क्या कांग्रेस सांसद किरसान ने भाजपा पर 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाया?

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क्या कांग्रेस सांसद किरसान ने भाजपा पर 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाया?

सारांश

गडचिरौली में कांग्रेस सांसद नामदेव किरसान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने चुनावों में वोट चोरी करके सत्ता हासिल की। इस विवाद में माओवादी संगठन ने भी एक पर्चा प्रकाशित किया है। क्या यह आरोप सही हैं या केवल राजनीतिक खेल?

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
माओवादी संगठन ने कांग्रेस का समर्थन किया है।
गडचिरौली में मतदान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
आरोपों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए गए हैं।
यह विवाद राजनीतिक माहौल को गर्मा सकता है।

गडचिरौली, 15 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद नामदेव किरसान ने सोमवार को भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने चुनावों में वोट चोरी करके सत्ता प्राप्त करने का आरोप लगाया। इस आरोप पर माओवादी संगठन ने कथित रूप से एक पर्चा प्रकाशित किया, जिसपर किरसान ने समर्थन की बात कही।

कांग्रेस सांसद नामदेव किरसान ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा पर 'वोट चोरी' कर सत्ता हासिल करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर माओवादी संगठन द्वारा कथित तौर पर कांग्रेस के समर्थन में 11 पन्नों का एक पर्चा प्रकाशित किए जाने की खबर ने सनसनी फैला दी है। इस पर्चे और भाजपा पर लगे आरोपों को लेकर किरसान ने बड़ा बयान दिया है।

नामदेव किरसान ने कहा, "माओवादी संगठन, जो हमेशा से चुनाव प्रक्रिया का विरोध करते रहे हैं, अब कांग्रेस के वोट चोरी के आरोप का समर्थन कर रहे हैं। लेकिन गडचिरौली जिले की सच्चाई यह है कि नक्सली प्रभाव के कारण कई वर्षों तक 45 से 55 गांवों में मतदान नहीं हो सका।"

उन्होंने माओवादियों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गैर-हिस्सेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा, "नक्सली न तो वोट देते हैं, न ही चुनाव में हिस्सा लेते हैं। ऐसे संगठनों का समर्थन या विरोध, दोनों ही संदिग्ध हैं।"

किरसान ने माओवादी पर्चे की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "यह पर्चा किसने और क्यों जारी किया, इसकी कोई पुष्टि नहीं है। पहले भी आईटी सेल के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिशें हो चुकी हैं। भाजपा पर वोट चोरी का आरोप और माओवादियों का समर्थन, दोनों ही संदेहास्पद हैं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव सभी दलों के लिए समान होते हैं और केवल भाजपा के खिलाफ प्रक्रिया का विरोध होने का दावा तर्कसंगत नहीं है।

किरसान ने कहा, "जब तक इस पर्चे की प्रामाणिकता साबित नहीं होती, इसे सच नहीं माना जा सकता।" यह विवाद गडचिरौली में राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है, जहां नक्सलवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पहले से ही जटिल मुद्दे रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चुनावी राजनीति में एक गंभीर मुद्दा बन सकता है। हालांकि, माओवादी संगठन का समर्थन संदिग्ध है। यह स्पष्ट होना चाहिए कि राजनीतिक आरोपों का आधार क्या है और कैसे यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस सांसद ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस सांसद नामदेव किरसान ने भाजपा पर चुनावों में वोट चोरी करके सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया है।
माओवादी संगठन का इस मामले में क्या कहना है?
माओवादी संगठन ने कांग्रेस के समर्थन में एक पर्चा प्रकाशित किया है जिसमें किरसान के आरोपों का समर्थन किया गया है।
क्या माओवादी संगठन चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं?
नामदेव किरसान के अनुसार, नक्सली न तो वोट देते हैं और न ही चुनाव में हिस्सा लेते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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