चीन का जुड़ाव: अमेरिकी सेना ने ईरान के जब्त कार्गो जहाज को रोका
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वॉशिंगटन, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा जब्त किया गया ईरानी कार्गो जहाज उन जहाजों के समूह का हिस्सा था, जो चीनी बंदरगाहों और संदिग्ध आपूर्ति मार्गों से जुड़े थे।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी झंडे वाला कंटेनर जहाज एमवी टौस्का, वे जहाजों के नेटवर्क से संबंधित है जो अक्सर चीन की यात्रा करते हैं और जिन पर संभावित सैन्य उपयोग के सामग्री ले जाने का आरोप है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज को अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश के बाद रोका गया, और उसके इंजन को चेतावनी दे कर निष्क्रिय कर दिया गया। इसके बाद अमेरिकी बलों ने जहाज पर चढ़ाई की।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा उद्धृत शिपिंग डेटा के अनुसार, जब्त होने से पहले के कुछ हफ्तों में यह जहाज दो बार दक्षिणी चीन के झुहाई बंदरगाह पर गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि टौस्का एक प्रतिबंधित ईरानी कंपनी द्वारा संचालित था, जिसे तेहरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए सामान ले जाने का आरोप है।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि जहाज में क्या सामान था। विश्लेषकों का मानना है कि सक्रिय नाकेबंदी को पार करने की कोशिश से यह संकेत मिलता है कि सामान महत्वपूर्ण हो सकता है।
पूर्व अमेरिकी नौसेना के अधिकारी चार्ली ब्राउन ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया, "नाकेबंदी को तोड़ने का जोखिम उठाना उनके लिए लाभदायक लग रहा होगा, लेकिन उन्होंने गलत निर्णय लिया।"
फॉक्स न्यूज डिजिटल की एक अलग रिपोर्ट में कहा गया कि यह जहाज ईरान की ओर जाने से पहले दक्षिण-पूर्व एशिया और चीनी बंदरगाहों से होकर गुजरा था। रिपोर्ट में उद्धृत समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि कार्गो "ड्यूल-यूज़" हो सकता है, जिसका मतलब है कि इसका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जहाज को ईरानी जलक्षेत्र के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब रोका गया था। इससे पहले यह मलेशिया के पोर्ट क्लैंग में रुका था।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मार्ग अक्सर माल की उत्पत्ति को छिपाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया के जलक्षेत्रों में जहाज-से-जहाज ट्रांसफर सामान्य हैं, जिससे शिपमेंट को ट्रैक करना कठिन हो जाता है।
चीन का कहना है कि वह ईरान को हथियार नहीं देता और ड्यूल-यूज़ वस्तुओं के निर्यात पर नियंत्रण रखता है, लेकिन वह ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देता।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग ने इस जब्ती पर चिंता व्यक्त की है और संयम बरतने की अपील की है।
यह मामला यह दर्शाता है कि ईरान का संघर्ष वैश्विक व्यापार नेटवर्क से कैसे जुड़ा हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने समुद्री नाकेबंदी के तहत प्रतिबंधित सामान ले जाने वाले जहाजों पर कार्रवाई बढ़ा दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। इस संघर्ष से जुड़े व्यवधानों ने पहले ही तेल और शिपिंग बाजारों में चिंता बढ़ा दी है।
ईरान लंबे समय से चीन जैसे देशों के साथ व्यापारिक संबंधों पर निर्भर रहा है ताकि प्रतिबंधों के प्रभाव को कम किया जा सके। अमेरिका के दबाव के बढ़ने के साथ ये संबंध और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।