कर्जत में 2,075 पेड़ कटे: मनसे नेता संदीप देशपांडे ने टोरेंट कंपनी पर साधा निशाना, राज ठाकरे करेंगे जंगल दौरा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता संदीप देशपांडे ने 26 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्जत के जंगलों में गुजरात की टोरेंट कंपनी के प्रोजेक्ट के लिए अब तक 2,075 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं और 32 हजार पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई है। देशपांडे ने यह भी घोषणा की कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे 28 अक्टूबर की रैली से पूर्व स्वयं उस जंगल का दौरा करेंगे।
मुख्य आरोप और देशपांडे का बयान
देशपांडे ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि कर्जत में वनों की कटाई का दृश्य 'बेहद दर्दनाक' है। उनके अनुसार, 150 साल पुराने पेड़ काट दिए गए हैं और आयुर्वेदिक महत्व वाले पेड़ों को भी नहीं बख्शा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पेड़ काटे जा रहे हों तो उसे 'ग्रीन प्रोजेक्ट' कैसे कहा जा सकता है।
देशपांडे ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले नासिक में आयोजित होने वाले कुंभ मेले के लिए भी सरकार ने हजारों पेड़ कटवाए थे। उनका कहना था कि यह सिलसिला अब भी जारी है।
ग्राम पंचायत की सहमति का सवाल
मनसे नेता ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सवाल उठाया — यदि संबंधित ग्राम पंचायत ने पेड़ कटाई के संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया, तो इतने बड़े पैमाने पर कटाई की अनुमति कैसे दी गई? यह ऐसे समय में आया है जब पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर देशभर में बहस तेज हो रही है और वन अधिकार कानूनों की अनदेखी पर सवाल उठते रहे हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में वन भूमि पर औद्योगिक या ऊर्जा परियोजनाओं के लिए स्थानीय निकायों की सहमति एक अनिवार्य प्रक्रिया मानी जाती है। इस प्रक्रिया की कथित अनदेखी ने ही मनसे के विरोध को और धार दी है।
राज ठाकरे का जंगल दौरा और 28 अक्टूबर की रैली
देशपांडे ने बताया कि 28 अक्टूबर को पुलिस ग्राउंड में राज ठाकरे की बड़ी सभा आयोजित होगी। इससे पहले राज ठाकरे स्वयं जंगल में जाकर पेड़ कटाई की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे। मनसे नेता ने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 'प्रकृति का विनाश करके विकास नहीं किया जाना चाहिए।'
देशपांडे ने 1975 में बनी एक फिल्म का संदर्भ देते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सरकार को अपनी बनाई हुई 'फिल्म' खुद देखनी चाहिए — यानी अपने पर्यावरण संरक्षण के वादों को याद करना चाहिए।
विपक्षी एकता और आंदोलन की रणनीति
मनसे नेता ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर पर्यावरण की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे के निर्देश पर मनसे पेड़ कटाई के विरुद्ध एक व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। यह कर्जत के जंगलों से उठी आवाज अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा पर्यावरणीय मुद्दा बनती दिख रही है।