18 सितंबर 2026
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दिल्ली पुलिस का नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, पाकिस्तानी हेरोइन समेत राजस्थान का आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस का नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, पाकिस्तानी हेरोइन समेत राजस्थान का आरोपी गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली-गुजरात में फैले नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई — ₹12 करोड़ की पाकिस्तानी हेरोइन, हवाला नोट और गुप्त कैविटी वाली कार बरामद। रोहित गोदारा-डेलाना गैंग का कथित सदस्य गिरफ्तार, पाकिस्तान स्थित ड्रग नेटवर्क से संबंध की जाँच जारी।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और गुजरात क्राइम ब्रांच के संयुक्त ऑपरेशन में 18 सितंबर 2026 को नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क का भंडाफोड़।
पाकिस्तान निर्मित 2 किलो हेरोइन बरामद, अनुमानित मूल्य ₹12 करोड़ ।
राजस्थान के चुरू निवासी कुलदीप स्वामी (31) गिरफ्तार; रोहित गोदारा व महेंद्र डेलाना गैंग से कथित संबंध।
आरोपी वडोदरा में दर्ज ₹10 करोड़ की जबरन वसूली के मामले में पहले से वांछित था।
बरामद कार में गुप्त कैविटी और हवाला टोकन वेरिफिकेशन नोट भी मिले।
पाकिस्तान स्थित ड्रग नेटवर्क से संभावित सीमा-पार कनेक्शन की जाँच जारी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुजरात क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर 18 सितंबर 2026 को एक संयुक्त ऑपरेशन में दिल्ली और गुजरात के बीच सक्रिय नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पाकिस्तान निर्मित 2 किलो हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी बाज़ार में अनुमानित कीमत करीब ₹12 करोड़ बताई जा रही है।

मुख्य गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन में रोहित गोदारा और महेंद्र डेलाना गैंग से कथित तौर पर जुड़े एक आरोपी को हिरासत में लिया गया। आरोपी की पहचान राजस्थान के चुरू जिले के निवासी कुलदीप स्वामी (31 वर्ष) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि स्वामी गुजरात के वडोदरा में दर्ज करीब ₹10 करोड़ की जबरन वसूली के एक हाई-प्रोफाइल मामले में पहले से वांछित था। जाँचकर्ताओं ने उसे एक बड़े नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क का हिस्सा बताया है।

बरामदगी में 2 किलो उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, एक कार और हवाला टोकन वेरिफिकेशन में इस्तेमाल होने वाले नोट शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि बरामद वाहन में एक गुप्त कैविटी (छिपी जगह) भी मिली है।

जाँच का दायरा और कनेक्शन

जाँचकर्ता अब इस नेटवर्क के गैंगस्टर गोदारा और डेलाना के साथ कथित संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं। साथ ही, जब्त हेरोइन की पाकिस्तान स्थित नशीले पदार्थों के नेटवर्क से संभावित कड़ी की भी जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि यह ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली पुलिस जबरन वसूली, नशीले पदार्थों और हथियारों से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।

पूर्व में हुई संबंधित कार्रवाइयाँ

इससे पहले 26 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने गोगी गैंग के दो कथित समर्थकों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान नरेला निवासी चिराग (22 वर्ष) और हरियाणा के सोनीपत निवासी सागर (26 वर्ष) के रूप में हुई थी। दोनों कथित तौर पर जबरन वसूली से जुड़े अपराधों की योजना बना रहे थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इन दोनों को 19 अगस्त को मुनक नहर के पास एक सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से .32 बोर की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, चार कारतूस, एक देसी सिंगल-शॉट पिस्तौल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।

एक अलग मामले में 19 मार्च 2026 को स्पेशल सेल की टीम ने हरियाणा के अंबाला निवासी घोषित अपराधी जसविंदर सिंह (26 वर्ष) को पकड़ा था। वह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत दर्ज मामले में फरार था और अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार, कुलदीप स्वामी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और हवाला-नशा कनेक्शन की पड़ताल जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गोदारा-डेलाना गैंग से जुड़े ऐसे नेटवर्क की सीमा-पार फंडिंग और सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की भी संलिप्तता आवश्यक हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हवाला नोट और गुप्त कैविटी — यह बरामदगी महज एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस जटिल सीमा-पार इन्फ्रास्ट्रक्चर की झलक है जो नशा, जबरन वसूली और हवाला को एक सूत्र में पिरोती है। गोदारा और डेलाना जैसे गैंग पहले से जेल में बंद या फरार हैं, फिर भी उनके नेटवर्क दिल्ली से वडोदरा तक सक्रिय हैं — यह सवाल उठाता है कि केवल 'निचले स्तर' के ऑपरेटिव पकड़ने से क्या सप्लाई चेन वास्तव में टूटती है। असली परीक्षा यह होगी कि जाँच हवाला चैनल और पाकिस्तान कनेक्शन तक पहुँचती है या केवल सतह-स्तर की कार्रवाई पर रुक जाती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है?
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और गुजरात क्राइम ब्रांच ने मिलकर दिल्ली व गुजरात के बीच सक्रिय एक नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर रोहित गोदारा और महेंद्र डेलाना गैंग से जुड़ा है। इस नेटवर्क का उपयोग नशीले पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली दोनों के लिए किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपी कुलदीप स्वामी कौन है?
कुलदीप स्वामी राजस्थान के चुरू जिले का 31 वर्षीय निवासी है, जो गुजरात के वडोदरा में दर्ज ₹10 करोड़ की जबरन वसूली के मामले में पहले से वांछित था। पुलिस के अनुसार वह रोहित गोदारा और महेंद्र डेलाना गैंग से जुड़े नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क का हिस्सा था।
बरामद हेरोइन कहाँ की है और इसकी कीमत क्या है?
बरामद 2 किलो हेरोइन पाकिस्तान में निर्मित बताई जा रही है और इसकी अनुमानित बाज़ार कीमत करीब ₹12 करोड़ है। पुलिस ने इसे उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बताया है और पाकिस्तान स्थित ड्रग नेटवर्क से इसके कनेक्शन की जाँच जारी है।
हवाला टोकन नोट और गुप्त कैविटी क्या संकेत देते हैं?
बरामद वाहन में मिली गुप्त कैविटी और हवाला टोकन वेरिफिकेशन नोट यह संकेत देते हैं कि यह नेटवर्क नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ अवैध धन हस्तांतरण (हवाला) प्रणाली का भी उपयोग कर रहा था। जाँचकर्ता इन सुरागों के आधार पर नेटवर्क की पूरी फंडिंग चेन खंगाल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने हाल के महीनों में और क्या कार्रवाइयाँ की हैं?
26 अगस्त 2026 को स्पेशल सेल ने गोगी गैंग के दो कथित समर्थकों — नरेला के चिराग (22) और सोनीपत के सागर (26) — को हथियारों सहित गिरफ्तार किया था। इससे पहले 19 मार्च 2026 को अंबाला के भगोड़े जसविंदर सिंह को भी आर्म्स एक्ट के मामले में पकड़ा गया था।
राष्ट्र प्रेस
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