दिल्ली विधानसभा को मिली बम से उड़ाने की धमकी, अध्यक्ष ने विपक्ष की गैरहाजिरी पर साधा निशाना
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
- अध्यक्ष ने विपक्ष की गैरहाजिरी पर सवाल उठाए हैं।
- पुलिस ने धमकी को गंभीरता से लिया है।
- आतंकवादी ताकतों का संभावित शामिल होना चिंता का विषय है।
- सदन में सबकी मौजूदगी लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन में बताया कि स्पीकर कार्यालय को एक और धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ है, जिसमें दोपहर 1:40 बजे विस्फोट की बात की गई थी।
उन्होंने बताया कि मेल में 16 आरडीएक्स आईईडी लगाने का दावा किया गया है। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचित किया गया है। दिल्ली पुलिस का बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचा और पूरे परिसर की गहन जांच की गई।
अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले की हर पहलू से जांच आवश्यक है, क्योंकि इसमें आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी ताकतों का शामिल होना संभावित है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शक्तियों को कहीं न कहीं से समर्थन मिल रहा है, जिसका खुलासा होना जरूरी है।
इसी दौरान, उन्होंने विधानसभा सत्र में विपक्ष की गैरहाजिरी पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने विपक्ष के नेताओं और विधायकों से अपील की कि वे सदन से दूरी न बनाएं और अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि सदन में अनुपस्थित रहकर ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। सीएजी, पीएसी और अन्य रिपोर्ट्स के साथ-साथ बजट पर चर्चा से दूर रहना जनता की उम्मीदों के विपरीत है।
अध्यक्ष ने विपक्ष पर गैर-जिम्मेदार व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की समान जिम्मेदारी होती है, लेकिन विपक्ष इस भूमिका को ठीक से निभाता नजर नहीं आ रहा है। जनता सब देख रही है और इस तरह का रवैया भविष्य में विपक्ष की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।
अध्यक्ष ने विपक्ष से 27 मार्च को सदन में उपस्थित होकर चर्चा में भाग लेने की अपील की। उन्होंने अपने विपक्ष में रहने के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि संख्या कम होने के बावजूद उन्होंने कभी सदन का बहिष्कार नहीं किया और लगातार जनता के मुद्दे उठाए।