सुजाता कार्तिकेयन बीजेडी में शामिल, नवीन पटनायक ने खुद किया स्वागत; पांडियन दंपति पर अटकलें खत्म
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व आईएएस अधिकारी सुजाता आर. कार्तिकेयन ने 26 जून 2025 को भुवनेश्वर स्थित बीजेडी मुख्यालय शंख भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में बीजू जनता दल (बीजेडी) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम के साथ ही पिछले कई महीनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर औपचारिक रूप से विराम लग गया। सुजाता, बीजेडी के वरिष्ठ नेता वी.के. पांडियन की पत्नी हैं।
पार्टी में शामिल होने का समारोह
शंख भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में नवीन पटनायक ने सुजाता कार्तिकेयन का स्वागत करते हुए कहा, 'मैं सुजाता राउत का बीजू जनता दल में स्वागत करता हूँ। वह पार्टी की एक सामान्य सदस्य के रूप में शामिल हो रही हैं। आप जानते हैं कि वह एक आईएएस अधिकारी रही हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। अपने अंतिम कार्यकाल में उन्होंने राज्य की महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी संभाली थी।' उन्होंने यह भी कहा, 'मुझे विश्वास है कि समय के साथ अपनी नई भूमिका में ढलने के बाद वह लोगों, विशेष रूप से महिलाओं की सेवा करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।'
पटनायक का नेतृत्व पर स्पष्ट संदेश
इस अवसर पर नवीन पटनायक ने उन नेताओं को भी सीधा संदेश दिया, जिन्होंने कथित तौर पर पार्टी में पांडियन दंपति के बढ़ते प्रभाव को लेकर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से असंतोष जताया था। साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर चल रही चर्चाओं को भी विराम देने की कोशिश की। पटनायक ने कहा, 'मैं मीडिया और सभी लोगों को एक बार फिर स्पष्ट करना चाहता हूँ कि आगामी चुनावों में बीजू जनता दल का नेतृत्व मैं ही करूँगा। मैं इसे पूरी तरह साफ कर देना चाहता हूँ।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर उत्तराधिकार को लेकर अनुमानों का बाज़ार गर्म था।
सुजाता कार्तिकेयन की प्रतिक्रिया
बीजेडी में शामिल होने के बाद सुजाता कार्तिकेयन ने कहा, 'आज बीजेडी में शामिल होकर मुझे फिर से नवीन पटनायक के नेतृत्व में ओडिशा की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। भगवान जगन्नाथ, पार्टी नेतृत्व और लाखों कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से मैं पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करूँगी।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 24 वर्षों से वह एक आईएएस अधिकारी के रूप में नवीन पटनायक के नेतृत्व में ओडिशा के लोगों की सेवा करती रही हैं।
सुजाता कार्तिकेयन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सुजाता कार्तिकेयन वर्ष 2000 बैच की ओडिशा कैडर की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। उन्होंने पिछले वर्ष मार्च में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली थी, जिसके बाद से उनके राजनीति में प्रवेश और बीजेडी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।
आगे क्या होगा
यह ओडिशा की राजनीति में एक उल्लेखनीय घटनाक्रम है, क्योंकि यह पहली बार है जब पांडियन दंपति दोनों सार्वजनिक रूप से बीजेडी से जुड़े हैं। आलोचकों का कहना है कि पार्टी के भीतर इस दंपति का बढ़ता प्रभाव आंतरिक असंतोष की एक वजह रही है। अब यह देखना होगा कि सुजाता को पार्टी में कौन-सी भूमिका सौंपी जाती है और आगामी चुनावों में उनकी उम्मीदवारी को लेकर क्या निर्णय होता है।