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बीजेडी को तीसरा झटका: राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने पार्टी और सदस्यता दोनों से दिया इस्तीफा

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बीजेडी को तीसरा झटका: राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने पार्टी और सदस्यता दोनों से दिया इस्तीफा

सारांश

नवीन पटनायक के करीबी रहे राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने 25 मई को बीजेडी और उच्च सदन दोनों छोड़ दिए — 'सुनियोजित अपमान' का आरोप लगाते हुए। 2024 की चुनावी हार के बाद यह बीजेडी का तीसरा राज्यसभा इस्तीफा है, जो पार्टी के भीतर गहराते संगठनात्मक संकट की तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

देबाशीष सामंतराय ने 25 मई 2025 को बीजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।
कुछ ही घंटों बाद उन्होंने सी.पी.
राधाकृष्णन को इस्तीफा सौंपकर राज्यसभा सदस्यता भी छोड़ी।
सामंतराय ने पत्र में 'सुनियोजित अपमान' का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी को उनकी सेवाओं की ज़रूरत नहीं।
ममता महंत और सुजीत कुमार के बाद वे बीजेडी के तीसरे राज्यसभा सदस्य हैं जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया।
एक्स पर उन्होंने ओडिशा की जनता के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

बीजू जनता दल (बीजेडी) के राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने 25 मई 2025 को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और कुछ ही घंटों बाद उच्च सदन की सदस्यता भी छोड़ दी। नवीन पटनायक के करीबी माने जाने वाले सामंतराय ने पार्टी में 'सुनियोजित अपमान' का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया। ममता महंत और सुजीत कुमार के बाद वे बीजेडी के तीसरे राज्यसभा सदस्य हैं जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया है।

इस्तीफे की वजह: 'सुनियोजित अपमान'

सामंतराय ने बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेजे पत्र में लिखा, 'मुझे लगता है कि हाल के दिनों में पार्टी में मेरा सुनियोजित तरीके से अपमान किया जा रहा है और पार्टी को मेरी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने 'वर्षों से पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पार्टी के लिए कार्य किया है।' साथ ही उन्होंने राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर पटनायक के प्रति कृतज्ञता भी जताई।

राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा

पार्टी छोड़ने के कुछ घंटों बाद सामंतराय नई दिल्ली पहुँचे और उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस प्रकार उन्होंने उच्च सदन की सदस्यता से भी औपचारिक विदाई ले ली। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी में बीजेडी ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में घोषित किया था।

एक्स पर क्या कहा सामंतराय ने

एक्स पर पोस्ट करते हुए सामंतराय ने लिखा, 'पार्टी की स्थापना से लेकर आज तक, मैं अपनी सेवा, संगठन और समर्पण की नीति के अनुसार कार्य करता रहा हूँ। भविष्य में भी मैं ओडिशा की जनता के लिए अपना संघर्ष जारी रखूँगा।' यह बयान संकेत देता है कि वे राजनीतिक रूप से सक्रिय रहने का इरादा रखते हैं।

बीजेडी के लिए बढ़ती मुश्किलें

यह ऐसे समय में आया है जब बीजेडी 2024 के ओडिशा विधानसभा चुनाव में सत्ता गँवाने के बाद पहले से ही संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। ममता महंत और सुजीत कुमार पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। सामंतराय के जाने से पार्टी की राज्यसभा में उपस्थिति और कमज़ोर होगी तथा नवीन पटनायक के नेतृत्व पर सवाल और गहरे होंगे। आने वाले दिनों में सामंतराय की अगली राजनीतिक चाल पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2024 की विधानसभा पराजय के बाद बीजेडी के भीतर उभरे नेतृत्व-शून्य की सार्वजनिक स्वीकृति है। तीन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल से पहले पार्टी छोड़ना यह दर्शाता है कि नवीन पटनायक की पकड़ अब उतनी अटूट नहीं जितनी दो दशकों तक रही। असली सवाल यह है कि क्या सामंतराय भाजपा की ओर जाएँगे या स्वतंत्र मंच बनाएँगे — और यह उत्तर बीजेडी के पुनर्गठन की दिशा तय करेगा। मुख्यधारा की कवरेज 'इस्तीफे' पर रुक जाती है, लेकिन असली कहानी यह है कि ओडिशा में विपक्ष की भूमिका के लिए अब कोई स्थापित ढाँचा नहीं बचा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी क्यों छोड़ी?
सामंतराय ने बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेजे पत्र में 'सुनियोजित अपमान' का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी को अब उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने वर्षों तक निष्ठापूर्वक काम किया, लेकिन हाल के दिनों में उनके साथ का व्यवहार बदल गया।
क्या सामंतराय ने राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दिया?
हाँ, 25 मई 2025 को बीजेडी छोड़ने के कुछ घंटों बाद सामंतराय नई दिल्ली पहुँचे और उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
बीजेडी के कितने राज्यसभा सदस्य अब तक इस्तीफा दे चुके हैं?
सामंतराय से पहले ममता महंत और सुजीत कुमार भी बीजेडी छोड़कर राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। इस प्रकार सामंतराय तीसरे बीजेडी राज्यसभा सदस्य हैं जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले पार्टी और सदन दोनों छोड़े।
देबाशीष सामंतराय को राज्यसभा कब भेजा गया था?
पिछले साल फरवरी में बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक ने पूर्व विधायक देबाशीष सामंतराय और पार्टी नेता सुभाषिश खुंटिया को राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार घोषित किया था।
सामंतराय के इस्तीफे का बीजेडी पर क्या असर होगा?
2024 के ओडिशा विधानसभा चुनाव में सत्ता गँवाने के बाद पहले से संकट में चल रही बीजेडी के लिए यह तीसरा राज्यसभा इस्तीफा पार्टी की संसदीय उपस्थिति को और कमज़ोर करेगा। नवीन पटनायक के नेतृत्व पर सवाल और गहरे होंगे तथा पार्टी के पुनर्गठन की चुनौती बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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