क्या कांग्रेस इंसानियत और मानवीय मूल्यों के साथ खड़ी है?
सारांश
Key Takeaways
- भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे रिश्ते हैं।
- कांग्रेस इंसानियत और मानवीय मूल्यों के साथ खड़ी है।
- भारत को वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
- गुटनिरपेक्ष आंदोलन में भारत का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
- भारत को संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से जुड़े बांग्लादेशी खिलाड़ी के मामले में बीसीसीआई की टिप्पणी और उसके निर्णय के कारण उत्पन्न परिस्थितियों पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित इस विवाद पर अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सलमान खुर्शीद ने बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच के रिश्ते सदियों पुराने और गहरे रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत ने बांग्लादेश के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसके लिए कई बलिदान दिए हैं। वर्तमान में बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह न तो बांग्लादेश के हित में है, न क्षेत्र के लिए और न ही भारत के लिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि आज वही समस्याएं नए रूप में सामने आ रही हैं, तो ऐसे समय में इंसानियत के सिद्धांतों के लिए मजबूती से खड़ा होना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इंसानियत और मानवीय मूल्यों के साथ खड़ी है और इन्हीं सिद्धांतों पर निर्णय लिए जाने चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए सलमान खुर्शीद ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेने के मामले पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में पूरे विश्व में भारी उथल-पुथल हुई है और एक नई वैश्विक व्यवस्था स्थापित करने की कोशिशें चल रही हैं, या यह प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यह सवाल बार-बार उठता है कि भारत इस बदलती वैश्विक व्यवस्था में क्या भूमिका निभाएगा और दुनिया को क्या योगदान देगा। सलमान खुर्शीद ने कहा कि पारंपरिक रूप से भारत का वैश्विक मंच पर एक लंबा और महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने गुटनिरपेक्ष आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद भारत ने लंबे समय तक ग्लोबल साउथ की आवाज का प्रतिनिधित्व किया। बाद में, जब भारत जी-20 जैसे वैश्विक मंचों का हिस्सा बना, तो देश की कोशिश एक ऐसी दुनिया को मजबूत करने की रही, जो मूल्यों और सहयोग पर आधारित हो।
सलमान खुर्शीद ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत को अपनी ऐतिहासिक भूमिका और मूल्यों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।