2 अक्टूबर 2026
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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 'टक्कर गिरोह' के भगोड़े सदस्य को आनंद विहार स्टेशन से किया गिरफ्तार

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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 'टक्कर गिरोह' के भगोड़े सदस्य को आनंद विहार स्टेशन से किया गिरफ्तार

सारांश

जेल में बंद गिरोह के सरगना के इशारे पर हत्या के प्रयास में शामिल, जमानत पर रिहा होकर फरार हुआ और भगोड़ा घोषित — दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 'टक्कर गिरोह' के गुलाम ख्वाजा उर्फ आले को आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर तकनीकी निगरानी की मदद से दबोच लिया।

मुख्य बातें

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 2 अक्टूबर 2026 को 'टक्कर गिरोह' के सदस्य गुलाम ख्वाजा उर्फ आले को आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया।
आरोपी 3 दिसंबर 2023 की गोलीबारी में शामिल था, जिसमें पीड़ित इरफान के पैर में गोली लगी थी।
ख्वाजा 25 मार्च को मिली 14 दिनों की अंतरिम जमानत के बाद आत्मसमर्पण नहीं किया था; 5 अगस्त को अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।
गिरोह के सरगना विक्की उर्फ टक्कर ने कथित तौर पर जेल से ही हमले के निर्देश दिए थे।
गिरोह द्वारका, डाबरी, उत्तम नगर और हरियाणा के इलाकों में सक्रिय बताया गया है।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 2 अक्टूबर 2026 को हत्या के प्रयास के मामले में 'टक्कर गिरोह' के एक सक्रिय और भगोड़े सदस्य को आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाकर गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी थी और वह महीनों से अपना ठिकाना बदल-बदलकर पुलिस की पकड़ से बाहर था।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुलाम ख्वाजा उर्फ आले, उम्र 30 वर्ष, निवासी डाबरी, दिल्ली, के रूप में हुई है। वह सागरपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 594/2023 में वांछित था, जो IPC की धारा 307 और 34 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत दर्ज थी।

पुलिस के अनुसार, ख्वाजा को 25 मार्च को चिकित्सा कारणों से 14 दिनों की अंतरिम जमानत दी गई थी, लेकिन जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद वह आत्मसमर्पण करने में विफल रहा और फरार हो गया। 5 अगस्त को संबंधित अदालत ने उसे औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित कर दिया था।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई थी गोलीबारी

पुलिस के अनुसार, नवंबर 2023 में इरफान रघु नगर इलाके में सट्टे का कारोबार चला रहा था। सट्टेबाजी में शामिल कुणाल को नुकसान हुआ और उसे बकाया राशि चुकाने के लिए कहा गया। इसके बाद कुणाल ने उस समय जेल में बंद गिरोह के सरगना विक्की उर्फ टक्कर से संपर्क किया और सहायता माँगी।

पुलिस के अनुसार, विक्की उर्फ टक्कर ने जेल से ही गुलाम ख्वाजा उर्फ आले को निर्देश दिया कि वह इरफान के सट्टेबाजी के अड्डे पर जाए। ख्वाजा ने कथित तौर पर एक पिस्तौल का इंतजाम किया और उसे अमन को सौंपते हुए इरफान पर गोली चलाने का आदेश दिया।

3 दिसंबर 2023 को रात करीब 8 बजे गुलाम, कुणाल, हेमू और अमन इरफान के अड्डे पर पहुँचे। पुलिस के अनुसार, अमन ने इरफान पर दो गोलियाँ चलाईं — एक उसके पैर में लगी, जबकि दूसरी चूक गई। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। जाँच के दौरान स्थानीय पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर पिस्तौल बरामद की थी, परंतु ख्वाजा बाद में जमानत का दुरुपयोग कर फरार हो गया था।

गिरफ्तारी की रणनीति

क्राइम ब्रांच ने एसीपी उमेश बर्थवाल के समग्र पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर योगेश कुमार व विनोद यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। टीम में एसआई दीपेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल राजबीर, राम निवास, परमानंद, कुलदीप और अंचल कुमार शामिल थे।

तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि ख्वाजा दिल्ली वापस आएगा और आनंद विहार रेलवे स्टेशन होते हुए सीतापुरी में टक्कर के आवास पर जाएगा। सूचना के आधार पर टीम ने स्टेशन पर जाल बिछाया और उसे दबोच लिया।

गिरोह की गतिविधियाँ और क्षेत्र

पूछताछ में ख्वाजा ने टक्कर गिरोह से अपने संबंध स्वीकार किए और बताया कि गिरोह द्वारका, डाबरी, उत्तम नगर और हरियाणा के आसपास के इलाकों में सक्रिय है। गौरतलब है कि गिरोह का सरगना विक्की उर्फ टक्कर उस वक्त भी जेल में था जब उसने कथित तौर पर हमले के निर्देश दिए — जो संगठित अपराध की गहरी जड़ों की ओर इशारा करता है।

कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

ख्वाजा को बीएनएसएस की धारा 35(1)(डी) के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है और संबंधित न्यायालय में पेश किया जा रहा है। आगे की जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जवाबदेही यह है कि जमानत के बाद की निगरानी को कड़ा किया जाए ताकि जेल से संचालित गिरोह की पहुँच को जड़ से काटा जा सके।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुलाम ख्वाजा उर्फ आले को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
उसे सागरपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 594/2023 के संबंध में गिरफ्तार किया गया, जो दिसंबर 2023 में इरफान पर हुई गोलीबारी से जुड़ा हत्या के प्रयास का मामला है। यह एफआईआर IPC की धारा 307 और 34 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत दर्ज है।
'टक्कर गिरोह' क्या है और यह कहाँ सक्रिय है?
'टक्कर गिरोह' दिल्ली का एक संगठित आपराधिक गिरोह है, जिसका सरगना विक्की उर्फ टक्कर है। पूछताछ में ख्वाजा ने खुलासा किया कि यह गिरोह द्वारका, डाबरी, उत्तम नगर और हरियाणा के आसपास के इलाकों में सक्रिय है।
आरोपी को भगोड़ा घोषित क्यों किया गया था?
ख्वाजा को चिकित्सा कारणों से 25 मार्च को 14 दिनों की अंतरिम जमानत दी गई थी, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद वह आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया। इसके बाद 5 अगस्त को संबंधित अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने ख्वाजा को कैसे पकड़ा?
क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर जाल बिछाया। सूचना मिली थी कि वह आनंद विहार रेलवे स्टेशन होते हुए सीतापुरी में टक्कर के आवास पर जाएगा, जिसके बाद टीम ने स्टेशन पर उसे दबोच लिया।
3 दिसंबर 2023 की गोलीबारी में क्या हुआ था?
पुलिस के अनुसार, 3 दिसंबर 2023 को रात करीब 8 बजे गुलाम ख्वाजा सहित चार आरोपी इरफान के सट्टेबाजी के अड्डे पर पहुँचे और अमन ने इरफान पर दो गोलियाँ चलाईं, जिनमें से एक उसके पैर में लगी। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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