कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना: सीएम सरमा का पाकिस्तान और बांग्लादेश से तुलना
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस की असम में स्थिति कमजोर है।
- मुख्यमंत्री सरमा ने विकास योजनाओं की घोषणा की।
- विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए।
- भाजपा सरकार विकास में सक्रिय है।
- असम में चुनावी माहौल गरम हो रहा है।
गुवाहाटी, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान या बांग्लादेश में सरकार बना सकती है, लेकिन असम में नहीं।
मुख्यमंत्री सरमा ने गुवाहाटी और नगांव के बीच प्रस्तावित छह-लेन वाले एक्सप्रेस हाईवे के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि भारत में कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं है। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "मेरी पत्नी का पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है और मेरा कांग्रेस में शामिल होने का तो सवाल ही नहीं उठता।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस पाकिस्तान और बांग्लादेश में सरकार बनाएगी, लेकिन वह असम में कभी सत्ता में नहीं आ सकेगी।"
विपक्ष पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस नेताओं पर गैरजिम्मेदाराना राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि गैंडे के शिकार में शामिल कांग्रेस नेता अब नगांव में अपना चेहरा दिखाने की हिम्मत नहीं करेंगे। लोगों को ऐसी गतिविधियों की जानकारी है और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को परिणाम भुगतने होंगे।
मुख्यमंत्री सरमा ने गुवाहाटी और नगांव को जोड़ने वाले छह लेन के एक्सप्रेसवे की योजना की घोषणा की, जिसका लक्ष्य क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा, "हम गुवाहाटी और नगांव के बीच एक आधुनिक एक्सप्रेसवे बनाने की योजना बना रहे हैं, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार विकास और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है, और इसकी तुलना उन्होंने कांग्रेस की 'नकारात्मकता की राजनीति' से की।
जैसे-जैसे आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, मुख्यमंत्री सरमा की ये टिप्पणियां असम में एक तीव्र राजनीतिक संघर्ष का संकेत दे रही हैं, क्योंकि भाजपा विपक्ष पर अपने हमले तेज कर रही है और साथ ही अपने विकास एजेंडे को भी उजागर कर रही है।