दिल्ली की न्याय व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार कर रही है सरकार: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 9 अगस्त 2026 को कहा कि दिल्ली सरकार नई पीढ़ी की कानूनी प्रतिभा और आधुनिक न्यायिक बुनियादी ढाँचे के समन्वय से राष्ट्रीय राजधानी की न्याय व्यवस्था को भविष्योन्मुख बना रही है। यह वक्तव्य उन्होंने दिल्ली नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में आयोजित एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता के समापन समारोह में युवा प्रतिभागियों से संवाद के बाद साझा किया।
नेशनल ट्रायल एडवोकेसी प्रतियोगिता का समापन
मुख्यमंत्री गुप्ता ने दिल्ली नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में 'थिंक इंडिया' के सहयोग से आयोजित पहली 'नेशनल ट्रायल एडवोकेसी प्रतियोगिता' के समापन समारोह में भाग लिया और युवा प्रतिभागियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'भारत की न्याय परंपरा ने हमेशा तर्क को प्राथमिकता, संविधान को पवित्रता और न्याय को सर्वोच्च स्थान दिया है।'
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की प्रतिभा और आधुनिक न्यायिक बुनियादी ढाँचे के मेल से यह विरासत और मज़बूत होगी। दिल्ली सरकार इसी सोच के साथ राष्ट्रीय राजधानी की न्याय व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पीतमपुरा दिल्ली हाट में तीज महोत्सव
इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री गुप्ता ने पीतमपुरा स्थित दिल्ली हाट में आयोजित तीज समारोह में हिस्सा लिया और महिलाओं के साथ त्योहार की खुशियाँ साझा कीं। दिल्ली पर्यटन विभाग द्वारा 8 और 9 अगस्त को आयोजित इस दो दिवसीय तीज महोत्सव में मेहंदी, बिंदी, रंगोली, 'तीज क्वीन-मिस तीज 2026' और 'बेस्ट ड्रेस फीमेल' जैसी प्रतियोगिताएँ शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाली तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम, प्रकृति और नारी शक्ति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि मानसून की हरियाली के बीच यह पर्व देवी पार्वती और भगवान शिव के अटूट प्रेम की पवित्र कथा को स्मरण करने का अवसर देता है।
सांस्कृतिक मंचों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि ऐसे त्योहार न केवल सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और एकजुटता की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार ऐसे सांस्कृतिक मंचों को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है जहाँ लोक परंपराएँ और कला युवा पीढ़ी तक पहुँचें और कलाकारों व शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिले।
आगे की दिशा
न्यायिक बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के ज़रिये दिल्ली सरकार एक साथ दो मोर्चों पर काम करती दिख रही है — युवाओं को कानूनी क्षेत्र में प्रोत्साहित करना और राजधानी की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना। इन प्रयासों का दीर्घकालिक प्रभाव दिल्ली की न्यायिक और सामाजिक संरचना पर देखा जाएगा।