी?
CM धामी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएँ सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समाज और समुदायों को बाँटने की कोशिश करने वालों से ऐसा न करने की अपील भी की।
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्या व्यवस्थाएँ हैं?
CM धामी ने उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। बदरी-केदार मंदिर समिति और हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्षों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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