WMO की 100-वर्षीय सूची में चीन के 4 नए मौसम केंद्र शामिल, कुल संख्या 22 हुई
सारांश
मुख्य बातें
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चीन के चार और मौसम केंद्रों को अपनी प्रतिष्ठित 100-वर्षीय मौसम केंद्रों की सूची में स्थान दिया है। चीन मौसम विज्ञान प्रशासन ने 23 जून 2026 को यह जानकारी दी। इस मान्यता के साथ ही WMO द्वारा मान्यता प्राप्त चीन के शताब्दी मौसम केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
कौन से चार केंद्र हुए शामिल
सूची में नए शामिल किए गए केंद्र हैं — क्वेइचो प्रांत का क्वेइयांग, थ्येनचिन का थांगकु, युन्नान प्रांत का थंगछोंग और हुनान प्रांत का युयांग मौसम केंद्र। इन सभी केंद्रों का 100 वर्षों से अधिक का निरंतर मौसम अवलोकन का इतिहास है।
इनमें से थांगकु और युयांग ने 1909 में, थंगछोंग ने 1911 में और क्वेइयांग ने 1920 में मौसम संबंधी अवलोकन आरंभ किए थे। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर दीर्घकालिक जलवायु डेटा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
वैज्ञानिक महत्व
चीन मौसम विज्ञान प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन केंद्रों ने दशकों की निरंतर निगरानी के ज़रिये मौसम और जलवायु से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा एकत्र किया है। यह डेटा चीन के विभिन्न क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के दीर्घकालिक रुझानों के अध्ययन, चरम मौसम घटनाओं की निगरानी और मौसम पूर्वानुमान सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक है।
गौरतलब है कि WMO की यह सूची उन्हीं केंद्रों को मान्यता देती है जो बिना किसी उल्लेखनीय व्यवधान के कम से कम 100 वर्षों तक लगातार अवलोकन कार्य करते रहे हों — एक मानक जिसे बनाए रखना वैज्ञानिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
आगे की योजना
चीन मौसम विज्ञान प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि इस मान्यता को आधार बनाते हुए इन केंद्रों के बुनियादी ढाँचे, संचालन व रखरखाव प्रणाली, अवलोकन वातावरण तथा ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण को और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, अवलोकन कार्यों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार इन प्रयासों का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन अनुसंधान, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आर्थिक-सामाजिक विकास में दीर्घकालिक मौसम डेटा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शताब्दी केंद्रों का नेटवर्क भविष्य में वैश्विक जलवायु मॉडलिंग के लिए अपरिहार्य साबित होगा।