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क्या दिल्ली के रोहिणी में साइबर पुलिस ने चोरी के फोन से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया?

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क्या दिल्ली के रोहिणी में साइबर पुलिस ने चोरी के फोन से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया?

सारांश

दिल्ली के रोहिणी में साइबर पुलिस ने चोरी के फोन से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब एक व्यक्ति ने अपने खोए हुए फोन के माध्यम से पैसे निकालने की शिकायत की।

मुख्य बातें

चोरी के फोन का उपयोग कर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश।
तीन आरोपी गिरफ्तार, जिनके पास सबूत बरामद हुए।
साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सक्रियता।

नई दिल्ली, 5 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की रोहिणी साइबर शाखा ने चोरी और छीने गए मोबाइल फोन के माध्यम से बैंक खातों से पैसे निकालने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है।

इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है: सचिन (35), जो सेक्टर 22, रोहिणी का निवासी है; करूराज उर्फ अमरजीत (21), निवासी रिठाला, सेक्टर 5, रोहिणी; और आकाश उर्फ विशाल उर्फ केडी (28), निवासी पूठ कलां। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, 17 हजार रुपए नकद, और एक रजिस्टर बरामद किया है, जिसमें ठगी के खातों की जानकारी थी।

यह मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की कि 4 अप्रैल 2025 को उनका फोन खो जाने के बाद उनके बैंक खाते से 1,36,210 रुपए की ठगी हुई।

साइबर थाना रोहिणी में एफआईआर दर्ज की गई और इंस्पेक्टर प्रवीण चौहान की अगुवाई में एक टीम बनाई गई, जिसमें एसआई अजीत सिंह, एचसी मनोज, नवीन, सतीश और डब्ल्यू/एचसी प्रज्ञा शामिल थे।

जांच में पता चला कि ठगी की रकम रोहिणी के विभिन्न एटीएम से निकाली गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें दो लोग पैसे निकालते दिखे। मुखबिर की मदद से उनकी पहचान सचिन और आकाश के रूप में हुई। सचिन ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह पकड़ लिया गया।

पूछताछ के दौरान सचिन ने बताया कि वह आकाश के साथ मिलकर ठगी करता था। आकाश 'मूल अकाउंट' की व्यवस्था करता था, और सचिन रोहिणी के एटीएम से पैसे निकालता था। आरोपियों ने खुलासा किया कि करूराज, जो रिठाला में सीएससी केंद्र चलाता है, 'मूल अकाउंट' उपलब्ध कराता था। वह बिना लोगों की जानकारी के उनके दस्तावेजों से खाते खोलता था।

करूराज चोरी के फोन लेता था, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया, जो पहले जांच में गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। यह मामला 14 साइबर पोर्टल शिकायतों से जुड़ा है।

डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता है। जांच अभी जारी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ये गिरोह कैसे काम करता था?
ये गिरोह चोरी के फोन का इस्तेमाल कर ठगी करता था। आरोपी लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालते थे।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या पुलिस ने कोई सबूत बरामद किए?
हाँ, पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, नकद और ठगी के खातों की जानकारी वाला रजिस्टर बरामद किया।
राष्ट्र प्रेस
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