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गुजरात कैबिनेट बैठक: CM भूपेंद्र पटेल ने प्रोजेक्ट देरी रोकने को नया SOP बनाने का आदेश दिया

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गुजरात कैबिनेट बैठक: CM भूपेंद्र पटेल ने प्रोजेक्ट देरी रोकने को नया SOP बनाने का आदेश दिया

सारांश

गुजरात कैबिनेट की 27 मई की बैठक में CM भूपेंद्र पटेल ने प्रोजेक्ट देरी रोकने के लिए नया SOP बनाने, प्री-मानसून कार्य जल्द पूरे करने, निर्माण गुणवत्ता पर कोई समझौता न करने और स्वच्छता अभियान को पंचायत स्तर तक मज़बूत करने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में 27 मई 2025 को अहमदाबाद में राज्य कैबिनेट की बैठक हुई।
परियोजनाओं की स्वीकृति के बाद प्रारंभिक देरी रोकने के लिए मुख्य सचिव को नया SOP तैयार करने का आदेश।
भूमि अधिग्रहण और वन विभाग से एनओसी समय पर मिलना अनिवार्य किया जाएगा।
मानसून से पहले प्री-मानसून कार्य पूरे करने और शहरी खाली तालाबों में जल-आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश।
निर्माण व अवसंरचना कार्यों में लाइन-लेवल और फ्लोरिंग स्तर तक गुणवत्ता से समझौता नहीं।
ग्राम पंचायत, तालुका और जिला पंचायत स्तर पर स्वच्छता के लिए अलग 'हेड' बनाने का सुझाव।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में 27 मई 2025 को अहमदाबाद में राज्य कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रशासनिक पारदर्शिता, विकास कार्यों में तेज़ी और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने से जुड़े कई अहम निर्देश जारी किए गए। प्रवक्ता मंत्री जीतूभाई वघानी ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों को ठोस कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

प्री-मानसून तैयारियों पर जोर

मुख्यमंत्री पटेल ने मानसून के आगमन को देखते हुए राज्य में प्री-मानसून कार्य जल्द से जल्द पूरे करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि समूचे तंत्र को इस प्रकार तैयार किया जाए कि बारिश के मौसम में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही, शहरी क्षेत्रों में नगर पालिकाओं और महानगर पालिकाओं द्वारा निर्मित खाली तालाबों को भरने के लिए तत्काल जल-स्रोत चिह्नित करने और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

प्रोजेक्ट देरी रोकने के लिए नया SOP

मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विकास परियोजनाओं की गहन समीक्षा शुरू की है। मंत्री वघानी के अनुसार, परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने के बाद प्रारंभिक चरण में होने वाली देरी को समाप्त करना प्राथमिकता है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों से एनओसी एवं अन्य अनुमतियाँ समय पर प्राप्त करना अनिवार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव को इस प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए एक नया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का आदेश दिया है।

निर्माण गुणवत्ता पर कड़ा रुख

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में जारी निर्माण और अवसंरचना कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग क्षेत्र में भवन की लाइन-लेवल और फ्लोरिंग जैसे बारीक पहलुओं में भी कोई कमी स्वीकार्य नहीं होगी। संबंधित इंजीनियरों को सतर्क रहने और जहाँ भी खामियाँ मिलें, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा

शहरी विकास विभाग को राज्य के नगरीय क्षेत्रों में वृक्षारोपण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक निधि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान को ज़मीनी स्तर पर और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत, तालुका पंचायत और जिला पंचायत स्तर पर स्वच्छता के लिए एक अलग 'हेड' बनाने का सुझाव दिया गया है।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में आई है जब गुजरात सरकार बड़े पैमाने पर अवसंरचना विस्तार की दिशा में काम कर रही है। नए SOP के लागू होने के बाद परियोजनाओं की स्वीकृति से लेकर क्रियान्वयन तक की प्रक्रिया कितनी सुगम होती है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गुजरात में भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की एनओसी में देरी की समस्या दशकों पुरानी है — केवल SOP से यह नहीं बदलेगी, जब तक जवाबदेही तंत्र नहीं बनता। प्री-मानसून कार्य और तालाब भरने के निर्देश हर साल दोहराए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन की निगरानी का कोई सार्वजनिक ढाँचा नहीं है। स्वच्छता अभियान को पंचायत स्तर पर संस्थागत रूप देना सराहनीय है, पर इसके लिए आवश्यक बजट और प्रशिक्षण की व्यवस्था का ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात कैबिनेट बैठक में नया SOP किसलिए बनाने का आदेश दिया गया?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के मुख्य सचिव को यह SOP इसलिए बनाने का निर्देश दिया ताकि परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और वन विभाग जैसे विभागों से एनओसी मिलने में होने वाली प्रारंभिक देरी को समाप्त किया जा सके।
प्री-मानसून तैयारियों के लिए क्या निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्री ने मानसून से पहले राज्य में सभी प्री-मानसून कार्य जल्द से जल्द पूरे करने और पूरे तंत्र को तैयार रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में नगर पालिकाओं द्वारा बनाए गए खाली तालाबों के लिए तत्काल जल-स्रोत ढूंढकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निर्माण गुणवत्ता को लेकर CM पटेल ने क्या कहा?
CM पटेल ने सख्त निर्देश दिए कि राज्य में चल रहे निर्माण और अवसंरचना कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा। भवन की लाइन-लेवल और फ्लोरिंग जैसे बारीक पहलुओं में भी इंजीनियरों को सतर्क रहने और खामियाँ मिलने पर तत्काल सुधार करने को कहा गया है।
'स्वच्छता ही सेवा' अभियान को लेकर क्या नई पहल की गई?
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने के लिए ग्राम पंचायत, तालुका पंचायत और जिला पंचायत स्तर पर स्वच्छता के लिए एक अलग 'हेड' बनाने का सुझाव दिया है।
वृक्षारोपण के लिए कौन-से विभाग को निर्देश मिला?
शहरी विकास विभाग को राज्य के नगरीय क्षेत्रों में वृक्षारोपण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक निधि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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