दिल्ली-गुजरात नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क ध्वस्त: ₹12 करोड़ की हेरोइन बरामद, रोहित गोदारा गैंग का आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गुजरात क्राइम ब्रांच ने 18 सितंबर 2026 को एक संयुक्त अभियान में दिल्ली से गुजरात तक फैले एक बड़े नार्को-एक्सटॉर्शन नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में 2 किलो पाकिस्तानी मूल की उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत करीब ₹12 करोड़ बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपी का संबंध कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और महेंद्र डेलाना गैंग से बताया जा रहा है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुलदीप स्वामी (उम्र 31 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के चुरू ज़िले का निवासी है। पुलिस के अनुसार, कुलदीप स्वामी इस नार्को-एक्सटॉर्शन मॉड्यूल का एक सक्रिय सदस्य था और गुजरात के वडोदरा में दर्ज लगभग ₹10 करोड़ के एक हाई-प्रोफाइल एक्सटॉर्शन मामले में वांछित था।
बरामदगी का ब्यौरा
जांच के दौरान आरोपी के कब्ज़े से 2 किलो हेरोइन, एक मारुति स्विफ्ट डिज़ायर कार और हवाला लेन-देन की पुष्टि में इस्तेमाल होने वाला एक करेंसी नोट बरामद किया गया। उल्लेखनीय है कि बरामद कार में एक गुप्त कैविटी (सीक्रेट कम्पार्टमेंट) बनाई गई थी, जिसका उपयोग नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए किया जाता था।
नेटवर्क की जड़ें और पाकिस्तान कनेक्शन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह नशे की तस्करी से अर्जित धन का उपयोग जबरन वसूली और अन्य संगठित अपराधों को अंजाम देने में करता था। जांचकर्ता अब इस नेटवर्क के पाकिस्तान से जुड़े नारकोटिक्स सप्लाई चेन की भी पड़ताल कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गैंगस्टर रोहित गोदारा और महेंद्र डेलाना से जुड़े आपराधिक मॉड्यूल देश के कई राज्यों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
आगे की जांच
फिलहाल कुलदीप स्वामी से गहन पूछताछ जारी है और उसके शेष सहयोगियों की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियाँ इस मॉड्यूल की पूरी संरचना, फंडिंग के स्रोत और अन्य राज्यों में इसके संभावित विस्तार का खुलासा करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।