जातिवाद की राजनीति: भारत की नींव को कमजोर करने का प्रयास, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

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जातिवाद की राजनीति: भारत की नींव को कमजोर करने का प्रयास, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

सारांश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने चित्तौड़गढ़ में जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने जातिवाद की राजनीति को भारत की नींव के लिए ख़तरा बताया और एकता का आह्वान किया। जानें कैसे यह राजनीति देश को कमजोर कर रही है।

Key Takeaways

  • जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है।
  • समाज में एकता के लिए सभी को एकजुट होना होगा।
  • महानायकों के बलिदान से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।
  • नारी गरिमा और सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस नीति।
  • भारत की अस्मिता की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है।

चित्तौड़गढ़, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्तौड़गढ़ की धरती से जातिवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की यह पंक्तियाँ सुनाईं- "मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़ कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का? पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, 'जाति-जाति' का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।"

सीएम योगी ने कहा कि जो लोग जातिवाद के आधार पर समाज में फूट डालने का प्रयास कर रहे हैं, वे केवल अपने स्वार्थ के लिए इस पाप को कर रहे हैं। जातिवाद ने समाज की नींव को कमजोर किया है जिससे देश की ताकत कमज़ोर हुई है। जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को संकट में डाल रही है। इस विभाजनकारी राजनीति से बचने के लिए हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री ने रविवार को ईनाणी सिटी सेंटर, चित्तौड़गढ़ में जौहर श्रद्धांजलि समारोह में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। इसके अलावा, उन्होंने पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने जनसमूह से प्रश्न किया कि वे कौन लोग हैं, जो जातिवाद के आधार पर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं? क्या वे अफवाहों के आधार पर विश्वास का संकट उत्पन्न कर रहे हैं? ये वही लोग हैं, जिन्होंने राम-कृष्ण के अस्तित्व को नकारा। राम मंदिर आंदोलन में विरोधी पक्ष के साथ मिलकर निर्णय न होने देने की हर संभव कोशिश की।

उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ की वीरभूमि ने हमें पहचान दी है। यहां के वीरों का शौर्य और बलिदान हर सच्चे भारतीय के दिल में श्रद्धा का भाव उत्पन्न करता है। चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों का दुर्ग नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का प्रहरी है।

सीएम योगी ने महानायक महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि यह श्रद्धांजलि समारोह हमें प्रेरित कर रहा है कि आने वाले समय में किसी भी बेटी-बहन को उस कठिन दौर से न गुजरना पड़े। भारत का इतिहास वीरांगनाओं के जौहर से भरा पड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब उनकी सरकार बनी, तो उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वासन दिया कि अपराधों और नारी गरिमा के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

उन्होंने महाराणा सांगा के शौर्य का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने अपने शरीर पर ८० घाव सहते हुए भी राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा की।

सीएम योगी ने कहा कि भारत के महापुरुषों ने हमेशा शौर्य और पराक्रम का आह्वान किया। आजादी के आंदोलन में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने १८५७ में अंग्रेजों के खिलाफ शंखनाद किया।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद का भी उल्लेख किया, जिन्होंने कहा था, 'गर्व से कहो, हम हिंदू हैं।' यह उद्घोष भारत को एकता के सूत्र में बांधता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्तौड़गढ़ की वीरभूमि को देखकर उन्हें यूपी के साहित्यकार श्याम नारायण पांडेय की रचना 'हल्दीघाटी' की पंक्तियाँ याद आती हैं।

Point of View

बल्कि यह देश की एकता और अखंडता को भी खतरे में डालती है। एकजुटता का आह्वान इस समय की आवश्यकता है।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

सीएम योगी ने जातिवाद के खिलाफ क्या कहा?
सीएम योगी ने जातिवाद की राजनीति को भारत की नींव के लिए खतरा बताया और समाज में एकता का आह्वान किया।
चित्तौड़गढ़ में सीएम योगी का क्या कार्यक्रम था?
सीएम योगी ने चित्तौड़गढ़ में जौहर श्रद्धांजलि समारोह में जनसमूह को संबोधित किया और सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
सीएम योगी ने किन महानायकों का उल्लेख किया?
उन्होंने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह का उल्लेख किया।
क्या जातिवाद से भारत की अस्मिता को खतरा है?
जी हां, सीएम योगी ने कहा कि जातिवाद की राजनीति भारत की अस्मिता को कमजोर कर रही है।
सीएम योगी का मुख्य संदेश क्या था?
उनका मुख्य संदेश था कि हमें जातिवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।
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