सीएम योगी का सिंगापुर दौरा: विदेशी निवेशकों से जुड़ी महत्वपूर्ण चर्चाएँ
सारांश
Key Takeaways
- योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर दौरा विदेशी निवेश को बढ़ावा देने में सहायक।
- टेमासेक होल्डिंग्स के साथ निवेश के नए अवसरों पर चर्चा।
- राज्य में 500 करोड़ रुपए का निवेश स्वास्थ्य और अवसंरचना में संभावित।
सिंगापुर/लखनऊ, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर और अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर यात्रा के पहले दिन कई विदेशी निवेशकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इन चर्चाओं में राज्य में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने पहले दिन की शुरुआत सिंगापुर की प्रमुख निवेश कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स के अध्यक्ष टियो ची हीन और उनकी टीम के साथ मुलाकात से की। इस बैठक में टेमासेक के वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो और उत्तर प्रदेश में निवेश के विषय पर चर्चा की गई।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने टेमासेक को उत्तर प्रदेश में अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, वेयरहाउसिंग, फिनटेक आधारित शहरी विकास और अन्य संबंधित क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। बैठक में टेमासेक की पोर्टफोलियो कंपनी मनिपाल हॉस्पिटल्स द्वारा गाजियाबाद में लगभग 500 करोड़ रुपए के निवेश और असेंडास द्वारा राज्य में लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास हेतु करीब 500 करोड़ रुपए के निवेश की जानकारी भी साझा की गई। यह निवेश प्रदेश के स्वास्थ्य और औद्योगिक अवसंरचना को नई गति प्रदान करेगा।
बैठक में दोनों पक्षों ने डेटा सेंटर और कौशल विकास जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर सहमति जताई। यह सहयोग उत्तर प्रदेश की भविष्योन्मुखी अवसंरचना के निर्माण और व्यापक रोजगार सृजन की परिकल्पना के अनुरूप होगा, जिससे राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त और आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निवेशकों के समक्ष उत्तर प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, विकसित हो रहे एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और तेजी से उभरते लॉजिस्टिक्स हब के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और राज्य सरकार उद्योगों को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत पारदर्शी, त्वरित और निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और तकनीकी क्षमता का विकास हो सके।
मुख्यमंत्री का यह दौरा उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश की नई संभावनाएं सामने आएंगी और राज्य को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में गति मिलेगी। यह उल्लेखनीय है कि राज्य में निवेश प्रोत्साहन की इसी मुहिम के तहत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इस समय यूरोप के दौरे पर हैं।