क्या दिल्ली दंगों के आरोपियों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए?
सारांश
Key Takeaways
- जमानत न मिलना एक सकारात्मक कदम है।
- जेएनयू में नियंत्रण की आवश्यकता है।
- बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
- आरोपियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए।
- भारत अमेरिकी दबाव में नहीं आएगा।
जयपुर, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने गुरुवार को राष्ट्र प्रेस के साथ एक बातचीत में दिल्ली दंगों के आरोपियों को जमानत न मिलने, जेएनयू में विवादित नारेबाजी और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने आईपीएल में बांग्लादेश के खिलाड़ी को शामिल करने के लिए बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को ज़िम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के बारे में कहा कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा देना चाहिए।
दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि यह एक अच्छी बात है। उन्हें आजीवन कारावास ही नहीं, बल्कि मृत्युदंड भी मिलना चाहिए।
जेएनयू में विवादित नारेबाजी पर उन्होंने कहा कि जेएनयू पर नियंत्रण आवश्यक है। वहां के लोग सीमाओं को पार कर चुके हैं। विदेश में राहुल गांधी द्वारा भारतीय संस्थाओं पर सवाल उठाने पर उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा देना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दोगुना टैरिफ लगाने के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत इससे झुकने वाला नहीं है। भारत अमेरिकी दबाव में नहीं आने वाला है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से मुसलमानों का समर्थन कर रही हैं। वह केवल नाम की बनर्जी हैं। हिंदू राष्ट्र पर उन्होंने कहा कि हम हिंदू राष्ट्र की आकांक्षा रखते हैं। इसके लिए जनमत संग्रह की आवश्यकता होगी। 370 सीटें रामभक्तों को मिल जाएं, तब हम आसानी से हिंदू राष्ट्र बना सकते हैं।
बांग्लादेश की स्थिति पर उन्होंने कहा कि सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए। वहां की अंतरिम सरकार पर हमें भरोसा नहीं है। शाहरुख खान पर उन्होंने कहा कि वह दोषी हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या हो रही है, तो वहां के खिलाड़ी को क्यों बुला रहे हैं?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अतिक्रमण हटाने के दौरान हो रहे हमलों को एक सोची-समझी साजिश बताया।