दिल्ली में स्मार्ट सबस्टेशन और 'सोलेराइज ईस्ट' अभियान की शुरुआत, ₹1,427 करोड़ के निवेश से बिजली ढाँचे का कायाकल्प
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने 19 जुलाई 2026 को पूर्वी दिल्ली में बिजली बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा विस्तार की दिशा में दो महत्वपूर्ण पहल एक साथ शुरू कीं। गांधी नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पैड माउंटेड सबस्टेशन का उद्घाटन और 'सोलेराइज ईस्ट' अभियान की शुरुआत — ये दोनों कदम दिल्ली की ऊर्जा व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बिजली मंत्री सूद ने गांधी नगर में स्मार्ट पैड माउंटेड सबस्टेशन का उद्घाटन किया, जो पारंपरिक सबस्टेशनों की तुलना में कम जगह में अधिक दक्षता से बिजली वितरण करने में सक्षम है। इसके साथ ही उन्होंने 'सोलेराइज ईस्ट' अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के अंतर्गत पूर्वी दिल्ली के अधिकाधिक नागरिकों को रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़ना है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा (सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं कॉर्पोरेट मामले), विधायक, पार्षद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के प्रतिनिधि, हाउसिंग सोसायटियों के सदस्य और BYPL के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
निवेश और बुनियादी ढाँचे पर ज़ोर
सूद ने बताया कि सिर्फ एक वर्ष में बिजली क्षेत्र के पूँजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) में ₹1,427 करोड़ का निवेश किया गया है। यह निवेश ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को सुदृढ़ करने, नए सबस्टेशन स्थापित करने, पुराने बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन और स्मार्ट तकनीक को तेज़ गति से अपनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, 'हमारा मकसद सिर्फ बिजली देना नहीं है, बल्कि भरोसेमंद, सस्ती, स्मार्ट और अब ग्रीन बिजली पहुँचाना है।'
रिकॉर्ड पीक डिमांड और आपूर्ति की स्थिरता
बिजली मंत्री ने बताया कि दिल्ली में इस वर्ष अब तक की सर्वाधिक पीक पावर डिमांड 8,748 मेगावाट दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि इतनी अधिक माँग के बावजूद राजधानी में बिजली कटौती की कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। सूद ने इसे दिल्ली सरकार की दूरदर्शी योजना, वितरण कंपनियों की क्षमता और इंजीनियरों की लगन का परिणाम बताया।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में गर्मियों के दौरान बिजली की माँग में तेज़ उछाल देखा जाता है और पुरानी प्रणाली पर दबाव बढ़ता है। स्मार्ट सबस्टेशन और रूफटॉप सोलर के विस्तार से उद्योग, व्यापार, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएँ और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। गौरतलब है कि केंद्र की पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर अपनाने वाले परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है।
क्या होगा आगे
दिल्ली सरकार का लक्ष्य बिजली क्षेत्र को और अधिक स्मार्ट, ग्रीन और भविष्य के लिए तैयार बनाना है। 'सोलेराइज ईस्ट' अभियान के ज़रिये पूर्वी दिल्ली से शुरू हुई यह मुहिम आगे चलकर दिल्ली के अन्य हिस्सों तक विस्तारित होने की संभावना है। स्मार्ट पैड माउंटेड सबस्टेशन का यह मॉडल राजधानी के अन्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।