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देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे पर BJD का पलटवार: लेनिन मोहंती बोले — निजी स्वार्थ और कारोबारी दबाव में लिया फैसला

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देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे पर BJD का पलटवार: लेनिन मोहंती बोले — निजी स्वार्थ और कारोबारी दबाव में लिया फैसला

सारांश

BJD प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने राज्यसभा सदस्य देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे को निजी स्वार्थ और कारोबारी दबाव का नतीजा बताया। पार्टी ने उन्हें पाँच बार चुनाव लड़ाया, तीन जीत भी दिलाई — फिर भी यह कदम उठाया गया। साथ ही मोहंती ने ईंधन महंगाई पर केंद्र से वैट कटौती की माँग की।

मुख्य बातें

लेनिन मोहंती ने 25 मई 2025 को भुवनेश्वर में देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे को 'निजी स्वार्थ और कारोबारी दबाव' का परिणाम बताया।
सामंतराय ने BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक को इस्तीफा भेजकर पार्टी में अपमान का आरोप लगाया।
मोहंती के अनुसार, पार्टी ने सामंतराय को लगातार 5 बार चुनाव लड़ने का मौका दिया — 3 जीत, 2 हार — और बाद में राज्यसभा भी भेजा।
मोहंती ने संकेत दिया कि ऐसे नेता बाद में BJP में शामिल हो जाते हैं — राष्ट्रीय प्रवृत्ति पर चिंता जताई।
पिछले 10 दिनों में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी व कमर्शियल गैस के दाम बढ़े; मोहंती ने वैट कटौती से ₹10–₹14 प्रति लीटर राहत की माँग की।

बीजू जनता दल (BJD) के प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने 25 मई 2025 को भुवनेश्वर में राज्यसभा सदस्य देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे को 'व्यक्तिगत स्वार्थ और कारोबारी दबाव' का परिणाम बताया। मोहंती ने कहा कि जिस पार्टी ने सामंतराय को राजनीतिक पहचान दी, उसे इस तरह छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस्तीफे पर BJD की प्रतिक्रिया

डॉ. मोहंती ने बताया कि देबाशीष सामंतराय ने BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक को अपना इस्तीफा भेजा है, जिसमें उन्होंने पार्टी में खुद को अपमानित और नीचा दिखाए जाने का आरोप लगाया है। मोहंती ने इस दावे को 'हैरान करने वाला' करार देते हुए कहा कि पार्टी ने सामंतराय को लगातार पाँच बार चुनाव लड़ने का अवसर दिया।

पार्टी का योगदान और सामंतराय का सफर

BJD प्रवक्ता ने विस्तार से बताया कि देबाशीष सामंतराय ने पार्टी के टिकट पर तीन विधानसभा चुनाव जीते और दो में हार का सामना किया, फिर भी पार्टी ने उन पर भरोसा बनाए रखा। बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गईं। मोहंती के अनुसार, यह स्पष्ट करता है कि पार्टी ने कभी उनके साथ भेदभाव नहीं किया।

राजनीतिक प्रवृत्ति पर चिंता

मोहंती ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में एक राजनीतिक प्रवृत्ति देखने को मिली है, जिसमें कुछ नेता किसी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुँचने के बाद दूसरी पार्टियों में चले जाते हैं। बिना सीधे नाम लिए उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे कई नेता बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लेते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया।

ईंधन मूल्य वृद्धि पर केंद्र सरकार पर निशाना

डॉ. मोहंती ने इस्तीफे के मुद्दे के साथ-साथ केंद्र सरकार पर बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और कमर्शियल गैस की कीमतों में कई बार वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता और व्यापारिक वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

मोहंती ने सरकार से वैट में कटौती की माँग करते हुए कहा कि यदि करों में कमी की जाए तो लोगों को प्रति लीटर ₹10 से ₹14 तक की राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।

BJD पर असर और आगे की राह

मोहंती ने स्पष्ट किया कि सामंतराय के जाने से BJD को कोई बड़ा संगठनात्मक नुकसान नहीं होगा, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में सामंतराय को इस फैसले पर पछताना पड़ सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आई है जब ओडिशा में BJD विपक्ष की भूमिका में अपनी पुनर्संरचना कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह असली सवाल से ध्यान भटकाता है — पार्टी में असंतोष क्यों पनप रहा है? राज्यसभा सदस्यों का पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ दल में जाना एक स्थापित राष्ट्रीय पैटर्न है, और BJD इसका नया शिकार दिख रही है। ईंधन मूल्य वृद्धि पर मोहंती का बयान विपक्षी भूमिका में पार्टी की पुनर्स्थापना की कोशिश को दर्शाता है, लेकिन विश्वसनीयता तब बनेगी जब यह माँग सड़क पर उतरकर आंदोलन का रूप ले।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देबाशीष सामंतराय ने BJD से इस्तीफा क्यों दिया?
देबाशीष सामंतराय ने BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेजे इस्तीफे में पार्टी में खुद को अपमानित और नीचा दिखाए जाने का आरोप लगाया। हालाँकि BJD प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि इस्तीफे के पीछे निजी हित, कारोबारी कारण और कुछ समूहों का दबाव हो सकता है।
BJD ने देबाशीष सामंतराय को क्या-क्या अवसर दिए थे?
BJD ने सामंतराय को लगातार पाँच बार चुनाव लड़ने का मौका दिया, जिसमें उन्होंने तीन विधानसभा चुनाव जीते और दो में हार का सामना किया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ भी सौंपीं।
लेनिन मोहंती ने किस राष्ट्रीय राजनीतिक प्रवृत्ति की ओर इशारा किया?
मोहंती ने कहा कि देश में एक प्रवृत्ति देखी जा रही है जिसमें कुछ नेता किसी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुँचने के बाद दूसरी पार्टियों में चले जाते हैं। बिना सीधे नाम लिए उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे नेता बाद में BJP का दामन थाम लेते हैं।
ईंधन कीमतों पर BJD की क्या माँग है?
BJD प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने केंद्र सरकार से वैट में कटौती की माँग की है। उनके अनुसार, यदि करों में कमी की जाए तो आम लोगों को प्रति लीटर ₹10 से ₹14 तक की राहत मिल सकती है, जो पिछले 10 दिनों में हुई बार-बार की मूल्य वृद्धि से राहत दिलाएगी।
क्या देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे से BJD को बड़ा नुकसान होगा?
BJD प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने स्पष्ट किया कि इस इस्तीफे से पार्टी को कोई बड़ा संगठनात्मक नुकसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सामंतराय को खुद इस फैसले पर पछताना पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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