11 अगस्त 2026
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ममता की कोर्ट-चुनौती की अपील नजरअंदाज: 211 में से 203 हारे TMC उम्मीदवारों ने याचिका नहीं दायर की

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ममता की कोर्ट-चुनौती की अपील नजरअंदाज: 211 में से 203 हारे TMC उम्मीदवारों ने याचिका नहीं दायर की

सारांश

ममता बनर्जी की बार-बार की अपील के बावजूद TMC के 211 में से 203 पराजित उम्मीदवारों ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका नहीं दायर की — 96.20% की यह चुप्पी व्यावहारिक रूप से जनादेश की स्वीकृति है और पार्टी नेतृत्व व जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच गहरी खाई को उजागर करती है।

मुख्य बातें

211 हारे TMC उम्मीदवारों में से 203 (96.20%) ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर नहीं की।
ममता बनर्जी सहित TMC की ओर से केवल 8 याचिकाएँ दायर हुईं; BJP ने 6 याचिकाएँ दायर कीं — कुल 14 ।
ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।
BJP ने 294 में से 202 सीटें जीतीं; TMC 291 में से केवल 88 सीटें ही जीत सकी।
वरिष्ठ TMC सूत्रों के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण अधिकांश उम्मीदवारों ने कानूनी मार्ग से परहेज किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है — कोलकाता में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, विधानसभा चुनाव में पराजित 211 TMC उम्मीदवारों में से 203 (96.20 प्रतिशत) ने अपनी हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देने से इनकार कर दिया है। यह स्थिति तब उभरी है जब पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी बार-बार अपने पराजित उम्मीदवारों से कानूनी मार्ग अपनाने की अपील करती रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम

अब तक TMC की ओर से केवल आठ चुनाव याचिकाएँ दायर की गई हैं। इनमें से एक याचिका स्वयं ममता बनर्जी ने दायर की है, जिसमें उन्होंने दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से अपनी हार को चुनौती दी है। भवानीपुर में उन्हें वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 15,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी कलकत्ता हाईकोर्ट में छह चुनाव याचिकाएँ दायर की हैं। TMC की आठ और BJP की छह याचिकाओं को मिलाकर इस विधानसभा चुनाव से जुड़ी कुल 14 चुनावी याचिकाएँ अब तक दायर हो चुकी हैं।

चुनाव परिणामों की तस्वीर

BJP ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 202 सीटें जीतकर प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी। TMC ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे — शेष तीन पहाड़ी सीटें (दार्जिलिंग, कुर्सियांग और कालिम्पोंग) अपने सहयोगी भारतीय गोरखा जनतांत्रिक मोर्चा (BGJM) के लिए छोड़ी थीं। इनमें से TMC केवल 88 सीटें ही जीत सकी, जबकि उसे 203 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी ने दो-दो सीटें जीतीं, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और ऑल इंडिया सेकुलर फ्रंट ने एक-एक सीट हासिल की।

उम्मीदवारों ने याचिका क्यों नहीं दायर की

TMC के एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, अधिकांश पराजित उम्मीदवारों ने कानूनी लड़ाई से इसलिए दूरी बनाई क्योंकि उनके पास चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य नहीं थे। एक अन्य वरिष्ठ TMC नेता ने भी इसी बात की पुष्टि करते हुए कहा कि चुनावी गड़बड़ियों को अदालत में साबित करने लायक सबूत न होने के कारण याचिका दायर करना व्यावहारिक नहीं था।

गौरतलब है कि यह स्थिति पार्टी के भीतर एक आंतरिक दरार की ओर भी संकेत करती है — नेतृत्व और जमीनी उम्मीदवारों के बीच रणनीतिक सोच में स्पष्ट अंतर दिख रहा है।

आगे क्या होगा

दायर की गई 14 चुनाव याचिकाओं पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई आगे बढ़ेगी। ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट से जुड़ी याचिका राजनीतिक रूप से सबसे अधिक चर्चित रहेगी, क्योंकि इसका सीधा संबंध TMC के भविष्य की दिशा से जुड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 96 प्रतिशत से अधिक पराजित उम्मीदवारों का चुप रहना व्यावहारिक रूप से जनादेश की स्वीकृति है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC के कितने हारे उम्मीदवारों ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर नहीं की?
211 पराजित TMC उम्मीदवारों में से 203 (96.20%) ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर नहीं की। केवल 8 याचिकाएँ दायर हुईं, जिनमें से एक स्वयं ममता बनर्जी की है।
ममता बनर्जी ने किस सीट पर चुनाव याचिका दायर की है?
ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट पर अपनी हार को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस सीट पर उन्हें वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 15,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP और TMC का प्रदर्शन कैसा रहा?
BJP ने 294 में से 202 सीटें जीतकर प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी। TMC 291 सीटों पर चुनाव लड़ी, लेकिन केवल 88 सीटें जीत सकी और 203 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
TMC उम्मीदवारों ने कानूनी चुनौती से क्यों परहेज किया?
TMC के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, अधिकांश पराजित उम्मीदवारों के पास चुनावी अनियमितताओं को अदालत में साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य नहीं थे। इसी कारण उन्होंने याचिका दायर न करने का व्यावहारिक निर्णय लिया।
इस चुनाव में कुल कितनी चुनाव याचिकाएँ दायर हुई हैं?
कलकत्ता हाईकोर्ट में इस विधानसभा चुनाव से जुड़ी कुल 14 चुनाव याचिकाएँ दायर हुई हैं — TMC की 8 और BJP की 6। इन सभी पर आगे सुनवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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