दिल्ली पुलिस ने खंजावाला में नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट फैक्ट्री का पर्दाफाश किया, एक गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने खंजावाला में नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
- मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
- भारी मात्रा में नकली उत्पाद और मशीनरी जब्त की गई।
- इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- पुलिस आगे की जांच कर रही है।
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में एक बड़ी अवैध यूनिट का सफल भंडाफोड़ किया है, जो नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट का उत्पादन कर रही थी। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली उत्पाद, मशीनरी और कच्चा माल जब्त किया गया है, और फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-1 की टीम को 2 अप्रैल को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि खंजावाला के महावीर विहार, सी-ब्लॉक में एक गोदाम में नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट का निर्माण हो रहा है। टीम ने इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के नेतृत्व में तुरंत कार्रवाई की। मौके पर 6 मजदूर ट्यूबों में पेस्ट भरने और सील करने का कार्य करते पाए गए।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नकली सामान जब्त किया, जिसमें 1,800 भरी हुई और सील की हुई नकली सेंसोडाइन ट्यूबें, 10,472 खाली ट्यूबें, 616 ढक्कन लगी हुई खाली ट्यूबें और 1,224 पहले से भरी हुई एवं पैक की हुई ट्यूबें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 130 किलोग्राम नीला कच्चा पेस्ट, एक भरने और सील करने वाली मशीन, सेंसोडाइन ब्रांडिंग वाले कार्टन, कैप्स, श्रिंक स्लीव्स, हीटिंग गन, गोंद और अन्य पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की गई।
सभी सामान अस्वच्छ स्थितियों में तैयार किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा था। नकली टूथपेस्ट में इस्तेमाल होने वाला पेस्ट स्थानीय और घटिया गुणवत्ता का था।
मुख्य आरोपी हरि ओम मिश्रा (उम्र 58 वर्ष, निवासी सेक्टर-2, रोहिणी) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने गोदाम किराए पर लिया था और बिना किसी लाइसेंस या ब्रांड मालिक की अनुमति के खाली सेंसोडाइन ट्यूबों में कच्चा पेस्ट भरकर बेचने के लिए पैक कर रहा था। मजदूरों में अधिकांश बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। पुलिस ने मौके पर मौजूद अधिकृत ब्रांड प्रतिनिधि राजेश कुमार से भी पुष्टि कराई, जिन्होंने सभी सामान को नकली बताया।
इस मामले में क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं, अन्य सहयोगियों और वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।