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देबाशीष सामंतराय भाजपा में शामिल, बीजेडी छोड़ने के बाद राज्यसभा से भी दिया था इस्तीफा

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देबाशीष सामंतराय भाजपा में शामिल, बीजेडी छोड़ने के बाद राज्यसभा से भी दिया था इस्तीफा

सारांश

ओडिशा के अनुभवी नेता देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी में 'सुनियोजित अपमान' का आरोप लगाते हुए पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दिया और भाजपा का दामन थाम लिया — यह बीजेडी के लिए चुनावी हार के बाद एक और बड़ा संगठनात्मक झटका है।

मुख्य बातें

देबाशीष सामंतराय ने मंगलवार, 27 मई 2025 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की।
उन्होंने 25 मई को बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को इस्तीफा भेजा, जिसमें पार्टी में 'सुनियोजित अपमान' का आरोप लगाया।
बीजेडी छोड़ने के कुछ घंटों बाद उन्होंने उपराष्ट्रपति सी.पी.
राधाकृष्णन को राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा सौंपा।
सामंतराय 2000-2004 में किरटोल और 2009-2019 तक लगातार दो बार कटक बाराबती सीट से विधायक रहे।
भाजपा स्वागत समारोह में राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह , सांसद अनिल बलूनी और ओडिशा प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर उपस्थित रहे।

ओडिशा की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए बीजू जनता दल (बीजेडी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने मंगलवार, 27 मई 2025 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इससे पहले उन्होंने 25 मई को बीजेडी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया था और कुछ ही घंटों बाद राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी थी। उनके इस कदम को ओडिशा की राजनीति में बीजेडी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

भाजपा में औपचारिक स्वागत

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने सामंतराय का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, सांसद अनिल बलूनी, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं ओडिशा प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर तथा प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। भाजपा ने इस शामिल होने को अपने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

देबाशीष सामंतराय का राजनीतिक सफर

सामंतराय ओडिशा की राजनीति में एक अनुभवी चेहरा हैं। वे वर्ष 2000 से 2004 तक किरटोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। इसके बाद 2009 से 2019 तक लगातार दो कार्यकालों में कटक की बाराबती विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए। उन्होंने ओडिशा टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन के रूप में भी दायित्व निभाया है। लोककला, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक कार्यों में उनकी दीर्घकालिक सक्रियता रही है।

बीजेडी पर लगाए उपेक्षा के आरोप

25 मई को बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेजे अपने इस्तीफे में सामंतराय ने लिखा, 'मैं बीजेडी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देता हूं। मुझे राज्यसभा के लिए मनोनीत करने के लिए मैं आपका सदा ऋणी रहूंगा।' उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने वर्षों तक पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पार्टी के लिए कार्य किया, किंतु 'हाल के दिनों में पार्टी में मेरा सुनियोजित तरीके से अपमान किया जा रहा है और पार्टी को मेरी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है।'

राज्यसभा से भी इस्तीफा

बीजेडी छोड़ने के कुछ घंटों के भीतर ही सामंतराय ने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंपकर उच्च सदन की सदस्यता भी त्याग दी। यह घटनाक्रम ओडिशा की राजनीति में बीजेडी की घटती पकड़ की ओर संकेत करता है, विशेष रूप से तब जब पार्टी राज्य में सत्ता गँवाने के बाद पुनर्गठन के दौर से गुज़र रही है।

ओडिशा की राजनीति पर असर

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बीजेडी ओडिशा में 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से हार के बाद अपने संगठन को पुनर्जीवित करने में जुटी है। सामंतराय जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता का पार्टी छोड़ना बीजेडी के लिए संगठनात्मक चुनौती को और गहरा करता है। भाजपा इस प्रवेश को ओडिशा में अपनी जड़ें और मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि सामंतराय को नई पार्टी में वह स्थान और भूमिका मिलती है या नहीं, जिसकी उन्हें तलाश है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देबाशीष सामंतराय कौन हैं और उनका राजनीतिक अनुभव क्या है?
देबाशीष सामंतराय ओडिशा के वरिष्ठ राजनेता हैं जो 2000-2004 में किरटोल और 2009-2019 तक लगातार दो बार कटक की बाराबती सीट से विधायक रहे। वे ओडिशा टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन भी रह चुके हैं और बीजेडी के राज्यसभा सांसद के रूप में कार्य किया।
देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी क्यों छोड़ी?
सामंतराय ने बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेजे अपने इस्तीफे में पार्टी में 'सुनियोजित अपमान' और उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों की निष्ठा के बावजूद पार्टी को उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं रही।
क्या देबाशीष सामंतराय ने राज्यसभा से भी इस्तीफा दिया?
हाँ, बीजेडी छोड़ने के कुछ घंटों के भीतर ही उन्होंने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंपकर उच्च सदन की सदस्यता भी त्याग दी।
सामंतराय के भाजपा में शामिल होने से ओडिशा की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
उनका भाजपा में जाना 2024 की चुनावी हार के बाद बीजेडी के लिए एक और संगठनात्मक झटका है। भाजपा इसे ओडिशा में अपनी पकड़ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है, जबकि बीजेडी के लिए वरिष्ठ नेताओं का यह पलायन पार्टी पुनर्गठन की राह को और कठिन बनाता है।
भाजपा में सामंतराय के स्वागत में कौन-कौन से नेता उपस्थित थे?
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, सांसद अनिल बलूनी, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं ओडिशा प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर तथा प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता इस अवसर पर उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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