छतरपुर वन भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप: AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने मनजिंदर सिरसा से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 1 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि छतरपुर के 100 फुटा रोड और 60 फुटा रोड की गली नंबर-1 में सैकड़ों करोड़ रुपये की वन विभाग की भूमि पर कथित अतिक्रमण किया जा रहा है और पेड़ों की अवैध कटाई जारी है। यह आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।
क्या हैं आरोप
भारद्वाज के अनुसार, कथित कब्जाधारियों ने रातों-रात हरे और नीले रंग की टीन की दीवारें खड़ी कर दी हैं और उनके पीछे निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि तेज डीजे संगीत की आड़ में इन टीन की दीवारों के भीतर पेड़ों को काटा जा रहा है, ताकि आसपास के लोगों को इसकी भनक न लगे।
आप नेता ने आरोप लगाया कि छतरपुर क्षेत्र में राजनीतिक संरक्षण में कथित तौर पर बिल्डर माफिया सक्रिय है। उनके अनुसार, इलाके में कुछ लग्जरी मॉल बनने के बाद से वन भूमि पर अतिक्रमण की कथित गतिविधियाँ तेज हो गई हैं।
पर्यावरण नीति पर सरकार को घेरा
भारद्वाज ने केंद्र सरकार के पर्यावरण संरक्षण संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे अभियान चलाती है और प्रदूषण कम करने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर — उनके आरोपों के अनुसार — वन क्षेत्र में पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है।
उन्होंने कहा कि पेड़ दिल्लीवासियों को स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनकी कटाई का सीधा असर राजधानी की वायु गुणवत्ता पर पड़ता है।
सरकार और एजेंसियों पर निष्क्रियता का आरोप
आप प्रदेश अध्यक्ष ने पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के विभाग की भूमिका पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि विभाग इस मामले से परिचित है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम (MCD), मुख्यमंत्री कार्यालय और उपराज्यपाल कार्यालय — सभी संबंधित एजेंसियाँ इस मामले पर चुप्पी साधे हुई हैं।
गौरतलब है कि इस बयान के जारी होने के समय तक संबंधित विभागों या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
माँग और आगे की राह
भारद्वाज ने पूरे प्रकरण की तत्काल जाँच और कथित अवैध निर्माण तथा पेड़ों की कटाई पर त्वरित कार्रवाई की माँग की। AAP ने यह भी कहा कि दिल्ली की बढ़ती प्रदूषण चुनौती के मद्देनज़र वन क्षेत्रों और हरित इलाकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इस मामले में वास्तविक स्थिति संबंधित विभागों की आधिकारिक जाँच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। छतरपुर वन भूमि विवाद राजधानी में बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरण संरक्षण के बीच गहराते टकराव का एक और उदाहरण बन गया है।