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दिल्ली सरकार बनाएगी मोदी के ऊर्जा संरक्षण आह्वान को जन-आंदोलन: CM रेखा गुप्ता

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दिल्ली सरकार बनाएगी मोदी के ऊर्जा संरक्षण आह्वान को जन-आंदोलन: CM रेखा गुप्ता

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने PM मोदी के ऊर्जा संरक्षण संदेश को जमीन पर उतारने के लिए 'मेट्रो मंडे', 'नो व्हीकल डे' और 90-दिवसीय 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान का ऐलान किया। सरकार ने छह महीने नया वाहन न खरीदने और AC तापमान 24-26 डिग्री रखने का भी फैसला किया।

मुख्य बातें

CM रेखा गुप्ता ने 15 मई को दिल्ली सचिवालय में BJP विधायक दल की बैठक बुलाई और PM मोदी के ऊर्जा संरक्षण आह्वान को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
'मेट्रो मंडे' पहल के तहत विधायक सप्ताह में एक दिन मेट्रो से यात्रा करेंगे; 'नो व्हीकल डे' की भी अपील की गई।
दिल्ली सरकार ने अगले छह महीने तक कोई नया पेट्रोल, डीजल, CNG या हाइब्रिड वाहन न खरीदने का निर्णय लिया।
आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सरकारी विभागों में सप्ताह में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' लागू किया जाएगा।
सरकारी कार्यालयों में AC तापमान 24-26 डिग्री निर्धारित; मॉल्स में 'मेड इन इंडिया' कॉर्नर स्थापित होंगे।
90 दिवसीय 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान के तहत विधायक RWA, बाज़ार संघों और शिक्षण संस्थानों में जनसंपर्क करेंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार, 15 मई को दिल्ली सचिवालय में भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल की बैठक बुलाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण, संसाधन-बचत और जिम्मेदार जीवनशैली के आह्वान को राजधानी में जन-आंदोलन का रूप देने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधायकों से कहा कि वैश्विक ईंधन संकट और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री के संदेश को ज़मीनी स्तर पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विधायकों से अपील की कि वे स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें और नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग तथा ई-वाहनों के उपयोग के लिए प्रेरित करें।

'मेट्रो मंडे' पहल के अंतर्गत सभी विधायकों से कहा गया है कि वे सप्ताह में कम-से-कम एक दिन मेट्रो से यात्रा करें। साथ ही अपने काफिलों को सीमित रखने और ई-वाहनों को प्राथमिकता देने की भी अपील की गई।

सरकार के प्रमुख निर्णय

दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री के आह्वान को धरातल पर उतारने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सरकारी विभागों में सप्ताह में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' व्यवस्था लागू की जा रही है। निजी संस्थानों और कंपनियों को भी इस दिशा में सहयोग करने की सलाह दी गई है।

इसके अतिरिक्त सरकार ने अगले छह महीने तक कोई नया पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या हाइब्रिड वाहन न खरीदने का निर्णय लिया है। सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच निर्धारित किया गया है ताकि बिजली की खपत घटाई जा सके। प्रत्येक सोमवार 'मेट्रो मंडे' और सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' मनाने की अपील भी की गई है।

इसके साथ ही राजधानी के मॉल्स और सुपरमार्केट्स में 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे।

'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान

मुख्यमंत्री ने विधायकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की आरडब्ल्यूए, सामाजिक संस्थाओं, मार्केट एसोसिएशन और शिक्षण संस्थानों में जाकर दिल्ली सरकार के 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान की जानकारी फैलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 90 दिवसीय जनजागरूकता अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में सामूहिक भागीदारी का प्रयास है।

गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू किया गया है जब वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें और ऊर्जा की माँग दोनों दबाव में हैं।

आम जनता पर असर

मुख्यमंत्री के अनुसार यदि प्रत्येक नागरिक अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए तो देश ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निर्णय लेना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सहभागिता की भावना विकसित करना है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि दिल्ली इस अभियान में एक सफल मॉडल बनती है तो इसका सकारात्मक संदेश पूरे देश में जाएगा। आगे की रणनीति और विधायकों की जवाबदेही की समीक्षा अगली बैठक में की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

'नो व्हीकल डे', वर्क फ्रॉम होम — प्रतीकात्मक रूप से प्रभावशाली हैं, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। राजधानी में वायु प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या दशकों पुरानी है और इसके लिए अनेक नीतियाँ पहले भी आई हैं जो जमीन पर नहीं उतर सकीं। 90 दिवसीय अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विधायक वास्तव में अपने काफिले सीमित करते हैं या नहीं — और क्या निजी क्षेत्र सलाह को स्वैच्छिक मानकर नजरअंदाज करता है। बिना किसी जवाबदेही तंत्र के, यह अभियान एक और सुनियोजित घोषणा बनकर रह सकता है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार का 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान क्या है?
यह दिल्ली सरकार का 90 दिवसीय जनजागरूकता अभियान है जिसका उद्देश्य PM मोदी के ऊर्जा संरक्षण और जिम्मेदार जीवनशैली के संदेश को आम नागरिकों तक पहुँचाना है। इसके तहत विधायक RWA, बाज़ार संघों और शिक्षण संस्थानों में जाकर जनसंपर्क करेंगे।
'मेट्रो मंडे' पहल क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
'मेट्रो मंडे' दिल्ली सरकार की एक पहल है जिसके तहत विधायक हर सोमवार मेट्रो से यात्रा करेंगे ताकि आम नागरिक भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित हों। इसका उद्देश्य ईंधन की खपत घटाना और प्रदूषण कम करना है।
दिल्ली सरकार ने वाहन खरीद पर क्या निर्णय लिया है?
दिल्ली सरकार ने अगले छह महीने तक कोई नया पेट्रोल, डीजल, CNG या हाइब्रिड सरकारी वाहन न खरीदने का फैसला किया है। इसके बजाय ई-वाहनों को प्राथमिकता देने की नीति अपनाई जाएगी।
दिल्ली सरकारी कार्यालयों में 'वर्क फ्रॉम होम' कब से लागू होगा?
आवश्यक सेवाओं को छोड़कर दिल्ली के सरकारी विभागों में सप्ताह में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' व्यवस्था लागू की जा रही है। निजी संस्थानों और कंपनियों को भी इस दिशा में सहयोग करने की सलाह दी गई है, हालाँकि यह उनके लिए अनिवार्य नहीं है।
CM रेखा गुप्ता की विधायक दल बैठक में क्या मुख्य निर्देश दिए गए?
CM रेखा गुप्ता ने 15 मई को हुई बैठक में विधायकों को निर्देश दिया कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ईंधन बचत, कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाएं। साथ ही अपने काफिले सीमित करने और स्वयं 'मेट्रो मंडे' का पालन करने की भी अपील की गई।
राष्ट्र प्रेस
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