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दिल्ली: रावण दहन से 12 घंटे पहले रामलीला अनुमति रद्द, आप ने BJP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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दिल्ली: रावण दहन से 12 घंटे पहले रामलीला अनुमति रद्द, आप ने BJP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

सारांश

दिल्ली के लाजपत नगर में दशहरे पर रावण दहन की अनुमति कार्यक्रम से 12 घंटे पहले रद्द — AAP ने BJP विधायक के दबाव का आरोप लगाया, सरकार चुप। ₹35,000 शुल्क जमा करने के बावजूद आयोजकों को आयोजन रोकने का निर्देश, लेकिन समिति अड़ी रही।

मुख्य बातें

लाजपत नगर के कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में रामलीला-रावण दहन की अनुमति रावण दहन से 12 घंटे पहले कथित तौर पर रद्द की गई।
रामलीला समिति को 15 अक्टूबर 2026 को डूसिब से अनुमति मिली थी और ₹35,000 का शुल्क जमा था।
AAP नेता प्रवीण कुमार ने BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह पर अनुमति रद्द कराने का दबाव डालने का आरोप लगाया।
BJP सरकार और डूसिब की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रामलीला समिति ने अनुमति रद्द होने के बावजूद रावण दहन करने के अपने निर्णय पर अडिग रहने की घोषणा की।

नई दिल्ली के लाजपत नगर स्थित कस्तूरबा निकेतन ग्राउंड में दशहरा 2026 पर आयोजित होने वाले रामलीला और रावण दहन कार्यक्रम की अनुमति कथित तौर पर 12 घंटे पहले रद्द कर दी गई, जिससे दिल्ली में तीखा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। आम आदमी पार्टी (AAP) ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर धार्मिक आयोजन में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

मुख्य घटनाक्रम

AAP के एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार के अनुसार, रामलीला समिति को 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) से विधिवत अनुमति प्राप्त हो चुकी थी। समिति ने इसके लिए ₹35,000 का शुल्क भी जमा कराया था। अनुमति मिलते ही आयोजकों ने रावण का निर्माण शुरू करा दिया और 15 अक्टूबर से मैदान में टेंट व आवश्यक सामग्री पहुँचनी शुरू हो गई।

प्रवीण कुमार का आरोप है कि कार्यक्रम से महज कुछ घंटे पहले डूसिब के अधिकारी आयोजन स्थल पर पहुँचे और अनुमति रद्द किए जाने की सूचना दी। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने 'ऊपर से फोन आने' का हवाला दिया।

BJP विधायक पर आरोप

AAP नेता प्रवीण कुमार ने दावा किया कि यह निर्णय BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह के दबाव में लिया गया। हालाँकि, ये आरोप केवल AAP की ओर से लगाए गए हैं और इस मामले में BJP सरकार, डूसिब या संबंधित विधायक का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।

प्रवीण कुमार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि 'क्या मुख्यमंत्री रावण को जलता हुआ नहीं देखना चाहतीं?' उन्होंने कहा कि BJP एक ओर भगवान राम के नाम का उपयोग करती है, और दूसरी ओर दशहरे जैसे सांस्कृतिक पर्व के आयोजन में बाधा डालती है।

आयोजकों की स्थिति

अनुमति रद्द होने के बावजूद रामलीला समिति ने रावण दहन करने के अपने निर्णय पर अडिग रहने की बात कही। प्रवीण कुमार ने कहा कि आयोजन स्थल पर समाज के लोग मौजूद हैं और समिति अपना पारंपरिक कार्यक्रम करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा, 'हिंदू समाज इतना कमजोर नहीं है कि केवल अनुमति पत्र रद्द होने के कारण अपना पारंपरिक कार्यक्रम छोड़ दे।'

सरकार की प्रतिक्रिया

फिलहाल BJP सरकार या डूसिब की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। AAP ने माँग की है कि सरकार बताए कि जब समिति ने सभी नियम और शर्तें पूरी की थीं, तो अंतिम समय पर अनुमति क्यों रद्द की गई।

क्या होगा आगे

यह मामला दिल्ली की राजनीति में AAP और BJP के बीच नई नोकझोंक का मैदान बन गया है। विपक्षी AAP इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। गौरतलब है कि दिल्ली में दशहरे के अवसर पर शहर भर में सैकड़ों रावण दहन आयोजन होते हैं और इस एकल घटना ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सरकार का आधिकारिक जवाब इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि खंडन न आने पर सार्वजनिक धारणा विपक्ष के आख्यान की ओर झुकती है। दशहरे जैसे हिंदू पर्व पर इस तरह का प्रशासनिक फैसला BJP के लिए राजनीतिक रूप से असुविधाजनक है, और AAP इसे चुनावी नफे-नुकसान के नज़रिए से भुनाने में पीछे नहीं रहेगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में रावण दहन की अनुमति क्यों रद्द की गई?
AAP नेता प्रवीण कुमार के अनुसार, डूसिब अधिकारियों ने 'ऊपर से फोन आने' का हवाला देते हुए कार्यक्रम से 12 घंटे पहले अनुमति रद्द की। उन्होंने BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह पर दबाव डालने का आरोप लगाया है, हालाँकि सरकार की ओर से अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है।
रामलीला समिति को अनुमति कब और किससे मिली थी?
रामलीला समिति को 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) से विधिवत अनुमति मिली थी। समिति ने ₹35,000 का निर्धारित शुल्क भी जमा कराया था और सभी तैयारियाँ पूरी कर ली थीं।
AAP ने इस मामले में किस पर आरोप लगाया है?
AAP के एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह पर दबाव डालकर अनुमति रद्द कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी सवाल पूछा है कि दशहरे जैसे पर्व के आयोजन में बाधा क्यों डाली जा रही है।
क्या आयोजन अंततः हुआ या रोक दिया गया?
रामलीला समिति ने अनुमति रद्द होने के बावजूद रावण दहन करने के अपने निर्णय पर अडिग रहने की बात कही। प्रवीण कुमार के अनुसार आयोजन स्थल पर समुदाय के लोग मौजूद थे और समिति कार्यक्रम करने के पक्ष में थी।
BJP सरकार या डूसिब ने इस मामले पर क्या कहा?
अभी तक BJP सरकार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधायक तरविंदर सिंह मारवाह या डूसिब की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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