14 अगस्त 2026
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राहुल गांधी की विदेश नीति टिप्पणियाँ 'शर्मनाक': BJP प्रवक्ता सीआर केशवन का तीखा पलटवार

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राहुल गांधी की विदेश नीति टिप्पणियाँ 'शर्मनाक': BJP प्रवक्ता सीआर केशवन का तीखा पलटवार

सारांश

BJP प्रवक्ता सीआर केशवन ने राहुल गांधी की विदेश नीति टिप्पणियों को 'शर्मनाक' और 'तीसरे दर्जे की राजनीति' करार दिया। नेहरू के 17 साल के विदेश मंत्रित्व, सिंधु जल संधि, अक्साई चिन और 51 सूती बक्सों का हवाला देते हुए BJP ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता सीआर केशवन ने 14 अगस्त को राहुल गांधी की विदेश नीति टिप्पणियों को 'शर्मनाक' और 'तीसरे दर्जे की गंदी राजनीति' बताया।
केशवन ने नेहरू के 17 साल के विदेश मंत्रित्व को 'नाकामी और असफलताओं से भरा' करार दिया।
BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का 'पहला परिवार' नेहरू के पत्रों से भरे 51 सूती बक्सों को लौटाने से इनकार कर रहा है।
नेहरू द्वारा 38,000 वर्ग किलोमीटर अक्साई चिन गँवाने और सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर करने की आलोचना की गई।
केशवन ने ऑपरेशन सिंदूर को मोदी सरकार की बड़ी सैन्य उपलब्धि बताया और कांग्रेस से आत्ममंथन की अपील की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केशवन ने 14 अगस्त को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि विदेश नीति पर उनके बयान तथा प्रधानमंत्री के प्रति की गई टिप्पणियाँ 'शर्मनाक हरकत और तीसरे दर्जे की गंदी राजनीति' का उदाहरण हैं। केशवन ने कहा कि इस तरह की भाषा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेतृत्व की 'गिरती हुई सोच' को उजागर करती है।

BJP का सीधा हमला

केशवन ने कहा, 'राहुल गांधी का शर्मनाक स्टंट और प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर की गई घटिया टिप्पणियाँ राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व की गिरती हुई सोच को उजागर करती हैं। राहुल गांधी के असभ्य और अशिष्ट कारनामे कांग्रेस पार्टी की हताशा को दिखाते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से अपनी 'फूहड़ बयानबाजी' से राजनीतिक विमर्श को दूषित कर रहे हैं।

नेहरू के कार्यकाल पर सवाल

BJP प्रवक्ता ने राहुल गांधी को विदेश नीति पर बोलने से पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल का हिसाब देने की सलाह दी। केशवन ने कहा, 'अगर राहुल गांधी विदेश नीति पर बात करना चाहते हैं तो पहले 17 साल तक विदेश मंत्री रहे नेहरू के कार्यकाल के बारे में बात करें, जो नाकामी और असफलताओं से भरा था।' उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू ने कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाकर गलती की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 निरस्त किया।

सिंधु जल संधि और अक्साई चिन का संदर्भ

केशवन ने कहा कि नेहरू ने 'पाकिस्तान के पक्ष में एकतरफा सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर कर देश के किसानों के साथ धोखा किया', जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने निलंबित किया। उन्होंने यह भी कहा कि नेहरू के कार्यकाल में 38,000 वर्ग किलोमीटर अक्साई चिन गंवाया गया, जबकि मोदी सरकार के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक बड़ी सैन्य जीत हासिल की गई।

नेहरू के पत्रों पर विवाद

BJP प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस का 'पहला परिवार' नेहरू के पत्रों से भरे 51 सूती बक्सों को लौटाने से इनकार कर रहा है। केशवन ने कहा, 'इन बक्सों में नेहरू द्वारा एडविना माउंटबेटन को लिखे गए पत्र भी शामिल हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस का पहला परिवार इन पत्रों को लेकर रहस्य का आवरण क्यों बनाए हुए है?' उन्होंने राहुल गांधी से पहले इस सवाल का जवाब देने की माँग की।

कांग्रेस से आत्ममंथन की अपील

केशवन ने अंत में कहा कि राहुल गांधी की 'असंस्कृत, असभ्य और गैर-गरिमापूर्ण राजनीति' की वजह से ही जनता ने उन्हें बार-बार नकारा है और आज वे भारतीय राजनीति के लिए 'बड़ी बोझ' बन गए हैं। उन्होंने कांग्रेस से अपनी राजनीति पर आत्ममंथन करने की अपील की। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्पष्ट रूप से राष्ट्रवाद और विरासत की राजनीति को केंद्र में लाने की रणनीति है। नेहरू के पत्रों और सिंधु जल संधि जैसे पुराने मुद्दों को उठाना दर्शाता है कि BJP वर्तमान नीतिगत बहस से ध्यान हटाकर ऐतिहासिक आख्यान पर जोर देना चाहती है। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने जो विशिष्ट टिप्पणियाँ कीं, उनका स्रोत में उल्लेख नहीं है — जिससे यह एकपक्षीय आरोप-प्रत्यारोप की कहानी बनती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पैटर्न को चूक जाती है: दोनों दलों का यह वाकयुद्ध नीतिगत विमर्श को कम और चुनावी ध्रुवीकरण को अधिक परोसता है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआर केशवन ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केशवन ने राहुल गांधी की विदेश नीति संबंधी टिप्पणियों को 'शर्मनाक हरकत और तीसरे दर्जे की गंदी राजनीति' बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा कांग्रेस नेतृत्व की 'गिरती हुई सोच' को उजागर करती है।
BJP ने नेहरू के 51 सूती बक्सों का मुद्दा क्यों उठाया?
केशवन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का 'पहला परिवार' नेहरू के पत्रों से भरे 51 सूती बक्सों को लौटाने से इनकार कर रहा है, जिनमें एडविना माउंटबेटन को लिखे पत्र भी शामिल बताए जाते हैं। BJP ने राहुल गांधी से इस पर सफाई माँगी है।
BJP ने नेहरू की विदेश नीति की आलोचना में कौन से उदाहरण दिए?
BJP प्रवक्ता ने कहा कि नेहरू ने कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाकर गलती की, पाकिस्तान के पक्ष में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए और 38,000 वर्ग किलोमीटर अक्साई चिन गँवाया। इसके विपरीत उन्होंने मोदी सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 निरस्त करने, सिंधु जल संधि निलंबित करने और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया।
क्या कांग्रेस ने BJP के इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस बयान के संदर्भ में कांग्रेस की तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध जारी रहने की संभावना है।
यह विवाद किस संदर्भ में सामने आया?
यह बयान 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आया, जब राहुल गांधी ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर टिप्पणी की थी। BJP ने इसे राष्ट्रीय गौरव और ऐतिहासिक विरासत के व्यापक विमर्श से जोड़ते हुए पलटवार किया।
राष्ट्र प्रेस
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