8 जुलाई 2026
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तमिलनाडु में पार्टी विरोधी गतिविधियों की जांच को कांग्रेस ने बनाई 5 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी

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तमिलनाडु में पार्टी विरोधी गतिविधियों की जांच को कांग्रेस ने बनाई 5 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद कांग्रेस ने पार्टी के भीतर अनुशासन की परीक्षा शुरू की है — खड़गे की मंजूरी से बनी 5 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी 60 दिनों में रिपोर्ट देगी। यह कदम संगठनात्मक जवाबदेही की दिशा में पार्टी का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी से तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद 5 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित की गई।
समिति का नेतृत्व पूर्व सांसद डॉ.
जयकुमार (चेयरमैन) और हिदायतुल्लाह (संयोजक) करेंगे।
अन्य तीन सदस्य: स्वर्णा सेतुरमन , सी.
मेयप्पन और कमलाक्षी कामराज ।
कमेटी 60 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट, निष्कर्ष और सिफारिशें पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी।
AICC के तमिलनाडु-पुडुचेरी प्रभारी गिरीश चोडणकर ने आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनियमितताओं की जांच के लिए एक 5 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद यह समिति अस्तित्व में आई है। समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट, निष्कर्ष और सिफारिशें पार्टी नेतृत्व को सौंपनी होंगी।

कमेटी का गठन और जनादेश

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के तमिलनाडु और पुडुचेरी प्रभारी गिरीश चोडणकर द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस समिति को चुनाव के दौरान सामने आई पार्टी विरोधी गतिविधियों से जुड़ी सभी शिकायतों की पड़ताल करने का दायित्व सौंपा गया है। समिति संबंधित पक्षों और नेताओं से संवाद करेगी और अपने निष्कर्षों के आधार पर सिफारिशें तैयार करेगी।

पाँच सदस्यों की संरचना

इस फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की अध्यक्षता पूर्व सांसद और पूर्व AICC सचिव डॉ. के. जयकुमार को सौंपी गई है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के उपाध्यक्ष हिदायतुल्लाह को संयोजक की भूमिका दी गई है।

समिति के शेष तीन सदस्यों में TNCC उपाध्यक्ष स्वर्णा सेतुरमन, पूर्व AICC सचिव और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सी. डी. मेयप्पन तथा AIMC की राष्ट्रीय सचिव कमलाक्षी कामराज शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पार्टी का रुख और प्रतिबद्धता

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि वह संगठन के भीतर अनुशासन, जवाबदेही और संगठनात्मक ईमानदारी बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करना संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। गौरतलब है कि तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने इस गठन की जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से साझा की।

आगे क्या होगा

कमेटी अब तमिलनाडु में संबंधित नेताओं और पक्षों से मुलाकात कर साक्ष्य एकत्र करेगी। 60 दिनों की समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट के आधार पर पार्टी नेतृत्व अनुशासनात्मक कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है। यह कदम 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पार्टी की आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या रिपोर्ट के बाद ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी या यह भी पिछली ऐसी समितियों की तरह दराज में बंद रह जाएगी। गठबंधन की राजनीति में, जहाँ कांग्रेस तमिलनाडु में DMK की सहयोगी है, आंतरिक अनुशासन और गठबंधन-प्रबंधन के बीच संतुलन बनाना नेतृत्व की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी क्यों बनाई गई है?
यह कमेटी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनियमितताओं की जांच के लिए बनाई गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद इसे अधिकृत किया गया।
इस 5 सदस्यीय कमेटी में कौन-कौन शामिल हैं?
कमेटी के चेयरमैन पूर्व सांसद डॉ. के. जयकुमार हैं और संयोजक TNCC उपाध्यक्ष हिदायतुल्लाह हैं। अन्य तीन सदस्य TNCC उपाध्यक्ष स्वर्णा सेतुरमन, वरिष्ठ नेता सी. डी. मेयप्पन और AIMC राष्ट्रीय सचिव कमलाक्षी कामराज हैं।
कमेटी कब तक अपनी रिपोर्ट देगी?
कमेटी को 60 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट, निष्कर्ष और सिफारिशें कांग्रेस नेतृत्व को सौंपनी हैं। इस दौरान समिति संबंधित नेताओं और पक्षों से बातचीत करेगी।
कमेटी का गठन किसने अधिकृत किया?
AICC के तमिलनाडु और पुडुचेरी प्रभारी गिरीश चोडणकर ने आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया। कमेटी का गठन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद हुआ।
इस कमेटी से कांग्रेस को क्या हासिल होने की उम्मीद है?
पार्टी का कहना है कि वह संगठन में अनुशासन, जवाबदेही और संगठनात्मक ईमानदारी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। रिपोर्ट के आधार पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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