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दिल्ली आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 5 महीनों में 725 एफआईआर, 730 गिरफ्तार, 197 वाहन जब्त

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दिल्ली आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 5 महीनों में 725 एफआईआर, 730 गिरफ्तार, 197 वाहन जब्त

सारांश

दिल्ली आबकारी विभाग ने अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच अवैध शराब के खिलाफ रिकॉर्ड कार्रवाई की — 725 एफआईआर, 730 गिरफ्तारियाँ और 197 वाहन जब्त। यह पिछले साल की इसी अवधि से दोगुने से भी अधिक है। त्योहारी सीजन से पहले और सख्ती का ऐलान।

मुख्य बातें

दिल्ली आबकारी विभाग ने अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच अवैध शराब के मामलों में 725 एफआईआर दर्ज कीं और 730 लोगों को गिरफ्तार किया।
इसी दौरान अवैध शराब ले जा रहे 197 वाहन जब्त किए गए।
पिछले वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में केवल 315 एफआईआर और 312 गिरफ्तारियाँ हुई थीं; 112 वाहन जब्त हुए थे और लगभग एक लाख बोतल शराब बरामद हुई थी।
लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों में नियम उल्लंघन पर 7 एफआईआर दर्ज की गईं और कई बार सील किए गए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराई; त्योहारी सीजन में प्रवर्तन और तेज़ करने का ऐलान।
दिल्ली में पड़ोसी राज्यों से जुड़े लगभग 70 एंट्री पॉइंट तस्करी का मुख्य मार्ग बने हुए हैं।

दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच अवैध शराब की बिक्री और परिवहन से जुड़े मामलों में 725 एफआईआर दर्ज कीं और 730 लोगों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अवैध शराब ढो रहे 197 वाहनों को भी जब्त किया गया। यह कार्रवाई राजधानी में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार को रोकने के लिए विभाग की प्रवर्तन मुहिम का हिस्सा है।

पिछले साल से दोगुनी हुई कार्रवाई

आबकारी विभाग के आँकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 में इसी अप्रैल-अगस्त की अवधि में केवल 315 एफआईआर दर्ज हुई थीं और 312 लोग गिरफ्तार किए गए थे। उस दौरान 112 वाहन जब्त हुए थे और लगभग एक लाख बोतल अवैध शराब बरामद की गई थी। इस वर्ष इसी अवधि में एफआईआर की संख्या करीब 130% और गिरफ्तारियाँ लगभग 134% बढ़ी हैं, जो प्रवर्तन में उल्लेखनीय तेज़ी का संकेत है।

लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों पर भी कसा शिकंजा

अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच लाइसेंस प्राप्त स्थानों पर नियमों के उल्लंघन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। विभाग के बयान के अनुसार, ऐसे मामलों में सात एफआईआर दर्ज की गईं, संबंधित बार को सील किया गया, नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया गया और अन्य कानूनी कार्यवाही शुरू की गई।

मुख्यमंत्री गुप्ता का जीरो-टॉलरेंस का संदेश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार अवैध शराब के कारोबार के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति पर अडिग है और एक प्रभावी आबकारी नीति बनाने पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि नई नीति का केंद्र जन-सुरक्षा को मज़बूत करना, शराब व्यापार का जिम्मेदार नियमन सुनिश्चित करना, गुणवत्ता बनाए रखना और सरकारी राजस्व में वृद्धि करना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान वैध शराब की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

70 एंट्री पॉइंट बने चुनौती

आबकारी विभाग के अनुसार, दिल्ली की भौगोलिक सीमाएँ पड़ोसी राज्यों से जुड़ी हैं और शहर में छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 70 एंट्री पॉइंट हैं। इन्हीं रास्तों से अवैध शराब की तस्करी की संभावना बनी रहती है। विभाग का प्रवर्तन विंग इन सभी मार्गों पर लगातार निगरानी रखता है और संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करता है।

त्योहारी सीजन में और सख्ती की तैयारी

आबकारी विभाग ने कहा है कि आने वाले त्योहारी मौसम को देखते हुए प्रवर्तन गतिविधियाँ और तेज़ की जाएंगी। सरकारी निगमों द्वारा संचालित खुदरा दुकानों तथा होटल, क्लब और रेस्तरां जैसे ऑन-प्रिमाइसेस बिक्री केंद्रों के ज़रिए बॉन्डेड शराब की आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैध आपूर्ति और कड़ी निगरानी का यह दोहरा दृष्टिकोण अवैध बाज़ार को सिकोड़ने में अधिक कारगर हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह कार्रवाई अवैध बाज़ार को वास्तव में सिकोड़ती है या केवल आँकड़े बढ़ाती है। दिल्ली में 70 से अधिक एंट्री पॉइंट और पड़ोसी राज्यों की सस्ती शराब की उपलब्धता के चलते तस्करी की जड़ें गहरी हैं — जिन्हें अकेले छापेमारी से नहीं काटा जा सकता। नई आबकारी नीति का वादा स्वागतयोग्य है, लेकिन दिल्ली का आबकारी नीति इतिहास विवादास्पद रहा है — ऐसे में पारदर्शी क्रियान्वयन और स्वतंत्र निगरानी के बिना यह भी महज़ घोषणा बनकर रह सकती है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली आबकारी विभाग ने 5 महीनों में कितनी कार्रवाई की?
अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच दिल्ली आबकारी विभाग ने अवैध शराब के मामलों में 725 एफआईआर दर्ज कीं, 730 लोगों को गिरफ्तार किया और 197 वाहन जब्त किए। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में दोगुने से अधिक है।
पिछले साल की तुलना में इस साल कार्रवाई कितनी बढ़ी?
वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-अगस्त अवधि में 315 एफआईआर और 312 गिरफ्तारियाँ हुई थीं। इस साल 2026 में एफआईआर करीब 130% और गिरफ्तारियाँ लगभग 134% बढ़ी हैं। वाहन जब्ती भी 112 से बढ़कर 197 हो गई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अवैध शराब पर क्या नीति है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जीरो-टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि सरकार एक असरदार आबकारी नीति पर काम कर रही है जो जन-सुरक्षा, जिम्मेदार नियमन, गुणवत्ता और सरकारी राजस्व — इन चार लक्ष्यों पर केंद्रित होगी। त्योहारी सीजन में वैध शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
दिल्ली में अवैध शराब की तस्करी कैसे होती है?
दिल्ली की सीमाएँ पड़ोसी राज्यों से जुड़ी हैं और लगभग 70 छोटे-बड़े एंट्री पॉइंट हैं जहाँ से अवैध शराब शहर में आ सकती है। आबकारी विभाग का प्रवर्तन विंग इन सभी मार्गों पर लगातार निगरानी रखता है।
त्योहारी सीजन में दिल्ली में शराब की उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी?
सरकार ने कहा है कि सरकारी निगमों द्वारा संचालित खुदरा दुकानों और होटल, क्लब व रेस्तरां जैसे ऑन-प्रिमाइसेस केंद्रों के ज़रिए बॉन्डेड शराब की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रवर्तन गतिविधियाँ और तेज़ की जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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