क्या राहुल-प्रियंका को लेकर कांग्रेस में खींचतान है? : योगेंद्र चंदोलिया
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस में राहुल और प्रियंका गांधी के कारण खींचतान चल रही है।
- भाजपा सांसद ने पार्टी की स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- लव जिहाद पर संघ प्रमुख के बयान का समर्थन किया गया।
- दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर चर्चा का आह्वान किया गया।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों भाई-बहन के कारण पार्टी के अंदर खींचतान और सिर-फुटौव्वल का माहौल है।
भाजपा सांसद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के विषय में कांग्रेस के अंदर बहुत विभाजन है। एक बड़ा वर्ग राहुल गांधी से दूर होना चाहता है। देश की जनता कांग्रेस को स्वीकार नहीं कर रही है। कांग्रेस में एक बड़ा अंदरूनी झगड़ा चल रहा है। यह अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, परंतु यह धीरे-धीरे सामने आ रहा है। राहुल गांधी का उपयोग हो चुका है और वे असफल रहे हैं। पार्टी का अध्यक्ष बनने के बावजूद, उन्होंने पार्टी को देश में पुनर्जीवित नहीं किया। हालाँकि, यह उनका व्यक्तिगत मामला है। लेकिन, देश में कांग्रेस की जड़ें समाप्त हो चुकी हैं, और जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। असम में कांग्रेस कभी सत्ता में नहीं आएगी।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिका द्वारा पकड़े जाने पर भाजपा सांसद ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र पर कोई खतरा नहीं है। विपक्षी पार्टियों का यह कहना कि लोकतंत्र खतरे में है, यह उनकी आदत बन गई है। वेनेजुएला की स्थिति की बात करें तो अमेरिका ने राष्ट्रपति को हिरासत में लिया है। यह कोई साधारण घटना नहीं है। ऐसे मामलों में कार्रवाई करना उस देश का अपना मामला है। मेरा मानना है कि अमेरिका का हस्तक्षेप सही नहीं है।
योगेंद्र चंदोलिया ने संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा लव जिहाद पर दिए गए बयान का समर्थन किया। सांसद ने कहा कि देश के हर व्यक्ति को अपने बच्चों से संवाद करना चाहिए। लव जिहाद करने वाले लोग घोर अत्याचार करते हैं, और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
दिल्ली विधानसभा सत्र में भाजपा सांसद ने कहा कि प्रदूषण पर चर्चा होनी चाहिए। 11 महीने बनाम 10 महीने। विधानसभा में चर्चा होने पर जनता सब कुछ जान जाएगी। लेकिन, आम आदमी पार्टी इस चर्चा में भाग नहीं लेगी, उनका हंगामा करना पुरानी आदत बन गई है।