6 अगस्त 2026
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राज्यसभा के सभापति ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव को किया खारिज

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राज्यसभा के सभापति ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव को किया खारिज

सारांश

राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। जानें इस फैसले के पीछे की वजहें और क्या है आगे की प्रक्रिया।

मुख्य बातें

राज्यसभा सभापति ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव को खारिज किया।
यह निर्णय सभी पहलुओं के निष्पक्ष आकलन के बाद लिया गया।
इससे ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति में स्थिरता आई है।
विपक्षी सांसदों ने पिछले महीने इस प्रस्ताव को उठाया था।
नोटिस के खारिज होने से प्रक्रिया समाप्त हो गई है।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए सांसदों द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव (नोटिस) को स्वीकार करने से मना कर दिया है।

आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, 12 मार्च 2026 को राज्यसभा के 63 सदस्यों ने इस प्रस्ताव का नोटिस दिया था। यह नोटिस भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324(5) और अनुच्छेद 124(4) के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 11(2) और जजेज (इंक्वायरी) एक्ट, 1968 के प्रावधानों के तहत दिया गया था।

इस प्रस्ताव के माध्यम से भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग की गई थी।

राज्यसभा के सभापति ने नोटिस पर विचार करने के बाद और सभी संबंधित पहलुओं का गहन एवं निष्पक्ष आकलन करने के उपरांत इसे खारिज कर दिया। सभापति ने यह निर्णय जजेज (इंक्वायरी) एक्ट, 1968 की धारा 3 के तहत अपनी प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए लिया।

इस निर्णय के साथ ही ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग से संबंधित यह प्रक्रिया फिलहाल समाप्त हो गई है।

गौर करने वाली बात है कि पिछले महीने कई विपक्षी दलों के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने के लिए दोनों सदनों में नोटिस दिया था। हालांकि, नोटिस के बाद लोकसभा और राज्यसभा के सूत्रों ने बताया था कि इन नोटिसों की जांच की जाएगी, उसके बाद ही कोई अगला कदम उठाया जाएगा, जिसे आज राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने खारिज कर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे यह स्पष्ट होता है कि सभी संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही कदम उठाए गए हैं। यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा सभापति ने ज्ञानेश कुमार को हटाने का नोटिस क्यों खारिज किया?
सभापति ने सभी पहलुओं का निष्पक्ष आकलन करने के बाद प्रस्ताव को खारिज किया।
क्या यह प्रस्ताव सांसदों द्वारा लगातार उठाया जा रहा था?
हाँ, पिछले महीने कई विपक्षी सांसदों ने इसे उठाया था।
इस निर्णय का क्या प्रभाव होगा?
इससे ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने की स्थिति स्पष्ट हुई है।
क्या आगे इस मामले में कुछ हो सकता है?
फिलहाल, यह प्रक्रिया समाप्त हो गई है, लेकिन भविष्य में कुछ भी हो सकता है।
इस निर्णय के पीछे कौन सी कानूनी धाराएं थीं?
यह निर्णय जजेज (इंक्वायरी) एक्ट, 1968 की धारा 3 के तहत लिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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