निर्मल जैन बने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, सभी समुदायों तक योजनाएँ पहुँचाने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026: निर्मल जैन ने दिल्ली राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली है और सभी अल्पसंख्यक समुदायों तक केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से पहुँचाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने इस नियुक्ति को पार्टी नेतृत्व और दिल्ली सरकार द्वारा उन पर जताए गए विश्वास का प्रतीक बताया।
नियुक्ति और आभार
जैन ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके संगठन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विशेष आभार व्यक्त किया और कहा कि दिल्ली सरकार लगातार जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य कर रही है। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए आयोग भी समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम करेगा।
आयोग की संरचना
निर्मल जैन के साथ सरदार कुलदीप सिंह और मोहम्मद हारून सदस्य के रूप में आयोग में शामिल हैं। जैन ने स्पष्ट किया कि तीनों सदस्य मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि आयोग के दायरे में आने वाले सभी समुदायों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समान रूप से पहुँचे।
आयोग की प्राथमिकताएँ
जैन ने कहा कि आयोग का उद्देश्य किसी एक समुदाय तक सीमित न रहकर सभी पात्र अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की रक्षा करना और उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के अल्पसंख्यक समुदायों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना उनका प्रमुख लक्ष्य रहेगा।
प्रतिनिधित्व पर सवाल
आयोग में मुस्लिम प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसी भी धर्म या समुदाय के योग्य व्यक्ति को जिम्मेदारी देने का पूरा अधिकार है। उनके अनुसार, नियुक्तियाँ योग्यता और सरकार की प्राथमिकताओं के आधार पर होती हैं तथा आयोग का लक्ष्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की समान रूप से रक्षा करना है।
आगे की राह
नवगठित आयोग अब केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करते हुए समाज के सभी वर्गों के बीच विश्वास का वातावरण मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। जैन का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।