दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बनीं लता गुप्ता, निर्मल जैन को अल्पसंख्यक आयोग की कमान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार ने 26 जुलाई 2025 को दो प्रमुख संवैधानिक आयोगों में नई नियुक्तियों की घोषणा की। लता गुप्ता को दिल्ली महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि निर्मल जैन को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्षता सौंपी गई है। दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इन नियुक्तियों की आधिकारिक जानकारी दी।
महिला आयोग में नई टीम
लता गुप्ता के नेतृत्व में गठित दिल्ली महिला आयोग की नई टीम में श्याम बाला, मालती वर्मा, लता सोढ़ी, सनरिका शर्मा झा और रेनू भल्ला को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह आयोग राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के संरक्षण के लिए उत्तरदायी प्रमुख संस्था है।
दिल्ली CMO ने एक्स पर लिखा, 'महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों के संरक्षण और सशक्तिकरण में दिल्ली महिला आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन नियुक्तियों से आयोग की कार्यक्षमता को नई गति मिलेगी तथा महिलाओं तक न्याय, संरक्षण और सहायता की पहुँच और अधिक प्रभावी होगी।'
अल्पसंख्यक आयोग में नए चेहरे
दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के नए अध्यक्ष निर्मल जैन के साथ कुलदीप सिंह और मोहम्मद हारून को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। दिल्ली CMO ने कहा, 'यह नियुक्तियाँ समाज के सभी वर्गों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण को सुदृढ़ करने तथा सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।'
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोनों आयोगों के नवनियुक्त अध्यक्षों और सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'दिल्ली महिला आयोग की नव-नियुक्त अध्यक्ष लता गुप्ता और सभी सदस्यगण को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ। पूर्ण विश्वास है कि आप सभी दिल्ली सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा, अधिकारों व सशक्तिकरण को नई दिशा देंगी और एक संवेदनशील, न्यायपूर्ण और सुरक्षित दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।'
अल्पसंख्यक आयोग की नियुक्तियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नई टीम 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के मंत्र को सशक्त करते हुए सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास को नई ऊर्जा देगी।
आगे की राह
गौरतलब है कि दिल्ली महिला आयोग लंबे समय से पूर्ण नेतृत्व की प्रतीक्षा में था। इन नियुक्तियों के बाद दोनों आयोगों से अपेक्षा है कि वे राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण से जुड़े लंबित मामलों पर तेज़ी से काम करेंगे।