चिराग पासवान ने कहा, बिहार में भाजपा से होगा अगला मुख्यमंत्री, सीएम बनने की दौड़ में नहीं हैं
सारांश
Key Takeaways
- चिराग पासवान ने सीएम बनने की दौड़ में नहीं होने की बात कही।
- बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा।
- एनडीए एकजुट है, जबकि विपक्ष बिखरा हुआ है।
- चुनावों में एनडीए की स्थिति मजबूत है।
- नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार नए जोश के साथ काम करेगी।
पटना, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से ही होगा, यह बात केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट की है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सीएम बनने की रेस में नहीं हैं और जो दायित्व पीएम मोदी ने उन्हें दिया है, उसे निभाएंगे।
पटना में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान, चिराग पासवान ने कहा कि मुझे लगता है कि राज्य में अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होना चाहिए, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय जल्द ही गठबंधन में लिया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं, और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के दावों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। एनडीए एकजुट है, जबकि विपक्ष बिखरा हुआ है।
चिराग पासवान ने कहा कि आज के राज्यसभा चुनावों के दौरान विपक्ष में बिखराव स्पष्ट था, यहां तक कि राजद के अपने विधायक भी अनुपस्थित थे, और कांग्रेस के कई विधायक भी नहीं आए। मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बन चुकी है, अब बस औपचारिकताएं बाकी हैं। नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, सरकार नए उत्साह के साथ कार्य करेगी।
जदयू नेता निशांत कुमार के बारे में चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी को उनकी भूमिका तय करनी है। लंबे समय से राजनीति में उनकी आने की चर्चा थी, और जब वे आ गए हैं तो मैं उनका स्वागत करता हूं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पांच अलग-अलग राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा कर दी है। मेरा मानना है कि जहां कहीं भी चुनाव हैं, वहां एनडीए की स्थिति मजबूत है। यहां तक कि उन राज्यों में भी जहां हमारी सरकार नहीं है, जैसे पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, वहां भी स्थिति बदल रही है। मैं हाल ही में तमिलनाडु में था और दो दिन पहले असम में। मेरा मानना है कि असम में हम हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाएंगे।
पश्चिम बंगाल में भी, एनडीए अपनी सरकार बनाने में सफल होगा। मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर काफी मजबूत है और लोग कई मुद्दों पर असंतुष्ट हैं। केंद्र सरकार के साथ लगातार टकराव और कई फैसलों का विरोध भी जनता में असंतोष का कारण है।