द्वारका सेक्टर-23 में DDA बनाएगा फाइव स्टार होटल, ₹1,000 करोड़ निवेश और 800 नौकरियों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने द्वारका के सेक्टर-23 में एक फाइव स्टार होटल विकसित करने के लिए एक हॉस्पिटैलिटी ग्रुप के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना में ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और इससे लगभग 800 लोगों को सीधे रोज़गार मिलने की उम्मीद है। यह समझौता उपराज्यपाल टी.एस. संधू के द्वारका को इन्वेस्टमेंट हब बनाने के विज़न के तहत किया गया है।
समझौते का ब्यौरा
यह करार बुधवार, 13 अगस्त को DDA के वाइस चेयरमैन एन. सरवाना कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ। आधिकारिक बयान के अनुसार, हॉस्पिटैलिटी ग्रुप इस परियोजना को लाइसेंस फीस के आधार पर पूरा करेगा, जिससे DDA पर सीधा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। यह मॉडल सरकारी ज़मीन पर निजी निवेश को आकर्षित करने की बढ़ती प्रवृत्ति के अनुरूप है।
रणनीतिक लोकेशन का महत्व
प्रस्तावित होटल की भौगोलिक स्थिति इसे कई मायनों में विशिष्ट बनाती है। होटल से DDA का द्वारका गोल्फ कोर्स दिखेगा, जो देश का सबसे लंबा 18-होल गोल्फ कोर्स है। इसके अलावा, यह संपत्ति यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर — जो क्षेत्रफल के लिहाज़ से भारत और एशिया का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर है — और द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निकट होगी। गौरतलब है कि होटल के सामने एक प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव भी विकसित होना है, जिसकी हॉस्पिटैलिटी ज़रूरतें पूरी करने में यह होटल अग्रणी भूमिका निभाएगा।
द्वारका के इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर
DDA के अनुसार, चालू होने के बाद यह फाइव स्टार प्रॉपर्टी दिल्ली-NCR में उच्च गुणवत्ता वाले आवास की उपलब्धता को बढ़ाएगी। यह होटल बिज़नेस ट्रैवलर्स, पर्यटकों और विजिटर्स की बढ़ती माँग को पूरा करने के साथ-साथ द्वारका के समग्र हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई पहचान देगा। यह ऐसे समय में आया है जब द्वारका को एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और बड़े इवेंट वेन्यू के कारण निवेशकों का ध्यान तेज़ी से मिल रहा है।
आगे क्या
परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन लाइसेंस-फीस मॉडल पर आधारित यह साझेदारी DDA की भविष्य की भूमि-मुद्रीकरण रणनीति का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यशोभूमि और डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के आसपास बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाएँ द्वारका को दिल्ली के नए वाणिज्यिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी।