विधायकों का सदन बहिष्कार: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की कड़ी प्रतिक्रिया
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नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र के दौरान विपक्षी आम आदमी पार्टी के विधायकों के व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आप विधायकों ने किसी ठोस मुद्दे के बिना सदन का बहिष्कार किया और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया।
सत्र समाप्त होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजेंद्र गुप्ता ने कहा, "यह चिंताजनक है कि इस सत्र में विपक्ष ने पूरी तरह से नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने बिना किसी स्पष्ट मुद्दे के विरोध के नाम पर सदन की कार्यवाही से दूरी बनाई। देश की संसदीय परंपरा में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि सदस्य बिना किसी स्पष्ट मुद्दे के सदन से दूर रहें।"
गुप्ता ने आगे कहा, "सदन की कार्यवाही को बाधित करना, उसकी गरिमा को नजरअंदाज करना और बाद में गलत जानकारी फैलाने का प्रयास अनुशासनहीनता का संकेत है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।"
स्पीकर ने बताया कि 23 मार्च से 27 मार्च तक चले इस सत्र में कुल 15 घंटे 16 मिनट का काम हुआ, जो एक संगठित और परिणामदायक सत्र था।
उन्होंने कहा कि इस दौरान विपक्ष का व्यवहार संसदीय कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। सदन नियमों के अनुसार चलता है और बार-बार मौका देने के बावजूद चर्चा में हिस्सा न लेना जिम्मेदारी से बचने जैसा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को स्पष्ट रूप से बताया गया था कि यदि कोई शिकायत है, तो वे सदन में आकर अपनी बात रख सकते हैं और चर्चा के लिए समय दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद वे उपस्थित नहीं हुए।
स्पीकर ने यह भी स्पष्ट किया कि निलंबन का मामला 21 मार्च की बैठक में विपक्ष के नेता को समझाया गया था। उन्होंने बताया कि निलंबन सत्र तक ही लागू रहता है और सदन स्थगित होने के बाद यह अपने आप समाप्त हो जाता है, जब उपराज्यपाल की मंजूरी से नोटिफिकेशन जारी होता है।
उन्होंने कहा कि नियम 77 के तहत निलंबित सदस्य सदन परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते, न बैठकों या समितियों में भाग ले सकते हैं। हालांकि, स्पीकर विशेष अनुमति देकर किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए उन्हें प्रवेश दे सकते हैं।