शिनच्यांग दौरे पर चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग श्वेश्यांग का उच्च गुणवत्ता विकास और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के उप प्रधानमंत्री तिंग श्वेश्यांग ने 26-27 जून 2026 को उत्तर-पश्चिम चीन के शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश का निरीक्षण दौरा किया और क्षेत्र की विशिष्ट भौगोलिक एवं आर्थिक शक्तियों का उपयोग करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक-सामाजिक विकास को गति देने का आह्वान किया। तिंग, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य भी हैं, ने इस दौरे में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार विस्तार और उच्च शिक्षा — तीनों मोर्चों पर नीतिगत निर्देश दिए।
पाँच रणनीतिक स्थितियों पर फोकस
तिंग श्वेश्यांग ने नए युग में शिनच्यांग के शासन के लिए CPC की रणनीति को पूर्णतः, निष्ठापूर्वक और व्यापक रूप से लागू करने पर बल दिया। उन्होंने पार्टी केंद्रीय समिति द्वारा निर्धारित 'पाँच रणनीतिक स्थितियों' को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। यह ऐसे समय में आया है जब बीजिंग शिनच्यांग को यूरेशिया व्यापार नेटवर्क में एक केंद्रीय कड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
यूरेशिया व्यापार का 'स्वर्णिम द्वार' बनाने की योजना
उप प्रधानमंत्री ने शिनच्यांग के भौगोलिक लाभों का अधिकतम उपयोग करने और पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग को और गहरा करने का आह्वान किया। उन्होंने शिनच्यांग को यूरेशिया महाद्वीप के पार एक 'स्वर्णिम मार्ग' और पश्चिम की ओर खुलने वाले प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की बात कही। गौरतलब है कि शिनच्यांग मध्य एशिया, रूस और यूरोप से जुड़ने वाले चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का एक अहम हिस्सा है।
ऊर्जा आपूर्ति और हरित रूपांतरण पर जोर
गर्मियों के चरम ऊर्जा खपत सीजन को देखते हुए तिंग श्वेश्यांग ने ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और वितरण प्रबंधन को मज़बूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिनच्यांग को देश के लिए एक राष्ट्रीय रणनीतिक ऊर्जा आधार के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई और स्वच्छ ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति एवं पूर्ण खपत को बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उद्योगों के हरित रूपांतरण के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान, विकास और अनुप्रयोग को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया गया।
उच्च शिक्षा और जातीय एकता पर ध्यान
तिंग श्वेश्यांग ने शिनच्यांग विश्वविद्यालय और शिनच्यांग उद्योग तकनीकी कॉलेज का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने जातीय अल्पसंख्यक क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विकास का जायज़ा लिया। उन्होंने चीनी राष्ट्र के प्रति मज़बूत सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने, शिक्षा-विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं प्रतिभा के एकीकृत विकास को आगे बढ़ाने और अधिकाधिक स्नातकों को शिनच्यांग में बसने तथा इसके विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने पर ज़ोर दिया।
आगे की दिशा
इस दौरे को शिनच्यांग के विकास एजेंडे को केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मिली उच्च-स्तरीय राजनीतिक स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय शिनच्यांग में मानवाधिकार स्थिति को लेकर चिंताएँ उठाता रहा है, जबकि बीजिंग इन दावों को सिरे से खारिज करता है। आने वाले महीनों में क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में नीतिगत क्रियान्वयन की गति पर नज़र रहेगी।