दिल्ली विधानसभा मानसून सत्र: 10 अगस्त को तीन अहम बिल पेश होंगे, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के आठवें सत्र के छठे सेशन की दूसरी बैठक 10 अगस्त 2026 (सोमवार) को होगी, जिसमें बिजनेस एडवाइजरी कमेटी द्वारा मंजूर किए गए तीन प्रमुख विधेयक सदन में पेश किए जाने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं।
कौन-से तीन बिल होंगे पेश
5 अगस्त 2026 को हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में तय किया गया कि मानसून सत्र के दौरान निम्नलिखित तीन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। पहला, 'दिल्ली (नागरिकों का सेवाओं की समय-सीमा के भीतर डिलीवरी का अधिकार) बिल, 2026' — जो 'दिल्ली (नागरिकों का समय-सीमा के भीतर सेवाओं का अधिकार) एक्ट, 2011' को रद्द करने का प्रावधान करता है। दूसरा, दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड एक्ट, 2010 की धारा 2, क्लॉज़ (g), सब-क्लॉज़ (iii) में संशोधन का प्रस्ताव करने वाला बिल। तीसरा, 'नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ़ दिल्ली (इनक्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन) एक्ट, 2007' (दिल्ली एक्ट नंबर 11 ऑफ़ 2007) को उसके 2010 और 2021 के संशोधन एक्ट्स के साथ रद्द करने का प्रस्ताव।
बिजली क्षेत्र में भी बड़ा कदम
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि सत्र के दौरान बिजली मंत्री आशीष सूद 'दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (ओपन एक्सेस के लिए नियम और शर्तें) (दूसरा संशोधन) रेगुलेशन, 2026' से संबंधित नोटिफिकेशन और सुधार भी सदन में पेश करेंगे। गौरतलब है कि यह कदम दिल्ली के बिजली क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीएजी रिपोर्ट और पिछली सरकार पर सवाल
इससे पहले शुक्रवार को सदन में कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल में दिल्ली सरकार में वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब सत्र में विपक्ष के साथ तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल प्रबंधन
विधानसभा परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं और एक्सेस-कंट्रोल पॉइंट्स को मजबूत किया गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) पहले से ही तैनात कर दी गई है। संशोधित एक्सेस प्रोटोकॉल के तहत परिसर में प्रवेश केवल गेट नंबर 1 से होगा, जबकि शेष गेटों पर प्रतिबंध रहेगा।
नोटिस और प्रक्रियाओं के संदर्भ में, सभी आवश्यक नोटिस एनवीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से जमा किए जाएंगे। नियम 280 के तहत मामले उठाने वाले सदस्य शाम 5 बजे तक अपने नोटिस दे सकते हैं।
आगे क्या होगा
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सभी सदस्यों से तय प्रक्रियाओं का पालन करने और तीन दिवसीय सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह सत्र दिल्ली के लोगों से जुड़े मुद्दों पर सार्थक विधायी कार्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।