चीन का 11वां अंतरिक्ष दिवस: चंद्रमा पर मिले 2 नए खनिज, मंगल मिशन समेत कई ऐतिहासिक घोषणाएं
सारांश
Key Takeaways
- चीन ने 24 अप्रैल 2025 को 11वां राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया, जो अंतरिक्ष कार्यक्रम की 70वीं वर्षगांठ भी है।
- छांगअ-5 के चंद्र नमूनों में 'मैग्नीशियम छांगअसाइट' और 'सेरियम छांगअसाइट' नामक 2 नए खनिज खोजे गए।
- मंगल मिशन थ्येनवन-3 के लिए 5 अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परियोजनाएं चुनी गईं।
- सौर मिशन शीहे-2 के लिए वैश्विक सहयोग के अवसर खोले गए और व्यावसायिक अंतरिक्ष मानक प्रणाली 1.0 जारी हुई।
- 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) में भारी रॉकेट, पुन: प्रयोज्य रॉकेट और अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
- चीन 2030 तक चंद्रमा पर मानव भेजने और 2035 तक ILRS का पहला चरण पूरा करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
बीजिंग, 24 अप्रैल। चीन ने शुक्रवार को अपना 11वां राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया, जो एक साथ देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की 70वीं वर्षगांठ भी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर दक्षिण-पश्चिम चीन के सछ्वान प्रांत की राजधानी छंगतु में भव्य मुख्य समारोह आयोजित किया गया, जहां चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (CNSA) ने अंतरिक्ष विज्ञान, अन्वेषण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
चंद्रमा पर मिले 2 नए खनिज — वैज्ञानिक जगत में हलचल
छांगअ-5 चंद्र मिशन द्वारा लाए गए नमूनों के गहन विश्लेषण से दो बिल्कुल नए खनिजों की पुष्टि हुई है — 'मैग्नीशियम छांगअसाइट' और 'सेरियम छांगअसाइट'। इन खनिजों का नामकरण स्वयं चंद्र मिशन के नाम पर किया गया है, जो चीन की वैज्ञानिक उपलब्धि का प्रतीक है।
गौरतलब है कि 2020 में छांगअ-5 ने चंद्रमा से लगभग 1.73 किलोग्राम मिट्टी और चट्टान के नमूने पृथ्वी पर लाए थे। यह किसी भी देश द्वारा 44 वर्षों में पहली बार किया गया चंद्र नमूना संग्रह था। इन नमूनों से अब तक कई वैज्ञानिक रहस्यों से पर्दा उठा है और दो नए खनिजों की खोज उसी शृंखला की नवीनतम कड़ी है।
मंगल मिशन थ्येनवन-3 और सौर मिशन शीहे-2 की बड़ी घोषणाएं
चीन के महत्वाकांक्षी मंगल मिशन थ्येनवन-3 के लिए पांच अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परियोजनाओं का चयन किया गया है। इन परियोजनाओं को उच्च वैज्ञानिक मूल्य और प्रौद्योगिकीय परिपक्वता के आधार पर चुना गया है, जो वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय में चीन की बढ़ती साझेदारी को दर्शाता है।
इसके साथ ही 'शीहे-2' सौर अन्वेषण मिशन के लिए भी वैश्विक सहयोग के अवसरों की घोषणा की गई। शीहे-1 (2021 में प्रक्षेपित) की सफलता के बाद यह मिशन सूर्य के अध्ययन को और गहरा करेगा। इसके अलावा, व्यावसायिक अंतरिक्ष मानक प्रणाली का पहला संस्करण (1.0) भी आधिकारिक रूप से जारी किया गया, जो चीन के निजी अंतरिक्ष उद्योग को एक नियामक ढांचा देगा।
15वीं पंचवर्षीय योजना में अंतरिक्ष को सर्वोच्च प्राथमिकता
राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के प्रशासक शान चोंगदे ने बताया कि 2026 से 2030 तक चलने वाली 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीन मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान, चंद्र अन्वेषण, ग्रहीय अन्वेषण और राष्ट्रीय उपग्रह इंटरनेट जैसी परियोजनाओं को तीव्र गति से आगे बढ़ाएगा।
शान चोंगदे के अनुसार, चीन भारी-भरकम प्रक्षेपण रॉकेट, पुन: प्रयोज्य रॉकेट और नई पीढ़ी के राष्ट्रीय अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे पर भी युद्धस्तर पर काम शुरू करेगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका का NASA और SpaceX भी चंद्रमा पर वापसी की तैयारी कर रहे हैं — यानी वैश्विक 'अंतरिक्ष दौड़' एक बार फिर तेज हो गई है।
अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन और वैश्विक सहयोग
शान चोंगदे ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन क्षुद्रग्रह रक्षा, ऑन-ऑर्बिट सर्विस और अंतरिक्ष मलबा प्रबंधन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को और गहरा करेगा। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (ILRS) के निर्माण में भागीदार देशों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया जाएगा।
विश्लेषकों के अनुसार, चीन का यह कदम उसकी उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह अमेरिकी नेतृत्व वाले आर्टेमिस समझौते के समानांतर एक वैकल्पिक वैश्विक अंतरिक्ष गठबंधन खड़ा करना चाहता है। रूस, पाकिस्तान, वेनेजुएला समेत कई देश पहले ही ILRS में शामिल हो चुके हैं।
70 वर्षों की अंतरिक्ष यात्रा — उपलब्धियों का सफर
चीन ने 1956 में अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरू किया था। तब से लेकर आज तक उसने तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना, मंगल पर रोवर उतारने और चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से पर सफलतापूर्वक यान उतारने जैसी उपलब्धियां हासिल की हैं। 2024 में छांगअ-6 ने चंद्रमा के सुदूर हिस्से से नमूने लाकर इतिहास रचा था — यह कारनामा अब तक किसी अन्य देश ने नहीं किया।
आने वाले वर्षों में चीन 2030 तक चंद्रमा पर मानव भेजने और 2035 तक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन का पहला चरण पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा के इस नए युग में चीन की ये घोषणाएं वैश्विक अंतरिक्ष समीकरणों को नया आकार दे सकती हैं।
(साभार: चाइना मीडिया ग्रुप, बीजिंग)