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लाजपत नगर रावण दहन विवाद: अनुमति रद्द होने पर भी आयोजन का ऐलान, AAP ने BJP पर साधा निशाना

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लाजपत नगर रावण दहन विवाद: अनुमति रद्द होने पर भी आयोजन का ऐलान, AAP ने BJP पर साधा निशाना

सारांश

दिल्ली के लाजपत नगर में दशहरे पर रावण दहन की अनुमति आयोजन से 12 घंटे पहले रद्द कर दी गई — AAP ने BJP और स्थानीय विधायक पर दबाव का आरोप लगाया। आयोजकों का साफ ऐलान: परमिशन हो या न हो, रावण जलेगा।

मुख्य बातें

लाजपत नगर के कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में दशहरे पर नियोजित रावण दहन की अनुमति आयोजन से 12 घंटे पहले रद्द कर दी गई।
AAP नेता प्रवीण कुमार ने BJP सरकार और विधायक तरविंदर सिंह मारवाह पर दबाव डलवाने का आरोप लगाया।
आयोजकों से ₹35,000 फीस माँगी गई थी और सभी शर्तें पूरी की गई थीं, इसके बाद भी अनुमति वापस ली गई।
मैदान मालिक विभाग DUSIB ने मौके पर पुलिस और अधिकारी भेजकर आयोजन रोकने की कोशिश की।
आयोजकों ने घोषणा की कि अनुमति रद्द होने के बावजूद रावण दहन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और DUSIB की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

नई दिल्ली के लाजपत नगर स्थित कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में दशहरा उत्सव के तहत नियोजित रावण दहन कार्यक्रम की अनुमति अंतिम समय में रद्द कर दिए जाने पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने कड़ा विरोध जताया है। AAP नेता और एमसीडी को-इंचार्ज प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि आयोजन से महज 12 घंटे पहले परमिशन रद्द की गई, जबकि सभी तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी थीं। इसके बावजूद आयोजकों ने स्पष्ट किया कि वे रावण दहन अवश्य करेंगे।

क्या है पूरा मामला

प्रवीण कुमार के अनुसार, कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में रावण दहन के लिए 15 अक्टूबर को अनुमति प्रदान की गई थी। इसके बाद आयोजन समिति ने पुतला निर्माण, टेंट और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूरी कर लीं। परंतु आयोजन से ठीक एक दिन पहले, मैदान के स्वामित्व वाले विभाग दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की ओर से अचानक सूचना दी गई कि ग्राउंड की अनुमति वापस ली जा रही है।

कुमार ने यह भी बताया कि आयोजकों से ₹35,000 की फीस माँगी गई थी और अनुमति के लिए निर्धारित सभी आवश्यक शर्तें पूरी की जा चुकी थीं। उनके अनुसार, मौके पर पुलिस और विभागीय अधिकारियों को भेजकर आयोजन रद्द किए जाने की सूचना दी गई।

BJP पर आरोप

AAP नेता ने आरोप लगाया कि यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार और स्थानीय विधायक तरविंदर सिंह मारवाह के दबाव में लिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और विधायक मारवाह को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि दिल्ली में रावण दहन की अनुमति रद्द करने का कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने BJP पर हिंदू त्योहार में जानबूझकर बाधा डालने का आरोप लगाया, हालाँकि BJP की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आयोजकों का रुख

प्रवीण कुमार ने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों और आयोजकों ने कार्यक्रम के लिए काफी मेहनत और तैयारी की है, और वे किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेंगे। उनके अनुसार, अनुमति रद्द होने के बावजूद रावण दहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बचपन से असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया जाता है और दशहरा उसी विचार का प्रतीक है — केवल एक दस्तावेज़ी विवाद के कारण समाज अपनी परंपरा नहीं छोड़ सकता।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर और दुनिया के कई हिस्सों में दशहरा 2025 धूमधाम से मनाया जा रहा है। AAP का कहना है कि दिल्ली में इस तरह की स्थिति उत्पन्न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। गौरतलब है कि त्योहारी आयोजनों की अनुमति को लेकर दिल्ली में राजनीतिक दलों के बीच टकराव की यह कोई पहली घटना नहीं है — अतीत में भी ऐसे विवाद सामने आ चुके हैं।

आगे क्या होगा

फिलहाल DUSIB और दिल्ली सरकार की ओर से अनुमति रद्द करने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। आयोजकों के आयोजन को आगे बढ़ाने के ऐलान के बाद यह देखना अहम होगा कि प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दोनों पक्षों के बीच कोई समाधान निकलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो DUSIB को पारदर्शी कारण बताने चाहिए। दूसरी ओर, आयोजकों का 'अनुमति के बिना भी आयोजन' का ऐलान कानूनी और सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से नई जटिलता पैदा करता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि यह घटना दिल्ली में एमसीडी और राज्य सरकार के बीच प्रशासनिक समन्वय की खामियों को भी उजागर करती है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाजपत नगर में रावण दहन की अनुमति क्यों रद्द की गई?
AAP नेता प्रवीण कुमार के अनुसार, मैदान के स्वामित्व वाले विभाग DUSIB ने आयोजन से 12 घंटे पहले अनुमति रद्द कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह BJP सरकार और स्थानीय विधायक तरविंदर सिंह मारवाह के दबाव में किया गया, हालाँकि DUSIB या BJP की ओर से अभी कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड रावण दहन विवाद में AAP की क्या भूमिका है?
AAP नेता और एमसीडी को-इंचार्ज प्रवीण कुमार ने इस मामले में BJP सरकार पर सीधे आरोप लगाए और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जवाब माँगा। उन्होंने आयोजकों के साथ खड़े होते हुए कहा कि रावण दहन अवश्य होगा।
क्या आयोजक अनुमति रद्द होने के बाद भी रावण दहन करेंगे?
हाँ, आयोजकों ने स्पष्ट ऐलान किया है कि अनुमति रद्द होने के बावजूद रावण दहन किया जाएगा। उनका कहना है कि समाज केवल एक दस्तावेज़ी विवाद के कारण अपनी परंपरा नहीं छोड़ेगा।
DUSIB क्या है और इस मामले में उसकी क्या भूमिका है?
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड का स्वामित्व रखने वाला विभाग है। इसी विभाग ने आयोजन से पहले अचानक अनुमति रद्द करने की सूचना दी और मौके पर पुलिस व अधिकारी भेजे।
इस विवाद का दिल्ली की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह घटना AAP और BJP के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव को और तेज़ कर सकती है, खासकर त्योहारी माहौल में। AAP पहले से BJP पर प्रशासनिक दुरुपयोग के आरोप लगाती रही है, और यह मामला उसी श्रृंखला में एक नया मोड़ है।
राष्ट्र प्रेस
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