दिल्ली में 3 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम अब शून्य अग्रिम लागत पर, CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 सितंबर 2026 को दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि वित्त वर्ष 2025-26 में 400 यूनिट तक औसत मासिक खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती लागत के लगाए जाएंगे। यह घोषणा 'दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023' में किए गए दूसरे संशोधन के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य राजधानी के आम घरों तक सौर ऊर्जा की पहुँच सुनिश्चित करना है।
सब्सिडी संरचना और वित्तीय प्रावधान
नई नीति के अंतर्गत केंद्र सरकार की ₹78,000 की सब्सिडी के साथ-साथ दिल्ली सरकार भी ₹78,000 की अतिरिक्त कैपिटल सब्सिडी प्रदान करेगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार एक अतिरिक्त टॉप-अप के माध्यम से सोलर प्लांट की टेंडर लागत और दी जाने वाली सब्सिडी के बीच के अंतर को भी वहन करेगी। इस प्रकार उपभोक्ता को स्थापना के समय कोई भुगतान नहीं करना होगा।
गौरतलब है कि पहले उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए अग्रिम भुगतान करना पड़ता था, जबकि इंसेंटिव बाद के वर्षों में मिलते थे। नई व्यवस्था इस क्रम को पलटती है और शुरुआती चरण में ही आर्थिक सहायता को प्राथमिकता देती है।
ऊर्जा बचत प्रोत्साहन और नेट मीटरिंग
200 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को मौजूदा 100 प्रतिशत बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। इसके साथ ही, वे सोलर पावर से ऊर्जा बचाने पर एनर्जी-सेविंग इंसेंटिव भी अर्जित कर सकेंगे। 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगभग 300 यूनिट बिजली उत्पन्न कर सकता है — यदि कोई परिवार केवल 200 यूनिट उपयोग करता है, तो शेष 100 यूनिट ग्रिड को भेजकर अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है।
ग्रिड को आपूर्ति की गई अतिरिक्त सोलर बिजली का भुगतान डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी) की औसत बिजली खरीद लागत के आधार पर किया जाएगा। पात्र उपभोक्ताओं को मासिक बिजली बिलों पर नेट मीटरिंग का लाभ भी मिलेगा।
रखरखाव और दीर्घकालिक व्यवस्था
सरकार द्वारा स्थापित सोलर सिस्टम का संचालन और रखरखाव संबंधित वेंडर द्वारा अनिवार्य रूप से पाँच वर्षों तक किया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ताओं के पास डिस्कॉम के माध्यम से सोलर इंस्टॉलेशन का रखरखाव सिस्टम के 25 वर्षीय जीवनकाल तक जारी रखने का विकल्प होगा, जिससे उन्हें तकनीकी देखभाल की चिंता से मुक्ति मिलेगी।
पीएम सूर्य घर योजना से जुड़ाव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस नीति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के विज़न को दिल्ली में और सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊर्जा मंत्री आशीष सूद भी उपस्थित रहे।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में रूफटॉप सोलर अपनाने की गति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नीतिगत प्रयास कर रही हैं। दिल्ली का यह कदम उन राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकता है जो अग्रिम लागत की बाधा को सौर ऊर्जा विस्तार की सबसे बड़ी चुनौती मानते हैं।
आगे की राह
नई नीति के लागू होने के बाद दिल्ली के घरेलू उपभोक्ता न केवल बिजली के उपभोक्ता रहेंगे, बल्कि उत्पादक की भूमिका भी निभाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इस संशोधित नीति से अधिक से अधिक परिवार सोलर ऊर्जा की ओर रुख करें और दिल्ली के ऊर्जा क्षेत्र में हरित बदलाव को गति मिले।