दिल्ली हाई कोर्ट का अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, सचदेवा ने कहा- न्यायाधीश नहीं अपराधी तय करेंगे
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नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दिल्ली आबकारी नीति मामले से जुड़े मामलों की सुनवाई से अलग होने की मांग की थी। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
वीरेंद्र सचदेवा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मैं इस फैसले का स्वागत करता हूँ। मेरा मानना है कि अपराधी यह नहीं तय कर सकते कि न्यायालय या न्यायाधीश कौन होगा। अरविंद केजरीवाल की समस्या यह है कि वे अति-चतुराई दिखाते हैं, जो उनकी राजनीतिक शैली है, और इसी अति-चतुराई के चलते वे मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। हमारे संविधान की ताकत यह है कि अदालत में दिए गए निर्णय, चाहे पक्ष में हो या विपक्ष में, यह महत्वपूर्ण नहीं है। न्यायालय के निर्णय हमेशा तथ्यों और निष्कर्षों पर आधारित होते हैं, न कि किसी नैरेटिव पर।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने एक्साइज केस में एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की थी। जिस प्रकार उन्होंने खुद को प्रस्तुत करने की नौटंकी की और बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, वह सीधा कोर्ट और न्याय व्यवस्था का उल्लंघन था। यह वह मर्यादा है जिसका पालन सार्वजनिक जीवन में हर किसी को करना चाहिए। इसलिए मैं आज के फैसले को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता हूँ। न्यायाधीश ने स्पष्ट रूप से कहा है कि न्याय किसी एक व्यक्ति की संपत्ति या निर्देश पर नहीं चलता। न्याय हमेशा सबूतों के साथ चलता है, तथ्यों और निष्कर्षों पर निर्भर करता है। यदि आप बेगुनाह हैं तो अदालत आपको माफ करेगी, और यदि आप दोषी हैं तो आपको अपराधी की तरह ही ट्रीट किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह हमारे न्याय व्यवस्था की खूबसूरती है कि न्यायाधीश आज भी आपको और अवसर दे रहे हैं, ताकि आप अपनी बात रख सकें। मेरा मानना है कि हमारे संविधान और न्याय व्यवस्था को इतना शानदार बनाया गया है कि हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का पूरा अवसर दिया जाता है। लेकिन इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश अरविंद केजरीवाल जैसे लोग करते हैं।